मधुबनी : मुख्यमंत्री ने किया अयाची प्रतिमा का अनावरण, विकास का दिया भरोसा

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मधुबनी, 09 सितम्बर; मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार, शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हैलीकाॅप्टर से मधुबनी जिले के पंडौल क्षेत्र स्थित महाराज लक्ष्मेश्वर सिंह महाविद्यालय, सरिसवपाही के प्रांगण में स्थित हैलीपैड पर पहुंचे।  हैलीकाॅप्टर से उतरने के पश्चात आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, पुलिस महानिरीक्षक, दरभंगा, पुलिस उपमहानिरीक्षक, दरभंगा, जिला पदाधिकारी, मधुबनी, पुलिस अधीक्षक, मधुबनी द्वारा बुके देकर माननीय मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। तत्पश्चात सलामी गारद द्वारा माननीय मुख्यमंत्री को सलामी दी गई। श्री कपिलदेव कामत, मंत्री, पंचायती राज, बिहार, विधायक, श्री लक्ष्मेश्वर राय, पूर्व विधायक, श्री सतीश कुमार साह, जदयु जिला अध्यक्ष, अब्दुल कयूम, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति डा. एस. के. सिंह एवं जदयु तथा भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा भी बुके एवं माला से  माननीय मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।



मुख्यमंत्री हैलीपैड से सड़क मार्ग द्वारा सिद्धेश्वरी मंदिर पहुचे और पुजा-अर्चना की। वहां से मुख्यमंत्री पैदल चलकर 100 मीटर की दुरी पर स्थित अयाची डीह पहुंचे एवं वैदिक मंत्रोचार के बीच पंडित अयाची मिश्र तथा प्रसव सेविका चमाइन की प्रतिमा का अनावरण किया गया। वहां से सड़क मार्ग से प्रस्थान कर माननीय मुख्यमंत्री लक्ष्मीश्वर एकेडमी, सरिसवपाही स्थित सभा मंच पर पधारे। आयोजक मंडल द्वारा मिथिला की परंपरा के अनुसार माननीय मुख्यमंत्री को पाग-दोपट्टा एवं मखाने की माला से स्वागत किया गया। मंच पर उपस्थित आयोजक मंडल के सदस्यो द्वारा ‘मंगलमय दिनु आजु हे पाहुंन छथि आयल‘ स्वागत गान गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। तत्पश्चात श्री नवीन जायसवाल, अध्यक्ष, मिथिलांचल चैम्बर आॅफ काॅमर्स, मधुबनी एवं अयाची डीह विकास समिति के संरक्षक, श्री विनोद बन्धु के द्वारा पाग-दोपट्टा से सम्मानित किया गया। डा. विनोद चैधरी, पूर्व विधान पार्षद, प्रो. विनोद सिंह, पूर्व विधान पार्षद समेत आयोजक मंडल के सचिव और अन्य लोगों द्वारा सिक्की कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। मंच का संचालन प्रो पुतुल सिंह द्वारा किया गया। 

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श्री नीतीश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मिथिला की भूमि अदभुत है। यह भूमि कई महान विभुतियो की जन्म स्थली रही है। जिन्होने अपनी विलक्षण प्रतिभा से इस धरती का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि 14 वीं शताब्दी में अयाची मिश्र द्वारा ज्ञान के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान रहा है। वह अतुलनीय है। वे किसी से कुछ भी याचना नहीं करते थे और निःशुल्क शिक्षा दान देते थे। बदले में वे 10 लोगो को पढ़ाने का वचन लेते थे जिससे उस समय शिक्षा के प्रसार में बल मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सौभाग्य के पात्र है जो उन्हें इस धरती को प्रणाम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा यह सम्भव है कि अयाची डीह के गर्भ में इतिहास छिपा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका फिलहाल ध्यान बाढ़ से प्रभावित लोगों की ओर है। फिर भी उन्होने आयोजक मंडल के संयोजक को 15 दिन बाद आकर डीह के संबंध में विशेष जानकारी देने को कहा तथा उन्होंने आयोजक मंडल को आश्वस्त किया कि वे संबंधित विभाग और संबंधित मंत्री से बात कर अयाची डीह के विकास के लिए पहल करेंगे।



