बिहार में शीघ्र लागू होगी श्रम नीति : सुशील कुमार मोदी

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पटना 17 सितंबर, बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि राज्य में शीघ्र ही श्रम नीति लागू की जाएगी। श्री मोदी ने यहां आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार में शीघ्र ही श्रम नीति लागू की जायेगी। उन्होंने कहा कि श्रम करने वालों को सम्मान दिए बिना कोई भी समाज और देश आगे नहीं बढ़ सकता है। यह गलत सोच है कि दिमाग से काम करने वाले ज्यादा महत्वपूर्ण काम और हाथ से काम करने वाले अपेक्षाकृत कम महत्व के काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के देश विकसित इसलिए हो पाए क्योंकि उन्होंने मानव श्रम को सम्मान दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही बिहार की भी अपनी एक श्रम नीति होगी। इस दिशा में चर्चाएं अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी इच्छा है कि बिहार श्रम नीति को शीघ्र लागू कर दिया जाए। 


श्री मोदी ने 01 मई को मजदूर दिवस मनाये जाने के औचित्य पर सवाल खड़े करते हुये कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि का निर्माण किया। विश्वकर्मा जयंती को ही मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रूसी क्रांति दिवस 01 मई को मजूदर दिवस मनाने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि उससे सीधे हमारा कोई संबंध नहीं है जबकि भारतीय जनमानस में सृष्टिकर्ता विश्वकर्मा रचे-बसे हैं। उप मुख्यमंत्री ने बाल श्रम उन्मूलन पर जोर देते हुए कहा कि केवल कानून बना देने से किसी भी सामाजिक बुराई को खत्म नहीं किया जा सकता है। आज सबको संकल्प लेना चाहिए कि अपने घरों में घरेलू कार्यों के लिए किसी बच्चे को मजदूर के तौर पर नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि घरेलू कामगारों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने पर सरकार विचार कर रही है। नौकरी देने-दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों पर भी सरकार नकेल कसेगी। श्री मोदी ने कहा कि मजदूरों को कुशल बनाने की जरूरत है। कुशल और हुनरमंद मजदूर न केवल बेहतर नौकरी प्राप्त करने में सफल होते हैं बल्कि उनकी कमाई भी अधिक होती है। ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को सरकार ‘टैबलेट’ देने पर विचार कर रही है। सरकार यह तय करेगी कि प्रशिक्षित युवाओं को टैबलेट दिया जाए या उसके बदले राशि। 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में जब वे श्रम संसाधन विभाग के मंत्री थे तो निजी क्षेत्र में आईटीआई खोलने की अनुमति दी। नतीजतन पहले जहां बिहार में मात्र 55 आईटीआई थी वहीं अब इनकी संख्या करीब एक हजार पर पहुंच गई है। निजी आईटीआई संचालकों को उन्होंने चेतावनी भी दी कि वे मानक गुणवत्ता का ख्याल रखें केवल सर्टिफिकेट नहीं बांटे वरना परेशानी में पड़ जायेंगे। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने बाल श्रम उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध एवं विनियमन के लिए राज्यकार्य योजना, 2017 तथा बाल श्रम निषेध के लिए सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन रणनीतिक दस्तावेज लोकार्पित किया। इसके अलावा उन्होंने बिहार भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के अन्तर्गत निबंधित एवं अहर्ता प्रापत श्रमिकों के बीच अनुदान एव निबंधन पत्र वितरित किया। कार्यक्रम में श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, अपर सचिव के. सेंथिल कुमार, निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण पंकज कुमार पाल और श्रमायुक्त गोपाल मीणा भी उपस्थित थे। 
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