झारखंड बना देश का सिंगल विंडो सेंटर लागू करने वाला पहला राज्य : रणधीर

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रांची 13 सितम्बर, झारखंड के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने आज कहा कि राज्य देश का पहला सिंगल विंडो सेंटर लागू करने वाला राज्य बन गया है और इससे किसानों को एक ही जगह पर कृषि कार्य से संबंधित सारी जानकारियां प्राप्त हो सकेगी। श्री सिंह ने सरकार के 1000 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विभाग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड सिंगल विंडो सेंटर को लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में 100 स्वीकृत सिंगल विंडो सेंटर में से 78 कार्यशील है वहीं वित्तीय वर्ष 2017-18 में स्वीकृत 100 सिंगल विंडो सेंटर का भी कार्य शुरु हो चुका है। कृषि मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में 22.65 लाख हेक्टेयर में खाद्यान्न फसलों का आच्छादन होता था, जो अब 32 फीसदी वृद्धि के साथ 30 लाख हेक्टेयर हो गया है। वहीं खाद्यान्न उत्पादन भी 51.125 लाख मैट्रिक टन से बढ़कर 68.82 लाख मैट्रिक टन हो गया है। इसी तरह दलहन आच्छादन, दलहन उत्पादन, तिलहन आच्छादन और उत्पादन में भी काफी वृद्धि हुई है। सरकार गठन से पूर्व से गठित 516 के अतिरिक्त 539 बीजग्रामों का गठन किया गया, जिससे तीन लाख क्विंटल धान के बीज का उत्पादन किया गया । श्री सिंह ने कहा कि इसी तरह उर्वरक के अग्रिम भंडारण के लिए 8898 मैट्रिक टन उवर्रक किसानों के बीच पैक्स के माध्यम से वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि झारखंड देश का प्रथम राज्य है जहां मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत अब तक 7.95 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किसानों के बीच किया जा चुका है। राज्य मे बीज वितरण एवं अन्य कार्यों को गतिशीलता देने के लिए झारखंड राज्य कृषि निगम की स्थापना की गयी है। 


कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री किसान हेल्प लाईन नम्बर का शुभांरभ 22 अप्रैल 2017 को किया गया। इसके अलावे बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत पांच नए महाविद्यालयों की स्थापना की गई है, जिनमें शैक्षणिक वर्ष 2017-18 से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। वहीं 151 ग्रामीण स्तरीय उपकरण बैंक की स्थापना की गई है, जिससे किसान कृषि यंत्र भाड़े पर ले सकेंगे। श्री सिंह ने कहा कि किसानों द्वारा कृषि ऋण के रूप में ली गई राशि को यदि समय पर जमा किया जाए तो 07 प्रतिशत ब्याज के स्थान पर मात्र एक प्रतिशत ब्याज उनसे लिया जाएगा। किसानों को सिंचाई की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 2319 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है। जलनिधि योजना के तहत राज्य में तुल 852 परकोशेन टैंक का निर्माण एवं 675 डीप बोरिंग का कार्य कराया गया, जिससे 1527 हेक्टेयर भूमि के अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हुई है। पशुपालन एवं गव्य विभाग की उपलब्धि बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में राज्य का दुग्ध उत्पादन 38 लाख लीटर था,जो अब बढ़कर वित्तीय वर्ष 2016-17 में 54 लाख लीटर हो गया है। उन्होंने कहा कि रांची के होटवार में एक लाख लीटर की क्षमता का अत्याधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित किया गया है, वहीं साहेबगंज,देवघर एवं पलामू जिले में 50 हजार लीटर की क्षमता का अत्याधुनिक डेयरी प्लांट आधिष्ठापन का कार्य प्रारंभ हो चुका है । उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से मदर डेयरी द्वारा रांची के नगड़ी में मटर प्रसंस्करण ईकाई की स्थापना की गई। 15 जिलों में 24 मिल्क रूट का गठन किया गया है। इसके अलावा 8000 सखी मंडलों द्वारा कुक्कुट, सुकर एवं बकरी पालन का कार्य किया जा रहा है। 

मंत्री श्री सिंह ने मत्स्य प्रभाग की उपलब्धि बताते हुए कहा कि मछली उत्पादन के क्षेत्र में झारखंड में काफी वृद्धि हुई है। सरकार ने राज्य के सभी मछुआरों को सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना अंतर्गत दो लाख रुपये का बीमा कराया है। इसी तरह मछुआ आवास योजना के अंतर्गत भी वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1800 आवासों का निर्माण किया गया है। मत्स्य बीज उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए सरकार की ओर से 65 मत्स्य बीज हैचरी का अधिष्ठापन किया गया है। कृषि मंत्री ने सहकारिता प्रभाग की उपलब्धि बताते हुए कहा कि सात जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को मिलाकर एकल झारखंड राज्य सहकारी बैंक का गठन किया गया है। 1800 करोड़ रुपया जमा आधारित झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड अपने सदस्यों को व्यावसायिक बैंकों की तरह हर प्रकार की सुविधा एवं व्यक्तिगत ऋण की सुविधा उपलब्ध करा रही है। सरकार द्वारा 14 शीतगृह का भी निर्माण कराया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 14.50 लाख किसानों का फसल बीमा कराया गया। फसल बीमा क्षतिपूर्ति के रुप में 250.65 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया गया। राज्य के सभी प्रखंडों में तीन दिवसीय किसान मेला का आयोजन किया गया, जिसमें 1,1500 क्विंटल खरीफ बीज का वितरण, 66000 मिट्टी नमूना संग्रहण एवं 1.91 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया। 
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