दुमका (झारखण्ड) की 31 अक्टूबर की हलचल

एयर फोर्स ने कराया ताकत का ऐहसास, विमानों ने दिखाये हैरतअंगेज कारनामें

dumka news
31 अक्टूबर का दिन दुमका के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। सुबह सवेरे से ही बच्चे से लेकर युवा दुमका हवाई अड्डा की ओर जाते दिख रहे थे। ऐसा दुमका के इतिहास में पहली बार हो रहा था जब झारखण्ड का एक मात्र एयर फोर्स स्टेषन सिंगारसी अपनी स्वर्णजयन्ती वर्ष दुमका हवाई अड्डा पर मना रहा था। इस अवसर पर जिला प्रषासन की मद्द से भव्य एयर शो का आयोजन किया गया जिसमें इंडियन एयर फोर्स की टीम ने अपनी ताकत का एहसास कराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्ेष्य वायु सेना की ताकत के एहसास कराने के साथ-साथ युवाओं को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान वायु सेना के जाबाजों ने अद्भुत शक्ति एवं शौर्य का प्रदर्षन कर यह साबित कर दिया कि हम किसी से कम नही हैं। एयर शो के दौरान हैरतअंगेज करतब देख हजारों हजार की संख्या में मौजूद दर्षक रोमांचित हो गये। कार्यक्रम की शुरुआत में आकाष गंगा टीम ने 7000 हजार फीट की उचाई से झलांग लगाई और तिरंगे के रंग में रंगे पैराषूट से दुमका के हवाई अड्डे पर उतरे। पैराजंपर्स के इस कारनामें को देख कार्यक्रम को देखने पहुंचे लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा दुमका गंुजायमान हो उठा। एयर फोर्स के सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम जैसे ही दुमका के आसमान में दिखी लोगों ने भरपूर तालियों के साथ उनका स्वागत किया। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने करीब 20 मिनट तक अपने करतब से लोगों का मनोरंजन किया। कुल चार विमान 700 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बादलों को चीरते हुऐ अपना भव्य प्रदर्षन कर रही थी। इस दौरान हवा में विमान अलग-अलग आकृति बनाकर लोगों अपना करतब दिखा रही थी। एयर फोर्स के एयर वारियर ड्रील टीम के जबानों ने राईफल्स के जरिये ऐसा करतब दिखाया कि लोग दंग रह गये। साढ़े पाँच किलो वजन के राईफल को हाथ में फुटबाॅल की तरह घुमाया तो पूरा ग्राउंड खड़ा होकर उन्हें सलामी देता नजर आ रहा था। युवाओं के साथ-साथ बच्चे- बूढ़े सभी ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका भरपूर हौसला अफजाही किया। इससे पूर्व बच्चों ने इस आयोजन के दौरान कराटे का प्रदर्षन किया तथा अपने विधा से लोगों को रोमांचित किया। वहीं दूसरी तरफ झारखंड के पारंपरिक नृत्य भी आकर्षण का केन्द्र रहा। एयर शो की शुरुआत राष्ट्रगान की धुन से हुई। सभी ने खड़े होकर राष्ट्रगान गाया। कार्यक्रम के समापन पर ग्रुप कैप्टन अभिषेक झा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मैं तहे दिल से दुमका को धन्यवाद देता हंू जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि दुमका जिला प्रषासन की जितनी भी तारीफ की जाय वो कम होगी। दुमका जिला प्रषासन ने इस आयोजन के लिए हर संभव मद्द किया। एयर फोर्स की टीम जिला प्रशासन को धन्यवाद देती है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक अखिलेष झा, दुमका के उपायुक्त मुकेष कुमार, पुलिस अधीक्षक मयूर पटेल, उप विकास आयुक्त शषिरंजन को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देता हूं। युवाओं को उन्होंने कहा कि इंडियन एयर फोर्स एक बेहतर कैरियर है आप सभी युवा एयर फोर्स जरुर चुने। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर रन फाॅर यूनिटी, शपथ ग्रहण समारोह तथा फुटबाॅल मैच का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री आमंत्रण फुटबाॅल प्रतियोगिता में जिला स्तरीय मैच के फाईनल में गोपीकान्दर ने षिकारीपाड़ा को टाई ब्रेकर में हराया। 2 से 4 नवम्बर को जोनल स्तरीय फुटबाॅल प्रतियोगिता होगा जिसमें 6 जिला भाग लेंगे। जिसका आयोजन पुलिस लईन दुमका में किया जायेगा। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री डाॅ0 लुईस मरांडी, नगर पर्षद अध्यक्षा अमिता रक्षित, पुलिस महा निरीक्षक अखिलेष झा, पुलिस अधिक्षक मयूर पटेल, ग्रुप कैप्टन अभिषेक झा,  उप विकास आयुक्त शषिरंजन, प्रषिक्षु आई ए एस विषाल सागर, जिला प्रषासन के वरीय अधिकारी, एयर फोर्स के वरीय अधिकारी के साथ-साथ दुमका जिला सम्मानित नागरिकगण तथा बड़ी तादात में लोग उपस्थित थे।


राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य सभी धर्मां की आपसी एकता से है-कुलपति

संताल एकडेमी सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका से राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पूर्वा0 7 बजे कुलपति प्रो मनोरंजन प्रसाद सिन्हा, कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी, प्रतिकुलपति प्रो सत्य नारायण मुंडा व नगर अध्यक्षा अमिता रक्षित ने संयुक्त रूप से भाग ले रहे सैकड़ो छात्र-छात्रों को हरी झंडी दिखाकर रन फॉर यूनिटी टीम को रवाना किया। इस कार्यक्रम के मद्देनजर हिन्दू मुस्लिम, सिक्ख व ईसाई की भेशभूषा में विविधता में एकता को प्रदर्शित किया। कुलपति ने कहा जाति, धर्म, वगर्, सम्प्रदाय, पंत, मजहब से अलग रहकर सभी धर्मों का सम्मान एक बराबर है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य राष्ट्रीय सीमाओं सहित सुरक्षा की आंतरिक चुनौतियों व परेशानियों को एक साथ मिल बैठ कर हल करें।  उन्होंने कहा नक्सलवाद, क्षेत्रवाद व जातिवाद जैसी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। ऐसे में संगठित होकर ही बाधाओं को समाप्त किया जा सकता है। तभी एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना सार्थक हो सकती है। अखण्ड भारत के निर्माण में युवाओं की खासी भूमिका है। मंत्री डा0 लुईस मराण्डी, कुलपति डा0 मनोरंजन प्रसाद सिन्हा, नगर परिषद् अध्यक्षा अमिता रक्षित ने भी रन फाॅर यूनिटी में दौड़ लगाए। काफी संख्या में विवि पदाधिकारी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी, छात्र-छात्राओं के साथ-साथ  आम लोग भी इस दौड़ मंे शामिल थे। इस दौरान विभिन्न राज्यो के पारंपरिक परिधान में छात्रों ने खुद को ढाल लिया था।  डिस्प्ले कार्ड में स्लोगन लेकर रन फॉर यूनिटी के उद्देश्य से आम लोगों को जागरुक किया जा रहा था। स्वत्रन्त्र देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के 143 वीं जयंती के अवसर पर उनके सन्देश को खुद के चरित्र जोड़ने की अपील की गई। रन फॉर यूनिटी दौड़ के पहले कुलपति ने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। डॉ लुईस मरांडी व  अन्य गण्यमान्य व्यक्ति, पदाधिकारीगण, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तरगण कर्मचारीगण व छात्र-छात्राओं ने इस अवसर पर   शपथ लिया। इस अवसर पर कुल सचिव डॉ धुर्व नारायण सिंह, विश्वविद्यालय खेल पदाधिकारी व कार्यक्रम के समन्वयक डा0 रंजीत कुमार सिंह, डॉ प्रमोदनी हांसदा, डॉ शम्भू नाथ मिश्रा, डॉ गगन ठाकुर, डॉ प्रशांत कुमार, डॉ रीना लकड़ा, प्रो सुजीत सोरेन, डॉ परमानंद सिंह, कॉलेज निरीक्षक डॉ काशीनाथ  झा, डॉ संजीव कुमार सिन्हा, सहायक कुलसचिव शम्भू सिंह, राजकुमार झा, इग्नोसिस मरांडी, अतुल झा, अजित कुमार सिंह, कार्यक्रम की समन्वयक प्रो अंजुला मुर्मू मौजूद थे। 

