विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 01 सितम्बर

डाॅक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के बिना प्रतिबंधित दवा ना दें दवा विक्रेता

कलेक्टर श्री अनिल सुचारी के संज्ञान में लाया गया है कि प्रतिबंधित दवाएं मेडीकल स्टोरों से डाक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के बिना दी जा रही है। कलेक्टर श्री सुचारी ने जिले के सभी दवा विक्रेता (मेडीकल स्टोर) को निर्देशित किया है कि चिकित्सीय प्रिस्क्रिप्शन पर ही संबंधित मरीज को दवाएं दी जाएं।  कलेक्टर श्री सुचारी ने खासकर लटेरी क्षेत्र के मेडीकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि क्षेत्र में ऐसी अनेक प्रतिबंधित दवाएं सीधे क्रेताओं को दी जा रही है जो चिकित्सक के द्वारा लिखी नही जा रही हैै।  जांच पड़ताल के दौरान यदि किसी मेडीकल स्टोर संचालक के द्वारा डाक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के बिना ‘‘एविल’’ के इंजेक्शन दिए जाते है तो संबंधित मेडीकल स्टोर संचालक के खिलाफ चिकित्सा अधिनियमों के तहत कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्टर द्वारा टीकाकरण कार्यो की समीक्षा

vidisha news
कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने आज स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सम्पादित किए जाने वाले कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने खासकर नियमित और अभियान के माध्यम से क्रियान्वित टीकाकरण कार्यो की विकासखण्डवार समीक्षा की।  कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि टीकाकरण से एक भी बच्चा और गर्भवती माताएं वंचित ना रहे के पुख्ता प्रबंध स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित किए जाए। उन्होंने विभिन्न स्त्रोंतो के माध्यम से संकलित किए जाने वाले डाटाओं में एकरूपता प्रदर्शित हो पर बल देते हुए कहा कि समीक्षा के दौरान डाटा के आंकडो में काफी अंतर प्रदर्शित हो रहा है। टीकाकरण के उपरांत डाटा इन्ट्री का कार्य उसी दिन सम्पादित हो ऐसे प्रबंध प्रत्येक विकासखण्ड में क्रियान्वित किए जाए। कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि जिले के सभी डिलेवरी पाइंटो में अनुपातिक डिलेवरी नही हो रही है। अतः  इन केन्द्रों में पदस्थ स्वास्थ्य अमला अपने नियत मुख्यालय पर रहें। उन्होंने ततसंबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ बीएल आर्य को निर्देश दिए कि ऐसे चिकित्सक जो मुख्यालय पर नही रहते है उनकी सूचीबद्व कर वेतन रोकने की कार्यवाही की जाए। चिकित्सीय अमला एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू के द्वारा नवीन प्रपत्रों मंे जानकारियां उनके द्वारा सुगमता से अंकित की जा सकें। इसके लिए विकासखण्डवार उन्हें प्रशिक्षित करने की व्यवस्था क्रियान्वित करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा कि प्रशिक्षण में तमाम प्रपत्रों की प्रतियां प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराई जाएं और प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा प्रपत्रों को भरने की कार्यवाही कराई जाए। ताकि डाटा सही दाखिल हो सकें। बैठक में मिशन इन्द्रधनुष के तहत क्रियान्वित अभियानोें की उपलब्धियों की भी समीक्षा इस दौरान की गई। कलेक्टेªट के सभाकक्ष में हुई उक्त बैठक में मेडीकल आफीसर श्री एसके अहिरवार, डब्ल्यूएचओ के द्वय प्रतिनिधि डाॅ रजावत, डाॅ जोशी के अलावा चिकित्सक डाॅ प्रमोद मिश्रा के अलावा समस्त बीएमओ एकीकृत बाल विकास सेवाएं के सहायक संचालक श्री विवेक शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एचएन नेमा मौजूद थे। 



मंत्री श्री रामपाल सिंह तीन को विदिशा आएंगे

लोक निर्माण, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के मंत्री श्री रामपाल सिंह राजपूत रविवार तीन सितम्बर को विदिशा में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मंत्री श्री रामपाल सिंह का प्राप्त दौरा कार्यक्रम अनुसार तीन सितम्बर की प्रातः दस बजे भोपाल से प्रस्थान कर प्रातः 11 बजे विदिशा आएंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों के उपरांत मंत्री श्री राजपूत दोपहर तीन बजे नरसिंहगढ के लिए रवाना होंगे। 

