झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 13 सितम्बर

पेटलावद ब्लास्ट कांड के सभी पी़िडतों को जो सुविधाओं से वंचित रहे गए हैं उन्हें प्रशासन सुविधा तुरंत मुहैया कराए
  • भाजपा जिलाध्यक्ष दौलत भावसार ने की मांग

झाबुआ. भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष दौलत भावसार ने एक लिखित पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की है कि पेटलावद ब्लास्ट कांड के जो भी पीड़ित शासन और प्रशाासन की सुविधा से वंचित रह गए हैं उन्हें त्वरित चिन्हित कर शासन की मंशानुसार लाभान्वित करने का प्रयास करें। तत्संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष भावसार ने पेटलावद ब्लास्ट कांड की दूसरी बरसी पर जिला कलेक्टर को मोबाइल पर विस्तृत चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री के मंशानुरूप संवैदनशीलता के साथ जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य उच्च अधिकारियों को पेटलावद भेजकर पीड़ितों को लाभ पहुंचाने हेतु भेजने की मांग की। तत्संबंध में जिला कलेक्टर आशीष सक्सेना ने भावसार को आश्वस्त करते हुए कहा कि शीघ्र हम उच्च अधिकारियों की एक टीम भेजकर आपकी मांग अनुसार कार्रवाई करने का प्रयास करेंगे। उक्त जानकारी भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अंबरीष भावसार द्वारा हमारे प्रतिनिधि के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है।


जिला थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार के वार्षिक सम्मेलन को भावसार ने संबोधित किया

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झाबुआ। जिला थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार झाबुआ के वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर सम्मेलन की अध्यक्षता थोक उपभोक्ता भंडार की उपाध्यक्ष श्रीमती श्रीवास ने की। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष एवं थोक उपभोक्ता भंडार के संचालक दौलत भावसार, डीआर श्री बड़ौले एवं वरिष्ठ सहकारी नेता यशवंत भंडारी ने वार्षिक सम्मेलन में उपस्थित सदस्यों व भंडार के कर्मचारियों को संबोधित किया तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सहकारी जगत की यह महत्वपूर्ण संस्थान है और इसके माध्यम से को-आॅपरेटिव का संदेश हम नीचे तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा बिना सहकार नहीं उद्धार का मूल मंत्र लेकर उक्त संस्था के सर्वांगिण उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। भावसार ने कहा नवीन संचालक मंडल के पदभार ग्रहण के बाद हम लोगों ने उक्त संस्था को लाभांश की स्थिति में ले आए तथा एलपीजी गैस गोडाउन की समस्या का निदान करते हुए प्रभारी मंत्री एवं सहकारी मंत्री विश्वास सारंग के सहयोग से संचालक मंडल की मांग पर एलपीजी गैस गोडाउन के लिए जमीन उपलब्ध हो गई है जिस पर शीघ्र सर्वसुविधायुक्त गैस सिलेंडर रखने का काम शुरू हो जाएगा जिसका काम प्रगति पर है। भावसार ने कहा कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की हमने उनकी मांग अनुसार वेतनवृद्धि का भी प्रयास किया है। वार्षिक सम्मेलन में सर्वसम्मति से सर्वसम्मति से जो प्रस्ताव पारित किए हैं उस पर बोलते हुए भावसार ने कहा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बांटे जाने वाले निःशुल्क गैस सिलेंडरों को भंडार के संचालक मंडल द्वारा वितरित कराया जाए ताकि भाजपा सरकार और संगठन का संदेश हितग्राहियों तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर भंडारी ने कहा जिन संस्थाओं पर थोक भंडार का ऋण शेष है उनके खिलाफ धारा 64 में डीआर कार्यालय में वाद दायर कर राशि वसूल की जाए। राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर उन्हें डिफाल्टर घोषित किया जाए। उक्त कार्रवाई के लिए सर्वसहमति से विधि सलाहकार रखकर उसके माध्यम से वाद दायर करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित डीआर ने कहा जिला थोक उपभोक्ता भंडार के संचालक मंडल ऋणी संस्थाओं के खिलाफ विधिवत धारा 64 में यदि वाद दायर करता है तो हम विधिवत कार्रवाई कर उन संस्थाओं की संपत्ति कुर्क करेंगे तथा ऋण नहीं भरने की स्थिति में वहां के संचालक मंडल को भी डिफाल्टर घोषित करेंगे। वार्षिक सम्मेलन के समापन पर थोक भंडार के प्रबंधक लोकेंद्र राठौर द्वारा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर संचालक रमेश जैन, संजय श्रीवास, दौलत भावसार आदि उपस्थित थें

