सांसद तस्लीमुद्दीन का निधन, नीतीश और लालू ने जताया शोक

rjd-mp-taslimuddin-passes-away
पटना 17 सितंबर, बिहार के अररिया से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद एवं पूर्व गृह राज्यमंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के आज हुये असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने गहरी शोक संवेदना प्रकट की है। श्री कुमार ने यहां अपने शोक संदेश में कहा कि श्री तस्लीमुद्दीन एक प्रख्यात राजनेता एवं प्रसिद्ध समाजसेवी थे। उनके निधन से न केवल सामाजिक बल्कि राजनीति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुयी है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों, अनुयायियों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। राजद अध्यक्ष श्री यादव ने सांसद के असामयिक निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया और कहा कि राज्य ने एक कद्दावर नेता और सीमांचल ने अपना मजबूत रहनुमा खो दिया है। वह सदैव उपेक्षितों की आवाज बने रहे और सच के लिए संघर्ष करते रहे। उनके योगदान को पार्टी कभी नहीं भूल सकेगा।



इस बीच केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने सांसद तस्लीमुद्दीन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि वह बिहार में सीमांचल की राजनीति में एक अलग पहचान रखने वाले महान शख्सियत थे। उनके निधन से बिहार की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राजद के वरिष्ठ नेता रघुनाथ झा, जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के विधायक श्याम रजक समेत कई अन्य नेताओं ने सांसद मो. तस्लीमुद्दीन के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुये इसे अपूरणीय क्षति बताया है। उल्लेखनीय है कि सांसद तस्लीमुद्दीन पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती थे, जहां आज तड़के उनका निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। उनके परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। 04 जनवरी 1943 को अररिया जिले के सिसौना गांव में जन्मे श्री तस्लीमुद्दीन वर्ष 1969 से 1996 के बीच सात बार विधायक चुने गये। वहीं, वर्ष 1989 में वह जनता दल की टिकट पर पूर्णिया से पहली बार सांसद बने और उसके बाद वह 1998, 2004 और 2014 में पुन: सांसद चुने गये। केंद्र की देवेगौड़ा सरकार में वह गृह राज्य मंत्री बनाये गये। इसके बाद वर्ष 2004 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में उन्हें कृषि राज्यमंत्री तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री भी बनाया गया। हालांकि वर्ष 2009 में वह लोकसभा चुनाव हार गये लेकिन वर्ष 2014 में मोदी लहर के बावजूद वह राजद की टिकट पर चुनाव जीत गये। 
Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...