लालू ने राकेश से भी विधान पार्षद बनाने के बदले ली करोड़ों की जमीन: सुशील कुमार मोदी

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पटना 06 सितम्बर, बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आज एक और नया खुलासा करते हुए कहा कि कुमार राकेश रंजन को विधान पार्षद बनाने के एवज में उन्होंने पटना शहर की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन अपने दो पुत्रों तेजप्रताप यादव एवं तेजस्वी प्रसाद यादव के नाम वसीयत करवा ली। श्री मोदी ने यहां भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजद अध्यक्ष ने पहले मोहम्मद शमीम को विधान परिषद् का सदस्य बनाने के लिये उनसे प्लॉट लिखवाया। इसके बाद श्री रंजन से भी दो बार विधान पार्षद बनाने के एवज में पटना शहर की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन अपने पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव और तेज प्रताप यादव के नाम वसीयत करवा ली। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रंजन को राजद अध्यक्ष ने वर्ष 1999 से 2006 तक दो बार विधान पार्षद बनावाया और उसके एवज में मोहम्मद शमीम की तरह ही पटना के दो प्लॉट का पहले पॉवर ऑफ अटार्नी तथा फिर वसीयत के माध्यम से मालिक बन बैठे। उन्होंने कहा कि राजद अध्यक्ष और उनके परिवार के लिये 12 मई 2005 सौगात लेकर आया था।


श्री मोदी ने कहा कि 12 मई 2005 को ही केवल मोहम्मद शमीम ने ही नहीं बल्कि श्री रंजन ने पहले राजद अध्यक्ष की पत्नी राबड़ी देवी को पॉवर ऑफ अटार्नी के माध्यम से दो प्लॉट का मालिक बना दिया तथा उसी दिन उनके पुत्र तेजस्वी और तेज प्रताप को जमीन की वसीयत भी कर दी। उन्होंने कहा कि श्री रंजन ने अकेले वसीयत नहीं की बल्कि मोहम्मद शमीम की पत्नी सोफिया तब्बुस्म के समान श्री रंजन की पत्नी ने भी तेजस्वी और तेज प्रताप को वसीयत कर दी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि मोहम्मद शमीम और श्री रंजन ने स्वयं तथा अपनी पत्नी के नाम एक ही वर्ष 1994 में एक ही परिवार डॉ. रामाश्रय यादव से जमीन लिखवाई और श्री यादव ने दोनों को ही विधान पार्षद बनवाया। उन्होंने कहा कि मोहम्मद शमीम और श्री रंजन ने एक ही दिन श्रीमती राबड़ी देवी को स्वयं और उनकी पत्नी के चार प्लॉट की पॉवर ऑफ अटार्नी दे दी। श्री मोदी ने कहा कि राजद अध्यक्ष की पत्नी उन चारों प्लॉट को अब अपनी सम्पत्ति बता रही हैं और चुनाव आयोग को दिये अपने शपथ पत्र में उसका उल्लेख भी किया है। श्री रंजन और मोहम्मद शमीम ने अपनी और पत्नी की चार प्लॉट एक ही दिन तेजस्वी तथा तेज प्रताप को भी वसीयत कर दी। 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद शमीम के दस्तावेजों पर श्री रंजन गवाह हैं और श्री रंजन के दस्तावेजों पर मोहम्मद शमीम गवाह हैं। उन्होंन सवालिया लहजे में कहा कि आखिर क्यों श्री रंजन और उनकी पत्नी सीमा वर्मा ने अपनी एक मात्र संतान को करोड़ों रुपये के दो प्लॉट वसीयत करने के बजाय श्री तेजस्वी और श्री तेज प्रताप को वसीयत कर दी। श्री मोदी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पहले 26 सम्पत्ति के मालिक थे लेकिन श्री रंजन के दो और मोहम्मद शमीम के दो प्लॉट उनके नाम होने के बाद से वह 30 सम्पत्ति के मालिक बन गये हैं। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी सी उम्र में इतनी सम्पत्ति का मालिक बनना सवाल खड़े करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राजद अध्यक्ष और उनके परिवार ने बिहार के गरीबों को लूटा है। इसके लिये राजद अध्यक्ष काम कराने के बदले जमीन और सम्पत्ति लिखवाने के लिये नये-नये तरीके इजाद किये। पहले कम्पनियों के माध्यम से जमीन, गिफ्ट के माध्यम से जमीन, सीधे जमीन और अब पॉवर ऑफ अटार्नी के माध्यम से जमीन लिखवाई गई। उन्होंने कहा कि राजद अध्यक्ष ने सम्पत्ति बटोरने में अपने परिवार तक को नहीं छोड़ा है। 

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