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मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे देश का विकास बिहार के विकास के बिना संभव नहीं है, वैसे ही बिहार का विकास मिथिला के विकास बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा बिहार की धरती ने ही शून्य का आविष्कार किया था, संकल्प है कि फिर से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगे और शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में मात्र 1 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर है। 2007 में बालिका पोशाक योजना की शुरूआत होते ही स्कूल में बालिकाओं की संख्या बढ़ने लगी। पुनः साइकिल योजना की शुरूआत होते ही छात्राओं की संख्या बेतहाशा बढ़ने लगी। बाद में सरकार ने छात्रों की मांग पर उन्हें भी साइकिल योजना का लाभ दिया गया। जिससे विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई। जिससे शिक्षा का बेहतर माहौल बना। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ उठाकर छात्र-छात्राएं परिवार पर बोझ न बने। सरिसवपाही से यह संदेश जाना चाहिए कि उनके बच्चे पढे और आगे बढ़े। जबतक शिक्षा का विकास  नहीं होगा, तबतक विकास की बात बेमानी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकगण अपनी समस्या सरकार पर छोड दे और बच्चो को पढ़ाने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि काॅलेजो में वाई-फाई सुविधा दी गई है, अब छात्र वाई-फाई का लाभ लेते हुए देष-दुनिया से जुडे़ और नई जानकारियों से अपडेट होते रहे। उन्होने यह भी कहा कि इसका दुरूपयोग नहीं करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले में मेडिकल काॅलेज, इंजिनियरिंग काॅलेज तथा प्रत्येक अनुमंडल में आई.टी.आई., ए.एन.एम. स्कूल, पारा मेडिकल इंस्टीच्यूट तथा सभी तरह के शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध कराने में लगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों आयी विनाशकारी बाढ से बिहार का बहुत नुकसान हुआ है। राज्य के लगभग 38 लाख परिवार प्रभावित हुए है। राज्य सरकार के द्वारा अबतक 13 लाख परिवार को आर.टी.जी.एस. के माध्यम से 6 हजार रूपये भेजी गई है। उन्होंने कहा कि वे राज्य के खजाने से 24 सौ करोड़ रूपया प्रभावित जिलो को भेजा है। राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितो का है। उन्होंने कहा कि वे सूबे में न्याय के साथ विकास जारी रहेंगा। किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया जाएगा और हर हाल में सूबे में कानून का राज कायम रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी लोगो को प्रेम और सदभाव के साथ समाज में भाईचारा, सामाजिक व सांप्रदायिक सदभाव एवं अमन चैन का माहौल बनाये रखने का आह्वान किया। माननीय मुख्यमंत्री के संबोधन के उपरांत श्री सत्य नारायण अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष हेतु 1 लाख 1 हजार का चेक मुख्यमंत्री को सौपा गया। पुनः मधुबनी पुलिस एसोसिएशन की ओर से पुलिस अधीक्षक, मधुबनी एवं सदस्यों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री सहायता कोष हेतु 4 लाख 83 हजार रूपये का चेक सौपा। सभा को विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार चैधरी, कृषि मंत्री, डाॅ. प्रेम कुमार, अयाची डीह विकास समिति के अध्यक्ष डा. किषोर नाथ झा आदि ने संबोधित किया। इस कार्यक्रम में सांसद, श्री विरेन्द्र कुमार चैधरी, मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण  श्री विनोद नारायण झा, मंत्री, पंचायती राज श्री कपिलदेव कामत, विधायक, फुलपरास, श्रीमति गुलजार देवी, विधायक, राजनगर, श्री रामपृत पासवान, विधान पार्षद, श्री सुमन महासेठ, पूर्व विधायक, श्री रामदेव महतो, पूर्व विधायक, हरिभुषण ठाकुर बचैल, जिला परिसद अध्यक्ष, श्रीमति शीला मंडल, श्री विनोद बंधु, संरक्षक, अयाची डीह विकास समिति, श्री रामबहादुर चैधरी, मुखिया सह संयोजक अयाची डीह विकास समिति सहित बडी संख्या में जनप्रतिनिधि गण और अन्य लोग उपस्थित थे। 
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