साहूकार प्रथा को लेकर जिला प्रशासन के विरुद्ध न्यायालय की शरण में जा सकते है जयस 
  • जयस की जिला कोर बैठक में प्रस्ताव पारित 

झाबुआ। देश में 1950 से सारी व्यवस्थाए और कार्य देश के संविधान में लिखित और वर्णित नियमो के अनुसार हो रही है। यही संविधान इस देश को दुनिया के सामने एक मजबूत लोकतंत्र बनाए हुई है। फिर भी इसे आज-तक हम आदिवासी समाज द्वारा जमीन पर नहीं देखा गया। भारतीय संविधान में 5वी अनुसूची के रूप में एक और संविधान इसीके अन्दर मौजूद है। देश के बड़े भू-भाग में बसे हम आदिम निवासी आदिवासी समाज 5वी अनुसूची के द्वारा संचालित होता है। चूँकि हम समाज सामाजिक और धार्मिक रूप से देश में निवासरत अन्य समाजो व उनकी धार्मिक क्रिया कलापो से बिलकुल भिन्न है। इन्ही सारी बातो को ध्यान में रखते हुए संविधान में हम आदिवासी समाज को सर्वाधिक संवैधानिक शक्ति सम्पनता प्रदान की गई। पर कालान्तर में हमारे संवैधानिक हक अधिकारों के प्रति स्थानीय शासन प्रशासन का रवैया उदासीन भरा हो चूका है। जिसके चलते हमारी संघर्ष पूर्ण और दयनीय स्थिति पैदा होने लगी है। लेकिन वर्ष 2014 के जून माह के पहले पखवाड़े में तत्कालीन कलेक्टर श्री बी चंद्रशेखर जी द्वारा आदेश पारित करते हुए कहा गया था कि यदि उन्होने किसी साहूकार से ऋण लिया है, तो उन्हे अब ऋण चुकाने की आवश्यकता नहीं है एवं ऋण चुकाने के लिए कोई भी साहूकार किसी आदिवासी व्यक्ति को बाध्य नहीं कर सकता। यदि साहूकार ऋण चुकाने के लिए बाध्य करता है, तो साहूकार को दो वर्ष तक का कारावास अथवा 10 हजार रूपये तक का जुर्माना हो सकता है। अथवा कारावास एवं जुर्माना दोनो से दण्डित किया जा सकता है। उनके आदेशानुसार साहूकारी के संव्यवहार के विनियमन एवं नियंत्रण के लिए मध्यप्रदेश साहूकार संशोधन अधिनियम के तहत साहूकारो के रजिस्ट्रीकरण एवं रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के संबंध में आदेश जारी कर अधिनियम की धारा 11 ख की उपधारा-1 का उल्लेख करते हुए बताया है कि कोई भी रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र संविधान के अनुच्छेद-244 के खण्ड(1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्र में साहूकारी कारोबार करने के लिए नहीं दिया जाएगा। उनके आदेशानुसार जिले की तहसीले रानापुर, मेघनगर, थांदला, झाबुआ एवं पेटलावद पूर्ण रूप से संविधान के अनुच्छेद-244 के खण्ड(1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्र की श्रेणी में आती है। अतः उक्त अधिनियम की धारा-11 (ख) के अनुसार झाबुआ जिले की तहसीले रानापुर, मेघनगर, थांदला एवं पेटलावद में किसी भी व्यक्ति को न तो कोई रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र दिया जा सकता है और न ही कोई व्यक्ति साहूकारी कारोबार कर सकता है।
श्री बी चंद्रशेखर जी ने साहूकारी लायसेंस किया था शून्य--
कतिपय अधिकारियों द्वारा पूर्व में साहूकारी लायसेंस या रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र जारी किए गए है एवं वर्तमान में उनका नवीनीकरण भी किया गया है। अतः ऐसे समस्त प्रमाण-पत्र या साहूकारी लायसेंस उक्त अधिनियम की धारा-11(ख) के प्रभाव से स्वयं ही निष्फल एवं शुन्य है। अतः जिले में कोई भी व्यक्ति साहूकारी कारोबार करने के लिए न तो पंजीकृत है और न ही अधिकृत है। सम्पूर्ण झाबुआ जिले में अनाधिकृत रूप से पूर्व में किये गये एवं वर्तमान में किए गये समस्त साहूकारी संव्यवहार उक्त अधिनियम के उल्लंघन की श्रेणी में आते है। अतः ऐसे समस्त संव्यवहार स्वमेव शून्य हो जाते है। एवं वर्तमान में प्रचलित किसी अन्य विधि के अनुसार कोई संव्यवहार वैघ हो तो, उसे छोडकर समस्त साहूकारी संव्यवहार  शून्य किए गए थे। 
दो वर्ष तक का कारावास एवं 10 हजार तक जुर्माना हो सकता हैं--
मध्यप्रदेश साहूकार संशोधन अधिनियम के तहत सम्पूर्ण झाबुआ जिले में कोई भी साहूकार विधिमान्य रूप से साहूकारी कारोबार करने के लिए रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र धारण नहीं करता है, ऐसा कोई भी साहुकार यदि किसी व्यक्ति को ऋण अदायगी के लिए बाध्य करता है तो वह उक्त अधिनियम के अनुसार दो वर्ष तक के कारावास से या दस हजार रूपये के जुर्माने या दोनो से दण्ड का भागी होगा। यह आदेश झाबुआ जिले के सम्पूर्ण क्षैत्र के लिए तत्काल प्रभावशील होगा। यदि कोई साहूकार ऋण चुकाने के लिये बाध्य करता है तो पिडित व्यक्ति कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार एवं थाने पर साहूकार के विरूद्ध शिकायत दर्ज करा सकता है। उक्त संवैधानिक धाराओं के आदेश के बावजूद भी आज दिनांक तक जिला प्रशासन आदिवासी समाज के हित में ये आदेश लागु करवाने में असमर्थ रहा है। जिसे की आज भी जिले में साहूकारी प्रथा से जुड़े हुए लोग खुले आम साहूकारी का अवैध कारोबार बेधड़क कर रहे है। उक्त आदेश का प्रचार-प्रसार जिला प्रशासन द्वारा नहीं करवाया गया। जिसे आदिवासी समाज को जानकारी आभाव होकर साहूकारों मकड़जाल फसता रहा। जिसके लिए जिम्मेदार स्थानीय शासन है। जिसके चलते जय आदिवासी युवा शक्ति(जयस) स्थानीय शासन के विरुद्ध संविधान का उल्लंघन की श्रेणी में आता है जिसे लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति माननीय न्यायलय की शरण में जा सकते है।

