तेजस्वी ने सुशील मोदी को उनके अंदाज में दिया जवाब, दिखाये प्रॉपटी के दस्तावेज

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पटना 01 सितम्बर, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य के उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी को दस्तावेजों के जरिए उनके ही अंदाज में जबाव देते हुए आज कहा कि श्री मोदी ने मनीलांड्रिंग में शामिल अपने भाईयों की खोखा कंपनियों की बदौलत अपने कालेधन को सफेद करा लिया। श्री यादव ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में उप मुख्मयंत्री पर जमकर हमला बोला और कहा कि सुशील मोदी अपने भाईयों की खोखा कंपनियों के साथ किसी तरह का संबंध होने से इंकार करते रहे हैं, लेकिन उनके पास पर्याप्त दस्तावेजी सबूत हैं जिससे यह साबित होता है कि उन्होंने इन कंपनियों के जरिए अपने भाईयों और उनके पुत्रों को पावर ऑफ अटार्नी देकर फ्लैटों की खरीद-बिक्री कर कालेधन को सफेद किया है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रॉपटी से जुड़े दस्तावेज मीडिया के साथ साझा करते हुए कहा कि श्री मोदी ने अपने बड़े भाई आर.के. मोदी को पावर ऑफ अटार्नी देकर साल 2006 में 14.49 लाख रुपये मूल्य का एक फ्लैट खरीदा था। इसके बाद साल 2015 में श्री मोदी ने उक्त फ्लैट को 85 लाख रुपये में बेच दिया। उन्होंने कहा कि पावर ऑफ अटार्नी देकर बड़े भाई के जरिए खरीदे गये फ्लैट का निर्माण उनके भाई के खोखा कंपनी द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों से श्री मोदी का अपने भाईयों की कंपनियों के साथ कोई रिश्ता नहीं होने का दावा पूरी तरह झूठा साबित हुआ है।



श्री यादव ने कहा कि भाजपा नेता ने पहले इस तथ्य को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि श्री आर के मोदी उनके भाई है, लेकिन अब सब कुछ सार्वजनिक हो जाने से यह साबित हो गया है कि वह अपने पाप को छुपाने और जनता को गुमराह करने के लिए जानबूझ कर भाई के साथ अपने रिश्तों का छुपा रहे थे। इसी तरह साल 2010 में भी श्री मोदी ने अपने भतीजों को पावर ऑफ अटार्नी दिया था जिसके जरिए उनके भतीजे ने उनके लिए एक अन्य फ्लैट खरीदा था। राजद नेता ने कहा कि श्री मोदी का अपने भाईयों की खोखा कंपनियों के साथ गहरा संबंध रहा है जिसे वह अबतक नकार रहे थे। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि श्री मोदी को बताना चाहिए कि उन्होंने खोखा कंपनियों के जरिए फ्लैट की खरीद-बिक्री के लिए अपने भाई और भतीजे को पावर ऑफ अटार्नी दी थी। महज कालेधन को छुपाने के लिए ऐसा किया गया। श्री यादव ने कहा कि साल 2010 में श्री मोदी ने एक बार फिर भतीजे को पावर ऑफ अटार्नी देकर एक अन्य फ्लैट की खरीदारी की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्थित इस फ्लैट की कीमत 36.70 हजार रुपये थी। श्री मोदी ने फ्लैट की खरीद करते हुए भुगतान की प्रक्रिया से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी और ऐसा लगता है कि काले धन को सफेद करने के उद्देश्य से ही यह पूरी कवायद की गयी है।

श्री यादव ने कहा कि सुशील मोदी के भाई की कंपनी ने दावा किया है कि उन्होंने शून्य प्रतिशत ब्याज पर 500 करोड़ रुपये का रिण लिया है। यह काफी आश्चर्यजनक है ऐसा कौन सा बैंक या वित्तीय संस्था है, जो तरह की बड़ी रकम को शून्य प्रतिशत ब्याज पर दे सकती है। इससे भी अधिक आश्चर्य की बात यह है कि कंपनी ने 186 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक ऋण भी दिया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोदी के भाई की खोखा कंपनियों के जरिए 500 करोड़ और 186 करोड़ रुपये की बड़ी राशि का लेन-देन साफ तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से 2013 के दौरान इन खोखा कंपनियों के माध्यम से किया गया लेन-देन वहीं अवधि है, जब सुशील मोदी राज्य के वित्त मंत्री थे। श्री यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सुशील मोदी और उनके भाईयों के खोखा कंपनियों के बीच संबंधों को लेकर पूरे दस्तावेजी सबूत के साथ केन्द्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और अन्य केन्द्रीय एजेंसियों को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग करेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जांच के लिए ज्ञापन सौंपा जायेगा। 

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