बिहार में आईटी क्षेत्र को एसजीएसटी में मिलेगी 100 प्रतिशत छूट : नीतीश कुमार

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पटना 14 सितंबर, बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी(आईटी)एवं इससे जुड़ी सेवाओं का विस्तार करने के उद्देश्य आज इस क्षेत्र की स्थापित होने वाली नई इकाइयों को उत्पादन शुरू करने की तिथि से अगले पांच वर्ष तक राज्य वस्तु एवं सेवा कर(एसजीएसटी)में शत-प्रतिशत छूट देने की घोषणा की। श्री कुमार ने यहां आयोजित दो दिवसीय आईटी एवं आईटीईएस निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि उनकी सरकार राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके मद्देनजर वर्ष 2016 में नई औद्योगिक नीति भी बनाई गई। उन्होंने कहा कि राज्य में आईटी क्षेत्र की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक नीति में इस क्षेत्र की रियायतों के लिए और संशोधन किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की नई इकाइयों को उत्पादन शुरू करने की तिथि से अगले पांच वर्ष तक एसजीएसटी से शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान नीति में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार या इसके बाहर स्थापित की जाने वाली इकाइयों के लिये भूमि, शेड की लीज, बिक्री, भूमि हस्तांतरण पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में सौ प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान इकाई के उत्पादन शुरू करने के बाद किया गया है लेकिन आईटी क्षेत्र के लिये इकाइयों के उत्पादन शुरू करने से पहले ही स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में सौ प्रतिशत छूट दी जायेगी। साथ ही भूमि समपरिवर्तन शुल्क में ऐसी इकाइयों को उत्पादन के पूर्व ही शत-प्रतिशत छूट होगी। 


श्री कुमार ने कहा कि वर्तमान नीति में वैसी इकाइयों को ब्याज का दस प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया गया है, जो किसी बैंक या रिजर्व बैंक एवं पूंजी बाजार नियामत भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से पंजीकृत वितीय संस्थान से सावधि ऋण प्राप्त कर चुकी हो। इस अनुदान की अधिकतम सीमा स्वीकृत परियोजना लागत की 30 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि आईटी क्षेत्र की इकाई के लिये इस सीमा को बढ़ाकर स्वीकृत परियोजना लागत का पचास प्रतिशत किया जायेगा तथा अनुदान की अधिकतम सीमा दस करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये की जायेगी। साथ ही इकाई को नियोजन लागत अनुदान एवं कौशल विकास अनुदान भी दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में आईटी क्षेत्र में अपार संभावनायें हैं। उन्हाेंने कहा कि इस क्षेत्र में हार्डवेयर या साॅफ्टवेयर कोई भी उद्योग लगाने, जिसमें कुल निवेश कम से कम पांच करोड़ रुपये का हो और उसमें पचास से अधिक व्यक्ति बुनियादी कार्य में लगाये गये हों, को उच्च प्राथमिक क्षेत्र में रखा जायेगा। ऐसी इकाई को विशेष रियायत दी जायेगी शर्त यह होगी कि उसे तीन वर्ष के अंदर निवेश कार्य पूरा करना होगा। 
श्री कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में आईटी क्षेत्र के विकास के लिए कई कदम उठाये हैं। इस दिशा में आग बढ़ते हुये राजगीर में जहां नालंदा विश्वविद्यालय के नये कैम्पस का निर्माण किया जायेगा वहीं उसके निकट 100 एकड़ भूमि आईटी सिटी के लिये उपलब्ध कराई गई है। साथ ही पटना शहर में आईटी टावर के लिये भूमि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि आज बिहार आईटी एवं आईटीईएस इनवेस्टमेंट प्रमोशन विजन 2017 एवं बिहार ईएसडीएम विजन 2017 जारी किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना प्रोद्यौगिकी तथा इस पर आधारित सेवायें (आईटीईएस) एवं इलेक्ट्राॅनिक हार्डवेयर विर्निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले सामान्य कर्मियों को 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति-जनजाति एवं महिला कर्मियों को 100 प्रतिशत कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) एवं कर्मचारी भविष्य निधि कोष (ईपीएफ) योजना के तहत पांच वर्ष के लिए अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अनुदान की अधिकतम सीमा अनुसूचित जाति-जनजाति एवं महिला कर्मियों के लिये एक हजार रुपये एवं सामान्य कर्मचारियों के लिये 500 रुपये होगी। आईटी उद्योग को प्रति व्यक्ति बीस हजार रुपये या बीएसडीएम का दर जो भी कम हो, अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अनुदान का लाभ उन्हीं कर्मियों को दिया जाएगा, जो बिहार राज्य के मूल निवासी होंगे। श्री कुमार ने सम्मेलन में आये उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा, “आप यहां उद्योग लगायें, कोई परेशानी नहीं होगी। सरकार की ओर से आपको हरसंभव की सुविधा एवं संरक्षण दिया जायेगा। अन्य जगहों की तुलना में यहां अधिक मेहनती एवं विश्वसनीय लोग मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की लोकप्रियता काफी तेजी बढ़ रही है। इससे जुड़ी सेवा से संबंधित इकाई यहां भी लगायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती भ्रष्टाचार है और इसे रोकने का एकमात्र साधन तकनीक है। उन्होंने साइबर अपराध की चर्चा करते हुये कहा कि तकनीक के विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। समाज धीरे-धीरे आईटी पर निर्भर होता जा रहा है। इसका दुरुपयोग रोकने के लिए भी चौकस रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तकनीक से ही कामकाज में पारदर्शिता आएगी।

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, उद्योग मंत्री जयकुमार सिंह ने भी संबोधित किया। अमेरिका के इंडिया स्ट्रैटजिक पाटर्नरशिप फोरम मुकेश अघी ने मुख्यमंत्री श्री कुमार को अमेरिका आने का आमंत्रण दिया। समारोह में हैकथलन 2017 की विजयी टीमों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर ने पुरस्कृत किया है। आयोजित काॅनक्लेव में मुख्यमंत्री द्वारा इनवेस्ट आईटी लघु विडियो फिल्म का लोकार्पण किया गया। साथ ही आईटी एवं आईटीईएस इनवेस्टमेंट प्रमोशन विजन 2017 एवं बिहार ईएसडीएम विजन 2017 का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर श्री मोदी, उद्योग मंत्री जयकुमार सिंह, प्रधान सचिव वाणिज्यकर सुजाता चतुर्वेदी, प्रधान सचिव उद्योग डाॅ. एस. सिद्धार्थ, प्रधान सचिव श्रम संसाधन दीपक कुमार सिंह, सचिव सूचना एवं प्रावैधिकी राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, नेशनल प्रेसिडेंट इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन पंकज मोहिन्द्रो, केपीएमजी के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिल बंसल सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 
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