सी एम हेल्पलाइन के प्रकरणो का एल 1 पर ही निराकरण सुनिश्चित करे
  • 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक विशेष सफाई अभियान चलाये, समयावधि पत्रो की समीक्षा बैठक संपन्न

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झाबुआ । आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री आशीष सक्सेना ने की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमना भिडे सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जनसुनवाई, जनशिकायत, सीएम हेल्प लाइन एवं समयावधि पत्रों, लोक सेवा गारंटी के प्रकरणो की समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिये गये। शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, डीईओ एवं डीपीसी को निर्देशित किया। शासन के निर्देशानुसार जिले में स्वच्छता अभियान 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इसके लिए सभी सीईओ जनपद एवं नगरीय निकाय सीएमओ को निर्देशित किया गया। किसान सम्मेलन 15 सितम्बर से 30 सितम्बर तक आयोजित करने हेतु उप संचालक कृषि को निर्देशित किया। बैठक में सी.एम हेल्पलाईन के प्रकरणो के निराकरण के लिए पदाभित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सी.एम. हेल्प लाईन के प्रकरणो का निराकरण एल-1 स्तर पर ही संबंधित शिकायत कर्ता से चर्चा करके करना सुनिश्चित करे।

रोजगार मेले में 153 युवा रोजगार के लिए चयनित, 47 महिलाओं को भी मिलेगा रोजगार
    
झाबुआ । आईटीआई परिसर झाबुआ में आज 13 सितम्बर 2017 को रोजगार मेले का आयोजन किया गया। जिले के 153 युवाओ का चयन विभिन्न संस्थानो द्वारा रोजगार के लिए किया गया। रोजगार मेले में 47 महिलाओं का चयन भी विभिन्न संस्थानों द्वारा रोजगार के लिये किया गया। रोजगार मेले का आयोजन रोजगार कार्यालय एवं जिला महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा किया गया। रोजगार मेले में शिव शक्ति बायोप्लांटिक इंदौर, द्वारा 23 युवाओं का चयन किया गया जिसमें 12 महिलाए भी चयनित हुई। एस आई एस सिक्योरिटी जवासा नीमच द्वारा 19 युवाओं का चयन किया गया। प्रतिभा सिन्टेक्स पीथमपुर द्वारा 25 युवाओं का चयन किया गया एवं आरसेटी बैंक आॅफ बडौदा द्वारा 86 युवाओं का चयन किया गया जिसमें 35 महिलाओं भी चयनित हुई।

