दुख-सुख की कहानी पेश करती रहीं जैकलीन लौरेंस

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पटना। सोनी टी.वी. पर 9 बजे प्रदर्शित किया जाता है कौन बनेगा करोड़पति। नागपुर,महाराष्ट्र से आयी थीं जैसमीन लौरेंस। डाक्टर बनना चाहती थीं। अपना स्कूल है और स्कूल की प्राचार्य हैं। एक बच्ची हैं। बी.एससी की थीं। नाम के आगे 'डाक्टर' लगाना चाहती थीं ऐसा नहीं होने से जैसलीन निराश नहीं हुई। सोसियोलॉजी में एम.ए.कर लीं। इसके बाद पी.एचडी कर ली। इसके साथ ही आखिरकार नाम के डॉक्टरेड लगाने लगी.डॉ.जैसलीन लौरेंस। अतीत के बारे में जैसलीन कहती हैं कि 11 साल की अवस्था में ही प्यार के झूले में झूलने लगे। मेरी मम्मी और उनके नानी का द्यर पास-पास है। मैं और वे संडे क्लास जाते थे। हमदोनों का एक ही चर्च था। लव कब परवान पर चढ़ गया वह पता ही नहीं चला। आखिर पता कैसे चलता वे तो व्हिसिल ( सीटी) बजाकर आर्कषित करते रहे। जल्द ही शादी कर लिये। 1987 में शादी हो गयी। पीछे से साड़ी में आग लग गयी। विवाह का 1प्रथम सालगिरह हॉस्पिटल में मनाना पड़ा। 1988 में  6 माह तक हॉस्पिटल में ही रहे। यह भी कहा कि प्रेमयुक्त पारिवारिक माहौल में पतिदेव के थ्रॉट में जानलेवा कैंसर हो गया। दवा -दारू के साथ प्रेम के बल पर कैंसर फुर्र हो गया। 40 साल के पतिदेव कैंसर मुक्त हो गये। कौन बनेगा करोड़पति के संचालक को विख्यात कवि हरिवंशराय बच्चन की छाया फ्रेम दी। जैसलीन कहती हैं कि 35 साल से इंतजार कर रही थीं दर्शन करने को जो आज पूर्ण हो गया। वहीं पतिदेव ने सीटी बजाकर 'मुकद्दर के सिकंदर' का गाना हो साथी रे तेरे बिना क्या जीना... गीत पेश किया। एक सवाल के जवाब देने में जैकलीन फंस गयी।यह सवाल था किस सामाजिक बुराई से लड़ने के बैज़वाड़ा विल्सन को 2016 में रेमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया?


(A) कन्या भ्रूर्ण हत्या (B) भ्रष्टाचार (C) बाल मजदूरी (D) मेला ढोने की प्रथा।
फोने-ए- फ्रेंड से सिस्टर इन लॉ डाक्टर सुनीता लौरेंस से जैकलीन सवाल पूछी। दीदी का जवाब (C) बाल मजदूरी और (D)मेला ढोने की प्रथा। इस जवाब से जैकलीन निकलने के लिये फोर्थ हेल्प ली। जैकलीन का भतीजा अखिलेश लैजरूस को बुलाया गया। वह भी बता नहीं सका। अंत में जैकलीन क्वीक कर गयी। 40 हजार लेकर द्यर गयीं। संचालक को निर्णय जैकलीन बतायी कि (D) मेला ढोने की प्रथा। संचालक अभिताभ बच्चन ने कहा यह सही जवाब होता।
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