4 नवम्बर से लगेगा दुमका में कबड्डी का महाकुंभ

4 नवम्बर से 7नवम्बर 2017 तक दुमका के सिदो कान्हु आउटडोर स्टेडियम में 16वर्ष से कम आयुवर्ग के बालक और बालिकाओं का 29 वाँ नेशनल सब जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है ।इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्य और संस्थाओं के लगभग 84 टीमों के भाग लेने की संभावना है ।जिला कबड्डी संघ के सचिव हैदर हुसैन ने बतलाया कि आयोजन की सभी तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है ।इसके लिए आउटडोर स्टेडियम में 6 कबड्डी कोर्ट तैयार किया जा रहा है ।प्रत्येक दिन 3 कोर्ट पर बालकों का तथा 3 कोर्ट पर बालिकाओं का मैच आयोजित किया जायेगा ।उन्होंने बतलाया कि झारखंड टीम का चयन कर लिया गया है तथा सभी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय कोच छोटन प्रसाद प्रशिक्षण दे रहे हैं ।उन्होंने झारखंड के खिलाड़ियों से उम्दा प्रदर्शन किये जाने की उम्मीद जाहिर की । श्री हुसैन ने कबड्डी खेल के सम्बन्ध में बतलाया कि कबड्डी एक खेल है, जो मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप मे खेली जाती है। कबड्डी नाम का प्रयोग प्रायरू उत्तर भारत में किया जाता है, इस खेल को दक्षिण में चेडुगुडु और पूरब में हु तू तू के नाम से भी जानते हैं। यह खेल भारत के पड़ोसी देश नेपाल,  बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान में भी उतना ही लोकप्रिय तमिल, कन्नड और मल यालम में ये मूल शब्द, कबड्डी, बांग्लादेश का राष्ट्रीय खेल है। साधारण शब्दों में इसे ज्यादा अंक हासिल करने के लिए दो टीमों के बीच की एक स्पर्धा कहा जा सकता है। अंक पाने के लिए एक टीम का रेडर (कबड्डी-कबड्डी बोलने वाला) विपक्षी पाले (कोर्ट) में जाकर वहां मौजूद खिलाडियों को छूने का प्रयास करता है। इस दौरान विपक्षी टीम के स्टापर (रेडर को पकड़ने वाले) अपने पाले में आए रेडर को पकड़कर वापस जाने से रोकते हैं और अगर वह इस प्रयास में सफल होते हैं तो उनकी टीम को इसके बदले एक अंक मिलता है। और अगर रेडर किसी स्टापर को छूकर सफलतापूर्वक अपने पाले में चला जाता है तो उसकी टीम के एक अंक मिल जाता और जिस स्टापर को उसने छुआ है उसे नियमतरू कोर्ट से बाहर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि16 वर्ष से कम उम्र अर्थात् सब जूनियर कबड्डी में कोर्ट का माप 11मीटर गुणा 8 मीटर होता है। कोर्ट के बीचोबीच एक लाइन खिंची होती है जो इसे दो हिस्सों में बांटती है। कबड्डी महासंघ के हिसाब से सब जूनियर कबड्डी में कोर्ट का माँप 11 मीटर गुणा 8 मीटर होता है। उन्होंने कहा कि खिलाडियों के पाले में आने के बाद टॉस जीतने वाली टीम सबसे पहले अपना खिलाड़ी (रेडर) विपक्षी पाले में भेजती है। यह रेडर कबड्डी-कबड्डी बोलते हुए जाता है और विपक्षी खिलाडियों को छूने का प्रयास करता है। इस दौरान वह इस बात का पूरा ख्याल रखता है उसकी सांस ना टूटे। सांस टूटने की स्थिति में उसे भागकर अपने पाले में लौटना होता और जब तक वह सांस रोके रखकर कबड्डी-कबड्डी बोल सकता है, वह अपनी चपलता का उपयोग कर विपक्षी खिलाडियों (स्टापरों) को छूने का प्रयास कर सकता है। इस प्रक्रिया में अगर वह विपक्षी टीम के किसी भी स्टापर को छूने में सफल होता है तो उस स्टापर को मरा हुआ (डेड) समझ लिया जाता है। ऐसे में उस स्टापर को कोर्ट से बाहर जाना पड़ता है। और अगर स्टापरों को छूने की प्रक्रिया में रेडर अगर स्टापरों की गिरफ्त में आ जाता है तो उसे मरा हुआ (डेड) मान लिया जाता है। यह प्रक्रिया दोनों टीमों की ओर से बारी-बारी चलती रहती है। इस तरह से हर दल का खिलाड़ी बारी बारी से क्रम बदलते रहते हैं और अंत में जिसके दल में सब्से ज्यादा सदस्य बचे रह जाते हैं उस दल को विजेता घोषित कर दिया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि यह खेल आमतौर पर 20-20 मिनट के दो हिस्सों में खेला जाता है। हर हिस्से में टीमें पाला बदलती हैं और इसके लिए उन्हें पांच मिनट का ब्रेक मिलता है। हालांकि आयोजक इसके एक हिस्से की अवधि 10 या 15 मिनट की भी कर सकते हैं। हर टीम में 5-6 स्टापर (पकड़ने में माहिर खिलाड़ी) व 4-5 रेडर (छूकर भागने में माहिर) होते हैं। एक बार में सिर्फ चार स्टापरों को ही कोर्ट पर उतरने की इजाजत होती है। जब भी स्टापर किसी रेडर को अपने पाले से बाहर जाने से रोकते हैं उन्हें एक अंक मिलता है लेकिन अगर रेडर उन्हें छूकर भागने में सफल रहता है तो उसकी टीम को अंक मिल जाता है। पूरे मैच की निगरानी सात लोग करते हैंरू एक रेफरी, दो अंपायर, दो लाइंसमैन, एक टाइम कीपर और एक स्कोर कीपर। तो आइए आने वाले दिनों में हमसब भी कबड्डी- कबड्डी, चेडुगुडु -चेडुगुडु और हु- तू -तू करने की तैयारी पूरी कर लें ।