अन्तरा एवं छाया का हुआ शुभारंभ, स्वास्थ्य सेवको को दिया गया प्रशिक्षण

झाबुआ । आज नवीन गर्भ निरोधक साधन अन्तरा एवं छाया का जिला स्तर पर होटल शांति निकेतन झाबुआ में कार्यक्रम आयोजित कर शुभारंभ किया गया एवं इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ0 डी.एस. चैहान ने बताया कि अन्तरा गर्भ निरोधक इन्जेक्शन के रूप में उपलब्ध है इसे इन्ट्रामसकुलर इन्जेक्शन के रूप में हाथ की बाह या थई, कमर पर लगाया जा सकता है। यह केवल महिलाओं के लिये उपयोगी है। यह पूर्ण रूप से प्रभावशील सुरक्षित है। इसका कोई साईड इफेक्ट्स नहीं है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिये 6 सप्ताह बाद इसे लगाया जा सकता है। डाॅ. डी.एस चैहान ने बताया कि छाया गर्भ निरोधक ओरल पिल्स का सप्ताह में दो गोलियों का सेवन करके गर्भधारण से बचा जा सकता है। अन्तरा व छाया शासकीय चिकित्सालयों में निःशुल्क उपलब्ध रहेगे। अवांछित गर्भधारण का मुख्य कारण गर्भ निरोधक साधनो की जानकारी के अभाव में होता है। अवांछित गर्भधारण के कारण कई जनस्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। वे दम्पति जो अपना परिवार नियोजित करना चाहते है वे बच्चों की संख्या, जन्म में अन्तर और जन्म के समय की योजना बनाते है। उन दम्पत्तियों के लिये गर्भ निरोधक साधन के रूप में अन्तरा व छाया अच्छा विकल्प है। इस संबंध में आज होटल शांति निकेतन में प्रशिक्षण का आयोजन कर जिले में सभी चिकित्सक, स्टाॅफ नर्स, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया।

जिले में अब तक कुल 740.0 मि.मी. औसत वर्शा दर्ज, 24 घण्टो में कुल 19.9 मि.मी. वर्षा दर्ज

झाबुआ । अधीक्षक भू-अभिलेख झाबुआ ने बताया कि जिले में 1 जून से आज दिनांक तक कुल 740.0 मि.मी. औसत वर्शा हो चुकी है। जिले में विगत 24 घण्टों के दौरान औसत 19.9 मि.मी. वर्शा दर्ज की गई। विगत 24 घण्टो में झाबुआ तहसील में 10.0 मि.मी, रामा तहसील में 30.0 मि.मी.,  रानापुर में 8.0 मि.मी., थांदला तहसील में 10.0 मि.मी., मेघनगर में 25.0 मि.मी., पेटलावद में 36.4 मि.मी., वर्शा दर्ज की गई है।

कक्षा 12 वी में अध्ययनरत चयनित बालिकाओं की पैरामिलिट्री फोर्स के प्रशिक्षण हेतु चयन परीक्षा 15 एवं 16 सितम्बर को 

झाबुआ । झाबुआ जिलें में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 12 में अध्ययनरत आवेदित बालिकाओं के पैरामिलिट्री फोर्स में सेवाएं देने हेतु कोचिंग हेतु चयन प्रवेश परीक्षा 15 एवं 16 सितम्बर को आयोजित की जाएगी। जारी कार्यक्रम अनुसार 15 सितम्बर 2017 को दोपहर 12.00 बजे से 4.00 बजे तक मेडिकल टेस्ट होगा, 16 सितम्बर 17 को प्रातः 06.00 से 08.00 बजे तक फिजिकल टेस्ट एवं अपरान्ह में 12.30 बजे से लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। 15 सितम्बर को प्रातः 11 बजे तक सभी छः ब्लाक की समस्त बालिकाएॅ उ.मा.वि. रातीतलाई में उपस्थित होगी जहाॅ डाक्टरों के द्वारा मेडिकल जाॅच होगी। मेडिकल पश्चात उ.मा.वि. रातीतलाई के पास में स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में बालिकाओं के ठहरने, भोजन आदि की व्यवस्था की गई है जहां बालिकाएॅ रात्रि विश्राम करेगी। 16 सितम्बर को समस्त बालिकाए बस के द्वारा फिजिकल टेस्ट के लिए हवाई पटटी झाबुआ प्रातः 06 बजे शिक्षिकाओं के साथ उपस्थित होगी। फिजिकल टेस्ट पश्चात समस्त बालिकाएॅ बस से अनुसूचित जाति छात्रावास आयेगी तथा भोजन पश्चात शा.उ.मा.वि. रातीतलाई में आयोजित लिखित परीक्षा में दोपहर बाद 12.30 बजे सम्मिलित होगी। परीक्षा पश्चात अपनी शिक्षिकाओं के साथ वापस घर जायेगी। बालिकाओ की चयन परीक्षा सुव्यवस्थित ठंग से संचालित करवाने के लिए कलेक्टर श्री आशीष सक्सेना ने स्कूलवार शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर दायित्व सौपा है।

