दीपावली से पहले ही जहरीली हुयी दिल्ली की हवा


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नयी दिल्ली 18 अक्टूबर, दीपावली के एक दिन पहले ही कई स्थानों पर दिल्ली की हवा में इतना जहर घुल चुका है कि वह जानलेवा बन गयी है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली प्रणाली ‘सफर’ के आंकडों के अनुसार दिल्ली में इस समय मथुरा रोड,लोदी रोड,पूसा ,दिल्ली विश्वविद्यालय और पीतमपुरा में हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ स्तर पर पहुंच चुकी है जबकि इंदिरागांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल थ्री,अयंगार,धीरपुर और पड़ोसी इलाके नोएडा और गुडगांव में स्थिति खराब है। कल मंगलवार को ही दिल्ली में वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गयी थी जिसे देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण (बचाव एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ‘चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना’ (जीआरएपी) के तहत बेहद खराब और गंभीर श्रेणी के प्रतिबंध लागू कर दिये। इसमें डीजल जेनरेटरों, हॉट मिक्स प्लांटों और पारंपरिक ईंट भट्ठों पर प्रतिबंध शामिल हैं। ये प्रतिबंध 15 मार्च 2018 तक लागू रहेंगे। इस दौरान बदरपुर ताप विद्युत संयंत्र भी बंद रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर हवा की गुणवत्ता और खराब होती है तो ऐसी परिस्थिति से निबटने के लिए समुचित प्रबंध किए गए है। पिछले साल दिल्ली में हवा की गुणवत्ता का स्तर बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया था जिसके कारण सरकार को स्कूलों को बंद करने तथा निर्माण कार्यों पर रोक लगाने जैसे उपाय करने पड़े थे। ईपीसीए के अनुसार यदि इस बार पर्टिक्युलेट मैटर बेहद खतरनाक स्तर 2.5 पर पहुंच जाता है तो फिर कुछ और सख्त उपाय करने पडेंगे जिसमें निर्माण गतिविधियों पर रोक तथा आड ईवन प्रणाली लागू करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा हालात को देखते हुए उच्चतम न्यायालय का दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक का कदम बिल्कुल सही है। अगर अभी वायु प्रदूषण की यह हालत है तो पटाखे जलने के बाद न जाने क्या हो जाता। दिल्ली में सांस लेना भी दूभर हो सकता था।

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