बिहार : मिस्सा बलिदान के बाद ईसाई धर्मरीति के अनुसार दफन

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पटना। प्रोफेसर प्रभा पौल का निधन हो गया हैं। मुंगेर में स्थित बी.आर.महिला कॉलेज की कमेस्ट्री डिपार्टमेंट की प्रोफेसर थीं। 7 सितम्बर को प्रथम सिवियर हार्ट अटैक पड़ने के बाद लोकल चिकित्सक से दिखाया। वहां से रेफर पटना किया गया। मगध हॉस्पिटल में दम तौड़ा। मगध हॉस्पिटल से प्रो.प्रभा को बांसकोठी स्थित विजय पौल के आवास पर लाया। संपूर्ण तैयारी कर प्रो.प्रभा को दर्शनार्थ रखा गया। प्रो.प्रभा का पिताजी का नाम फ्लोरियन पौल हैं। इनके 5 पुत्री और 2 पुत्र हैं। विजय पौल नामक भाई दामाद के घर ऑस्ट्रेलिया गये हैं। सपरिवार सालभर बाद आएंगे। भाई-भाभी ने ऑस्ट्रेलिया से बहन को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित की है। परिवार वालों का कहना है कि प्रथम ह्दयाघात होने पर समझा गया कि गैस की समस्या है। इसके बाद लोकल चिकित्सक से दिखाया। उसने 12 घंटे के बाद रेफर किया। पटना के मगध हॉस्पिटल में भर्ती करायी। स्थिति की गंभीरता के आलोक में आईसीयू में चिकित्सक चिकित्सा शुरू किये। 33 घंटे के बाद कार्डियक मोनिटर पर रखी गयी। कुल 40 घंटे सेवा करवाने के पश्चात अलविदा कह कर दुनिया से प्रो. प्रभा पौल विदा हो गयी। उस समय 4 बज रहा था। 64 साल की थीं।


परिजनों ने यह बताया कि रविवार को बांसकोठी से शव यात्रा 10.30 बजे प्रारंभ कर कुर्जी चर्च में लाया जाएगा। यहां पर 11 बजे पवित्र मिस्सा बलिदान अर्पित किया जाएगा। मिस्सा बलिदान के बाद ईसाई धर्मरीति के अनुसार कुर्जी कब्रिस्तान में दफन कर दिया जाएगा। निधन की खबर मिलते ही 64 वर्षीय प्रो. प्रभा पौल को श्रद्धांजलि अर्पित करने अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष एम्ब्रोस पैट्रिक, बीजेपी के   अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री राजन क्लेमेंट साह आदि पहुंचे। दिवगंत आत्मा की शांति के लिये दुआ किये। इस बीच कुर्जी चर्च के सहायक पल्ली पुरोहित फादर देवाशीष प्रसाद को सूचना दी गयी। सूचना के आधार पर फादर पहुंचे आवास पर प्रार्थना की और पवित्र जल का छिड़काव किया।
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