जिला पंचयत की सामान्य सभा की बैठक 15 सितम्बर को

झाबुआ । जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 15 सितम्बर 2017 को दोपहर 12.00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आहूत की गई है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, शिक्षा विभाग की समीक्षा की जाएगी एवं अपरान्ह 2 बजे से जिला पंचायत की स्थाई समितियों के संबंध में चर्चा की जाएगी।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के लिए कलेक्टर ने सामाजिक संगठनो जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर स्वच्छता कार्यक्रम में सहयोग की अपील की

झाबुआ । देश में स्वच्छता 2018 के आधार पर नगरीय निकायो को स्वच्छता पुरस्कार दिया जाएगा। स्वच्छता पुरस्कार के लिए शासन द्वारा तय किये गये मापदण्डों के आधार पर रेकिंग के आधार पर प्रदेश एवं राष्ट्र स्तर पर पुरस्कार दिये जायेगे। शासन के इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाने एवं जिले के नगरीय निकायों को देश में स्वच्छता का पुरस्कार प्राप्त हो इसके लिए विगत 12 सितम्बर को कलेक्टर श्री आशीष सक्सेना ने जिले के नगरीय निकाय झाबुआ, थांदला, पेटलावद, मेघनगर एवं रानापुर के अधिकारियों जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों की बैठक आयोजित कर स्वच्छता के लिए सहयोग करने की अपील की। जिले में स्वच्छता के लिए जनजागृति उत्पन्न करने के लिए 17 सितम्बर को जिले के सभी नगरीय निकायों में वाहन रैली आयोजित कर कार्यक्रमांे का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 17 सितम्बर को राणापुर में प्रातः 10 बजे वार्डो में श्रमदान किया जाएगा, 10.30 बजे स्वच्छता रैली आयोजित की जाएगी। उसके बाद नगरपालिका परिषद झाबुआ में प्रातः 11 बजे से वार्डो में श्रमदान किया जाएगा एवं 11.30 बजे स्वच्छता रैली का आयोजन किया जाएगा, मेघनगर में दोपहर 12.30 बजे वार्डो में श्रमदान किया जाएगा एवं दोपहर 1 बजे से स्वच्छता रैली का आयोजन किया जाएगा। नगरपरिषद थांदला में दोपहर 1.30 बजे से वार्डो में श्रमदान किया जाएगा एवं 2.00 बजे से स्वच्छता रैली आयोजित की जाएगी। पेटलावद में 2.30 बजे से वार्डो में श्रमदान किया जाएगा एवं अपरान्ह 3.00 बजे से स्वच्छता रैली आयोजित कर नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा। कलेक्टर श्री आशीष सक्सेना एवं सीईओं जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिडे ने जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के सदस्यों को स्वच्छता कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आहवान किया है। जिले के सभी कार्यालय प्रमुखों को कलेक्टर श्री सक्सेना ने 17 सितम्बर को प्रातः 9.30 बजे कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया है। जिला अधिकारी वाहन रैेली के रूप में सभी नगरीय निकायों राणापुर, झाबुआ, मेघनगर, थांदला एवं पेटलावद में भ्रमण कर स्वच्छता के प्रति आमजन को जागरूक करेगे।

