केंद्र ने झारखंड को दिया एक हजार किलोमीटर सड़क उपहार

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रांची 11 सितम्बर, केंद्र सरकार ने झारखंड में रघुवर सरकार के सफलतापूर्वक हजार दिन पूरे करने को लेकर 1000 किलोमीटर सड़क निर्माण का उपहार दिया है। केंद्रीय भूतल परिवहन, राजमार्ग एवं जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने आज यहां कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि झारखंड में मुख्यमंत्री रघुवर दास की नेतृत्ववाली सरकार 1000 दिन पूरे करने जा रही है इसलिए मैं अपने विभाग की ओर से इस वर्ष के अक्टूबर के अंत तक झारखंड को 1000 किलोमीटर सड़क उपहार में दे रहा हूं।” श्री गडकरी ने आयोजित कार्यक्रम में चास-रामगढ़ 77 किलोमीटर सड़क का लोकार्पण किया तथा नौ सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान बरही-कोडरमा, बीजूपाड़ा-कुरू, पिस्‍का मोड़-पलमा, राजगंज से पश्चिम बंगाल सीमा, कचहरी चौक से बीजूपाड़ा, देवघर-मधुपुर, पीरपौंती, गोड्डा, मधुपुर-गिरिडीह एवं गोड्डा-पंचवारा राजमार्ग का भूमिपूजन कार्यक्रम भी हुआ। उन्होंने बताया कि इनके निर्माण कार्य में 2500 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। उन्होंने 333 करोड़ रुपये की लागत से बनी चास से रामगढ़ राजमार्ग का लोकार्पण किया। रघुवर सरकार के 1000 दिन 22 सितम्बर को पूरा होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रघुवर दास ने झारखंड को भ्रष्टाचार मुक्त और रोजगार का सृजन करने वाला राज्य बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत धनवान देश है लेकिन जनता गरीब है। चुनाव के वक्त जाति के नाम पर वोट मांगा जाता है। लोग पिछड़ेपन और जाति के नाम पर सत्ता हथियाते हैं और फिर अपना विकास करने लगते हैं। झारखंड में यही दुष्च्रक चल रहा था। लेकिन, श्री दास ने इस दुष्चक्र को रोकने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के गरीब, पिछड़े, शोषित, दरिद्र नारायण को भगवान के रूप में माने और निरंतर सेवा करें। जिस दिन उस अंतिम व्यक्ति को भोजन और वस्त्र मिलेगा उसी दिन दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय का सपना पूरा होगा और यही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राजनीतिक सिद्धांत भी है। 


श्री गडकरी ने गांवों की गरीबी का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों में अच्छी सड़कें, बिजली और पीने के लिए पानी नहीं है। इस पर जनता को विचार करना चाहिए। झारखंड में खनिज संपदा है, इसे देश का पहले क्रमांक का राज्य बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड में तीन मेडिकल कॉलेज बने लेकिन अस्पताल ऐसे हैं जहां डॉक्टर हैं तो नर्स नहीं, नर्स है तो डॉक्टर नहीं और यदि नर्स एवं डॉक्टर दोनों हैं तो दवा नहीं। उन्होंने कहा कि किसी सरकार का मूल्यांकन इससे होना चाहिए के उसने क्या काम करके दिखाये हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुये कार्यों के आधार पर ही विकास का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए ग्रामीण शहर भाग रहे हैं। 35 प्रतिशत गांव की आबादी कम हुई है।किसानों को गांवों में उपज की उचित कीमत नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा कि इस देश का दुर्भाग्य है कि आजादी के बाद एक ही परिवार का शासन रहा है। परिवारवाद की राजनीति ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। हालांकि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंशवाद के सख्त विरोधी रहे हैं। श्री गडकरी ने कहा कि मोदी सरकार के तीन साल के शासन में कोई आरोप नहीं लगे। उनके मंत्रालय साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के काम दे चुका है। एक भी ठेकेदार को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि झारखंड के इथेनॉल से गंगा में स्टीमर चलेगी। वहीं, वाहन निर्माता कंपनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने इलेक्ट्रिक रिक्शा तैयार किया है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ऐसे झारखंड का निर्माण होगा, जहां भय न हो और जहां कोई दवा के बिना न रहे। प्रचूर संसाधन वाले इस राज्य में यदि कोई कमी है तो वह झारखंड की हित को सर्वोपरि रखकर काम करने वाली राजनीति की है। उन्होंंने कहा कि झारखंड की विकास दर 8.2 प्रतिशत है। गुजरात के बाद सबसे ज्यादा विकास दर वाला राज्य है झारखंड। राज्य में योजना खर्च का 97 प्रतिशत व्यय हुआ है। उन्होंने देवघर से बासुकीनाथ सड़क का शीघ्र निर्माण कराने की अपील की है। श्री दास ने कहा कि सरकार के एक हजार दिन में सात लाख घरों तक बिजली पहुंचायी गई है। आजादी के 70 साल में झारखंड में केवल तीन मेडिकल कॉलेज हैं लेकिन उनकी सरकार तीन और मेडिकल कॉलेज शुरू करने जा रही है। वर्ष 2018 तक नये कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जायेगी। 15 नवंबर तक 80 प्रतिशत लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहली बार स्थानीय नीति परिभाषित कर एक लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दी है। आदिम जनजाति को डाकिया योजना के तहत 35 किलोग्राम अनाज उनके घर तक पहुंचाई जा रही है। समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत और राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने भी संबोधित किया। 

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