प्रभार सौंपा

कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री एएस कुरैशी को विमुक्त घुमक्कड़ एवं अद्र्व-घुमक्कड जनजाति कल्याण विभाग का प्रभार सौंपा है। श्री कुरैशी को पिछडा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण में रहते हुए विमुक्त घुमक्कड़ एवं अद्र्व-घुमक्कड जनजाति कल्याण विभाग का कार्य प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारी की हैसियत से अतिरिक्त रूप से संपादित करेंगे।

शिक्षक सम्मान समारोह पांच को

जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह पांच सितम्बर को आयोजित किया गया है कि जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सम्मान समारोह उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में दोपहर दो बजे से शुरू होगा। सम्मान समारोह में जिले के वर्ष 2016-17 की हाईस्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की परीक्षाओं में शत प्रतिशत परिक्षा परिणाम देने वाले शालाओं के प्राचार्य एवं सितम्बर 2016 से अगस्त 2017 तक की समयावधि में जिले के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं जिला स्तरीय शैक्षणिक संगोष्ठी में चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी इस दौरान सम्मानित किया जाएगा।

छात्रवृत्ति फार्म तीस तक जमा होंगे

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में छात्रवृत्ति प्रदाय करने हेतु अनुसूचित विकास के आयुक्त द्वारा कैलेण्डर जारी किया गया है कि जानकारी देते हुए जिला संयोजक श्री नरेन्द्र अवस्थी ने बताया कि छात्रवृत्ति पोर्टल पर छात्रवृत्ति संबंधी आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर है। प्राप्त आवेदनों को 31 अक्टूबर तक स्वीकृत किया जाएगा और छात्रवृत्ति का वितरण 31 दिसम्बर 2017 तक किया जाएगा। जिला संयोजक श्री अवस्थी ने जिले के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य, संचालको से कहा है कि अपनी-अपनी संस्था में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि से अनिवार्यतः अवगत कराए और विद्यार्थियों को प्रेरित करे कि वे अंतिम तिथि के पहले छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपना आवेदन फार्म अनिवार्यतः दाखिल कराएं ताकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्राप्ति में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पडे़।

आवास सहायता योजना के तहत आवेदन आमंत्रित

राज्य सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को आवास सहायता योजना के तहत लाभांवित किया जाता है। ततसंबंध में कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक को निर्देश प्रसारित किए है कि सुपात्र विद्यार्थी आवास सहायता योजना से वंचित ना हो के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने संबंधित शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत वर्ग विशेष के विद्यार्थियों को आवास सहायता योजना की जानकारी सुगमता से प्राप्त हो सकें इसके लिए महाविद्यालय में जागरूकता शिविरों का आयोजन करने के भी निर्देश दिए है। आवास सहायता योजना हेतु संबंधित विद्यार्थियों को आॅन लाइन आवेदन दाखिल करने होंगे। इसके अलावा गतवर्ष की अंक सूची, मकान मालिक एवं किरायादार का शपथ पत्र, एग्रीमेंट की छायाप्रति, नवीन विद्यार्थियों को उनके बैंक खाते की जानकारी, किराएदार होने का साक्ष्य थाना प्रभारी के माध्यम से प्राप्त करना होगा। आधार कार्ड के अलावा विद्यार्थी की 75 प्रतिशत उपस्थिति का प्रमाण पत्र, इत्यादि प्रमुख है। ततसंबंध में अन्य विस्तृत जानकारी के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक कार्यालय में कार्यालयीन दिवसों, अवधि में सम्पर्क कर प्राप्त की जा सकती है।



आर्थिक सहायता जारी

कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने हिट एण्ड रन के प्रकरणों में आर्थिक मदद के आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेश में उल्लेख है कि सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजन को 15 हजार रूपए तथा घायल को साढे सात हजार रूपए की आर्थिक मदद जारी की गई है। सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर चार प्रकरणों में क्रमशः 15-15 हजार रूपए की आर्थिक मदद जारी की गई है तदानुसार ग्राम सांकलखेडाखुर्द के श्री ताजमोहम्मद खां की मृत्यु उपरांत मृतक की पत्नी श्रीमती सलीमाबी को, ग्राम हसनपुर जाठौदा के श्री लक्ष्मीनारायण लोधी की मृत्यु होने पर मृतक की पत्नी श्रीमती रीना लोधी को, ग्राम परसोरिया के श्री अंसार खां की मृत्यु उपरांत मृतक की पत्नी श्रीमती अफसानाबी को तथा ग्राम झिरिया बरामदगढ जिला रायसेन की ललताबाई की मृत्यु ग्राम अटारीखेजडा मंे हो जाने के कारण मृतिका के पति श्री हरीशचंद्र कुशवाह को आर्थिक मदद जारी की गई है। इसके अलावा सड़क दुर्घटना में घायल होने पर ग्राम रंगई के श्री हीरा को साढे सात हजार रूपए की मदद जारी की गई है। 