आकाश में बादल घिरे रहने की वजह से एयर शो का पूरा रोमांस दर्शक उठा पाने में सफल नहीं रहे

सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती व इंडियन एयर फोर्स स्टेशन, सिंगारसी (पाकुड़) संस्थान के गोल्डन जुबली वर्ष के अवसर पर दिन मंगलवार को प्रातः 9 से दोपहर 12 बजे तक दुमका हवाई अड्डा में एयर शो व एयरफोर्स ड्रिल का संयुक्त रुप से भव्य प्रदर्शन किया गया। दुमका व आसपास के क्षेत्रों से तकरीबन चालीस से पच्चास हजार की संख्या में मौजूद भीड़ ने इस शो का आनंद उठाया। आसमान में बादल छाये रहने की वजह से दर्शक इस कार्यक्रम का पूरा लुफत उठा पाने में सफल नहीं रहे। काफी देर तक बादल छटने का इंतजार लोग करते रहे। चारों ओर बादल से घिरे आकाश के बावजूद भारतीय वायुसेना के जवानों ने छः हजार फीट की उँचाई से पैरालैंिडग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर सूबे की समाज कल्याण मंत्री डा0 लुईस मराण्डी, जिला प्रशासन, दुमका की पूरी टीम, इंडियन एयरफोर्स सिंगारसी के पदाधिकारी व कर्मचारीगण, अन्य आमंत्रित अतिथिगण व मीडिया के लोग मौजूद थे। एयर फोर्स की आकाश गंगा टीम ने आसमान में छाए बादलों के बाद भी साहस का परिचय देते काफी ऊंचाई से पैरासूट के जरिये छलांग लगाकर लैन्डिंग किया तथा दर्शकों में रोमांच पैदा कर दिया। अद्भुत नजारा देखकर लोग काफी प्रभावित हुए। दुमका के अब तक इतिहास में शायद यह पहला अवसर है जबकि यहाँ एयर शो का आयोजन किया गया। भारतीय वायुसेना (इंडियन एयरफोर्स) भारतीय सशस्त्र सेना का एक अंग है जो देश की सुरक्षा के लिये वायु युद्ध, वायु सुरक्षा व वायु चैकसी जैसे महत्वपूर्ण काम को अंजाम देता है। भारत के पूर्ण गणतंत्र होने के पूर्व इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था। पूर्ण गणतंत्र भारत की घोषणा के बाद इसमें से जे वाई शब्द हटाकर सिर्फ इंडियन एयरफोर्स नाम रखा गया। झारखण्ड के एक मात्र एयर फोर्स स्टेशन सिंगारसी के गोल्डन जुबली वर्ष के अवसर पर आयोजित एयर शो में झारखंडी नृत्य की प्रस्तुति की गई। इस एयर शो में भारतीय वायुसेना की आकाश गंगा टीम ने 60000 फीट की ऊंचाई से पैरालैंंिडग किया। इससे पूर्व पूर्वा0 6ः 30 बजे रन फाॅर यूनिटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दुमका परिसदन से प्रारंभ रन फाॅर यूनिटी टीन बाजार चैक, नीचे बाजार (सिन्धी चैक) होते हुए इन्डोर स्टेडियम तक आयोजित किया गया। दुमका हवाई अड्डा में ’’स्वच्छता एवं राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ’’ समारोह का भी आयोजन किया गया।  
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