मिशन इन्द्रधनुष की तैयारी का राष्ट्रीय मानिटर डाॅ. यादव ने लिया जायजा
       
झाबुआ । सघन मिषन इन्द्रधनुष अभियान दिनांक 07 अक्टूबर, 07 नवम्बर, 07 दिसम्बर से 7 जनवरी से 18 जनवरी 2018 तक क्रियान्वित किया जाना है, इसकी पूर्व तैयारी को देखने के लिए राष्ट्रीय माॅनिटर डाॅ. गीरधारीलाल यादव द्वारा जिले का भ्रमण दिनाक 10 से 13 सितम्बर तक किया जाकर, इनके द्वारा जिला मुख्यालय एवं ब्लाॅक स्तर पर  विकासखण्ड थांदला के काकनवानी सेक्टर के उपस्वास्थ्य केन्द्र पलासडोर के भीत फलिया एवं मेघनगर विकासखण्ड के सेक्टर मदरानी के इटावा उपस्वास्थ्य केन्द्र स्कूल फलिया एवं रानापुर विकासखण्ड के उपस्वास्थ्य केन्द्र के पाडलवा के मैड़ा फलिये का सत्यापन कार्य किया गया। एवं भ्रमण के बाद मिशन इन्द्रधनुष के संबंध में आज 13 सितम्बर को कलेक्टर श्री आषीष सक्सेना के साथ सघन मिषन इन्द्रधनुष अभियान की चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन जिले में व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है किन्तु सर्वे के कार्य में पिछड रहें है सर्वे कार्य की गति बढ़ाना आवष्यक है, इस पर कलेक्टर श्री सक्सेना ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देषित किया की एएनएम, आषा एवं आॅगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने फलिये का चिन्हांकन कर हेड़ काउन्ट सर्वे कार्य करें एवं स्वास्थ्य विभाग की एएनएम व समस्त सुपरवाईजर सर्वे का सत्यापन कर 15 सितम्बर 2017 तक सर्वे कार्य पूर्ण करें एवं साथ ही षिक्षा विभाग को निर्देषित किया की स्कूलों में अध्यनरत् छात्र-छात्राओं के माध्यम से अपने पालकों व संबंधित हितग्राहीयों को जनचेतना हेतु सघन मिषन इन्द्रधनुष का प्रचार-प्रसार करे , जिससे की 0-2 वर्ष तक के बच्चें व गर्भवती माता टीकों से वंचित न रहें एवं सीईओ जिला पंचायत  श्रीमति जमुना भिड़े से भी चर्चा की गई जिसमें सीईओ ने अवगत कराया की समस्त ग्राम पंचायतों में समस्त सरपंच, सचिव को शासन की पुरस्कार योजना से अवगत कराया गया है एवं सभी हितग्राहीयों को सत्र स्थल पर मोबिलाईजेषन हेतु निर्देषित किया गया है। पलायन परिवारों की सूची अद्यतन करने हेतु सचिव कोटवार को भी निर्देषित किया गया। साथ ही ग्रामीण क्षैत्रों में जनचेतना हेतु षिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास एवं पंचायत विभाग के साथ समन्वय करते हुए स्कूली बच्चों के साथ अन्य ग्रामीणजनों को जोड़ते हुए जनचेतना अभियान चलाया जायें।

आंगनवाडी केन्द्रो पर शुरू हुआ सुपोषण अभियान, 23 सितम्बर तक चलेगे विशेष स्नेह शिविर

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झाबुआ । जिले के चयनित 51 आंगनवाडी केन्द्रो पर बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के लिए विशेष सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में इस अभियान अंतर्गत 23 सितम्बर तक आंगनवाडी केन्द्रो पर विशेष स्नेह शिविर आयोजित कर बच्चों के पोषण के लिए विशेष आहार दिया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.एस.जमरा ने आज आंगनवाडी केन्द्र भोयरा में स्नेह शिविर की गतिविधियों को देखा एवं परियोजना थांदला तथा झाबुआ के आंगनवाडी केन्द्रो का भी निरीक्षण किया।केन्द्र द्वारा दी जाने वाली सेवाओं का संचालन ठीक नहीं पाये जाने पर श्रीमती ममता बारिया आंगनवाडी कार्यकत्र्ता इंदिरा कालोनी खवासा, मांगीबाई कार्यकत्र्ता गुन्दीपाडा, मीरा मालवीय आंगनवाडी कार्यकत्र्ता हरिजन मोहल्ला खवास आंगनवाडी कार्यकत्र्ता सांगवा एवं लूंजा गणावा आंगनवाडी कार्यकत्र्ता मिण्डल प्रथम परियोजना झाबुआ को पद से पृथक करने के लिए नोटिस जारी किया गया तथा सीडीपीओं थांदला श्री कनेश द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने आंगनवाडी केन्द्रो का संचालन नियमानुसार सुनिश्चित नहीं करने पर कार्यवाही के लिए कमिश्नर इन्दौर को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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