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के पांच वर्ष होने पर कार्यक्रम तीन को आयोजित

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तीन सितम्बर को जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है कि जानकारी देते हुए योजना के जिला नोड्ल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री एके मांझी ने बताया कि योजनाओें से लाभांवित होने वालो को ही उक्त कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है ताकि उनके अनुभवों को साझां किया जा सकें। कार्यक्रम तीन सितम्बर को एसएटीआई के पाॅलिटेक्निक सभागृह मंे दोपहर 12 बजे से आयोजित किया गया है।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का आयोजन आज से मीडिया कार्यशाला सम्पन्न

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का आयोजन जिले में भी एक से सात सितम्बर के दरम्यिान किया जाएगा। अभियान के उद्धेश्यों और व्यापक प्रचार-प्रसार में मीडियाकर्मियों की सहभागिता हो इसके लिए गुरूवार को एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कलेक्टेªट के सभाकक्ष में हुई उक्त मीडिया कार्यशाला में एकीकृत बाल विकास सेवाएं के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश शिवहरे ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह आयोजन के उद्धेश्यों को विस्तारपूर्वक बताया कि उन्होंने बाल मृत्यु को कम करने और कुपोषण को रोकने के लिए जिले में किए जा रहे कारगर प्रयासों को भी रेखांकित किया। कार्यशाला में बताया गया कि जन्म के एक घंटे के भीतर माताएं नवजात शिशु को स्तनपान अनिवार्यतः कराएं। बच्चों को छह माह के पश्चात् ऊपरी आहार देने की शुरूआत की जाए। तरल पदार्थ के रूप में ऊपरी आहार कैसे तैयार करना, बच्चे को खिलाना इत्यादि की जानकारी पावर प्रेजेन्टेशन के माध्यम से दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि बच्चे को पूरक आहार के साथ-साथ स्तनपान दो वर्ष या इससे अधिक तक जारी रखा जा सकता है। छह माह के पहले आहार की शुरूआत करने से होने वाली हानियां, बीमारियों की भी जानकारी इस दौरान दी गई। डाॅ प्रदीप गुप्ता ने बच्चों के स्वास्थ्य पर पढ़ने वाले प्रतिकूल असर, सावधानियांें के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को किसी भी प्रकार की तकलीफ हो तो इलाज में चिकित्सक की सलाह जरूर लंे। शासकीय कन्या महाविद्यालय की डायटिस्ट प्रोफेसर के द्वारा महिलाओं को गर्भधारण के दौरान अपने आहार में किन खाद्य पदार्थो का अधिक सेवन करना चाहिए और किन खाद्य पदार्थाे से बचें की जानकारी दी गई। वही नवजात शिशु कुपोषित ना हो इसके लिए आहारो की जानकारी उनके द्वारा सूचीबद्ध कराई गई है। कार्यशाला के माध्यम से मीडियाकर्मियों से आग्रह किया गया कि वे राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के प्रति आमजनों में जागरूकता बढ़े इसके लिए प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देने का कष्ट करें। सप्ताह भर आयोजित होने वाली गतिविधियों के संबंध में बताया गया कि एक सितम्बर को पोषण परामर्श सत्र, दो को पोषण बाल सभा तथा बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता पर चर्चा, चार को संतुलित पोषण थाली प्रतियोगिता, पांच को गोद भराई तथा परामर्श, टीएचआर की नई व स्वादिष्ट रेसिपी की जानकारी, छह को पोषण दस्तक तथा पोषण प्रश्नोत्तरी भरना, ग्राम की पोषण वाटिका का कृषि विभाग के अमले का भ्रमण एवं सुझाव, सात सितम्बर को कन्या महाविद्यालय में पोषण परिचर्चा तथा विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता ‘‘कैसा हो अपने गांव का संतुलित भोजन’’ विषय पर आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में श्रीमती रेखा श्रीवास्तव, विभाग के सहायक संचालक श्री विवेक शर्मा एवं मीडियाकर्मी मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, आवेदनों में समग्र आईडी अंकित करनी होंगी

