कर्ज माफी किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं : अवस्थी

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नयी दिल्ली 09 सितम्बर, किसानों बीच काम करने वाली सहकारिता क्षेत्र की सबसे बडी उर्वरक कम्पनी इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोअपरेटिव (इफको) ने किसानों की आय बढाने के लिये सरकार द्वारा शुरु किये गये सात सूत्री कार्यक्रम को सही दिशा में उठाया गया कदम बताते हुये आज कहा कि कर्ज माफी उनकी समस्याओं के समाधान का सही तरीका नहीं है 1 इफको के प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी ने आज वरिष्ठ पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने हरित क्रांति के प्रणेता एम एस स्वामीनाथन से बातचीत करने के बाद 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में सात सूत्री कार्यक्रम जारी किया है जिसके प्रभावी क्रियान्वयन से उन्हें समस्यांओं से निजात मिल सकती है  1 उन्होंने कहा कि प्रति बूंद अधिक फसल , कृषि लागत में कमी , खाद्यान्न भंडारण , खाद्य प्रसंस्करण , ई कृषि बाजार , फसल बीमा योजना और बागवानी , एकीकृत कृषि , पशुपालन , मत्स्य पालन , मधुमक्खी पालन एवं मुर्गी पालन से किसानों की आय में काफी वृद्धि की जा सकती है


डा अवस्थी ने किसानों की कर्ज माफी की योजनाओं को खतरनाक बताते हुये कहा कि यह उनकी समूस्याओं का स्थायी समााधान नहीं है 1 कर्ज माफी का सिलसिला भविष्य के लिये घातक हो सकता है 1 इसमें ऐसी स्थिति भी आ सकती है कि जिन किसानों को कर्ज माफी नहीं मिले उनकी मन:स्थिति खराब होती है1 कुछ किसान अवसाद की स्थिति में आ सकते हैं तथा कई तरह की सामाजिक समस्याएं भी पैदा हो सकती है 1 युवा पीढी के कृषि से विमुख होने के बारे में पूछें जाने पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में कृषि जीवन का हिस्सा रहा है और इसके प्रति बच्चों अभिरुचि पैदा करने के लिये इसे स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिये 1 उनका कहना था कि समय के साथ कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना जरुरी है लेकिन अधुनिक और परम्परागत तरीको को भी जोड़ने की जरुरत है 1 इफको प्रमुख ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों को बागवानी फसलों की खेती पर अधिक ध्यान देना चाहिये और फलों एवं सब्जियों की खेती पर ज्यादा जोर देना चाहिये 1 हिमाचन प्रदेश , जम्मू कश्मीर , उत्तराखंड जैसे राज्यों में फलों की खेती पर जोर दिया जाना चाहिये क्योंकि यहां जलवायु और प्राकृतिक स्थिति इसके अनुकूल है । देश के अन्य राज्यों में सब्जियों की पैदावार को बढाया जा सकता है 1 उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक ढंग से खेती के तरीकों का प्रशिक्षण दिये जाने पर बल देते हुये कहा कि इफको इस काम में भी लगा हुआ है और अब तक देश में तीन करोड़ किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है 1 इसके साथ ही इफको के केन्द्रों पर मिट्टी के नमूनों की नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध करायी जाती है1 प्रशिक्षित किसान संतुलित मात्रा में उर्वरकों और कीटनाशकों तथा अच्छे बीज का प्रयोग करते हैं जिसके कारण कृषि लागत में कमी आती है और उत्पादन बढता है
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