झारखंड में भूमि अधिग्रहण विधेयक की मंजूरी का निर्णय काला अध्याय : कांग्रेस

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रांची 06 सितंबर, कांग्रेस ने आज कहा कि झारखंड में सरकार का धर्मांतरण विधेयक और भूमि अधिग्रहण विधेयक की मंजूरी का निर्णय राज्य के लिये काला अध्याय साबित होगा। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने यहां कहा कि देश में धर्मांतरण कानून पहले से बने हुए है। झारखंड के लिए अलग से लाया जा रहा कानून किसी समुदाय विशेष को आहत करने के लिए है। यह सोची-समझी राजीनति का हिस्सा है। सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए लोगों का ध्यान मुद्दो से हटाना चाहती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति समाज को तोड़ने, आपस में कटुता पैदा करने, भावनाओं को भड़काकर उन्माद फैलाने एवं वैमन्सता पैदा कर राजनीति करने की रही है लेकिन झारखंड की जनता भाजपा की मंशा को बखूबी समझ चुकी है, जिसका खामियजा आने वाले दिनों में सरकार को भुगतना पड़ेगा। श्री दूबे ने कहा है कि राज्य की भाजपा नीत सरकार इसाई समुदाय की समाज में बढ़ती लोकप्रियता, सेवा भावना और शिक्षा जगत में बहुमूल्य योगदान से घबरा गयी है इसलिए वह धर्म स्वतंत्र विधेयक को कानून का रूप देना चाहती है जो कभी भी सफल होने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून, छोटानागपुर काश्तकारी (सीएनटी) एवं संथालपरगना काश्तकारी (एसपीटी) अधिनियम पारित नहीं होने के बाद अब सामाजिक प्रभाव संशोधन कानून को लाकर औद्योगिक घरानों को मदद पहुंचाने की सरकार की यह मंशा भी धराशायी होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस नापाक इरादे को भी सफल नहीं होने देगी।

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