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ आवेदक एक ही बार ले सकें उनकी पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए जिले में नवाचार किया गया है। कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने बताया कि अब मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत आवेदनकर्ता को अपने समग्र आईडी भी फार्म में अंकित करनी होगी। कलेक्टर श्री सुचारी ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना मेें पारदर्शिता रखने के लिए एनआईसी के द्वारा विकसित आॅन लाइन साफ्टवेयर जिसका एडेªस ीजजचयध्ध्ेेेउण्दपबण्पद  है। जिले में एम्लीमेंट करने के लिए एनआईसी के डीआईओ श्री एमएल अहिरवार को निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजन के आवेदनोें को आॅन लाइन करने के लिए कम्प्यूटर आपरेटरों की एक दिवसीय टेªनिंग एक सितम्बर को आयोजित किया गया था। जिसमें ईजाद किए गए नवीन साफ्टवेयर के संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। उक्त प्रशिक्षण दोपहर दो बजे से एनआईसी विदिशा में आयोजित किया गया था। जिसमें जिले के समस्त तहसीलों, निकायों एवं जनपदों के कम्प्यूटर आपरेटर शामिल हुए थे।

सुझाव पांच तक आमंत्रित

प्रदेश की रेत खनन एवं विपणन नीति तैयार की गई है ततसंबंध में आमजनों से सुझाव आॅन लाइन पांच सितम्बर तक आमंत्रित किए गए है। की जानकारी देते हुए जिला खनिज अधिकारी श्री रमेश पटेल ने बताया कि विभाग द्वारा अन्य राज्यों की खनन नीति का परीक्षण किया गया है परीक्षण उपरांत प्रदेश में दिनांक 21 जुलाई 2017 को राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, पर्यावरणविद, तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए थे। कार्यशाला उपरांत विभाग द्वारा रेत खनन एवं विपणन नीति का प्रारूप तैयार कर इस पर प्रदेश के सभी आयुक्त आईजी, कलेक्टर, एसपी तथा जन सामान्य से सुझाव आमंत्रित किए गए थे। इन सुझावों के परीक्षण उपरांत तेलगांना राज्य, छत्तीसगढ़ राज्य एवं प्रदेश में वर्तमान मेें प्रचलित रेत खनन नीति को समाहित करते हुए विभाग द्वारा नवीन रेत खनन एवं विपणन नीति तैयार की गई है। जिसे बेवसाइट एवं शासन की बेवसाईट पर प्रदर्शित किया गया है। इस नीति में मुख्य तथ्य यह प्रस्तावित किया गया है कि खदानों का चिन्हांकन खसरा के आधार पर न करके रेत के भौगोलिक विस्तार को आधार लिया गया है। जिसकी खनन योजना आवश्यक पर्यावरण अनुमति कलेक्टर द्वारा ली जाएगी। रेत हार्वेस्टिंग एवं विक्रय का कार्य अलग-अलग ऐजेन्सी के माध्यम से किया जाएगा। रेत का विक्रय इसे डिपो पर संग्रहित कर वहां से किया जाएगा। खदानों का संचालन पंचायतों एवं स्थानीय निकाय के नियंत्रण के अधीन होगा। डिपो पर रेत की दर का निर्धारण पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर जिला स्तर पर गठित एक समिति के द्वारा किया जाएगां रेत का परिवहन पंजीकृत वाहनों से किया जाएगा। खदानों के संचालन से प्राप्त रायल्टी राशि में से 50 प्रतिशत राशि संबंधित ग्राम पंचायत/नगरीय निकाय, 30 प्रतिशत राशि जिला कलेक्टर तथा 20 प्रतिशत राशि राज्य शासन/निगम को प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। नागरिकों को रेत परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सेण्ड ट्रांसपोर्ट टेक्सी की व्यवस्था किए जाने का प्रावधान किया गया है।

कैंसर निदान षिविर 3सितम्बर को

सेवाभारती भवन श्रीकृध्ण कालोनी दुर्गानगर में 3 सितम्बर रविवार को सुबह11 बजे से कैंसर रोग से पीड.ीत मरीजों की जांच एंव चिकित्सा परामर्ष जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल रिसर्च सेंटर भोपाल के डाॅ महेन्द्र पाल सिंग दृारा की जायेगी। सेवा भारती के सचिव राजीव भार्गव ने ऐसे मरीज जिनको षरीर के किसी भी स्थान में कैंसर,अंाचल कैंसर,बच्चादानी का कैंसर,पेट व आतों का कैंसर,फेफडो का कैंसर,साफट टिषू एंव हड्डी का कैंसर,ल्यूकोमिया एंव लिम्फोमा कैंसर,अथवा आपरेषन की सलाह ले सकते हैं। इस उपचार  षिविर का लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन 3 सितम्बर रविवार को सुबह 10बजे से 12 बजे तक सेवा भारती भवन श्रीकृध्ण कालोनी दुर्गानगर में करा सकते हैं।
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