लालू की राजनीति खुद को बचाने के लिए : जदयू

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पटना 07 अक्टूबर, बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने बेनामी संपत्ति मामले में फंसे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एवं उनके परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग की जांच से बचने के लिए ‘राजनीति’ का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुये आज कहा कि उनके मुंह से विकास, विचारधारा और सामाजिक न्याय की बातें हास्यास्पद लगती हैं। जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने यहां कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करके बेहिसाब बेनामी संपत्ति अर्जित करने के कई मामलों में सीबीआई, आयकर और प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ और जांच के घेरे में फंसे श्री यादव और उनके परिवार के लिए उनकी घर की पार्टी राजद और राजनीति केवल खुद को बचाने का हथियार भर रह गई है। ऐसे में इन लोगों के मुंह से विकास, विचारधारा और सामाजिक न्याय की बातें हास्यास्पद लगती हैं। श्री प्रसाद ने कहा कि राजद की स्थिति बिना खेवैया वाली नाव की तरह है, जो मझधार में पलटकर कब डूब जाए, कोई बता नहीं सकता। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता एवं असुरक्षा के भंवर में ऊब-डूब करती इस नैया पर सवार दूसरे लोगों का भी कोई भविष्य नहीं रहा। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि संगठन और सत्ता को ताकत बनाकर खुद की संपन्नता बढ़ाने वाले राजद नेताओं के लिए राजनीति अब गुजरे जमाने की बात हो गई है। उन्होंने कहा कि लालू परिवार की पूरी ताकत केवल खुद को बचाने में लग गई है और राजद संगठन को भी इसी कवायद में झोंक दिया गया है। श्री प्रसाद ने कहा कि स्वयं को कानून से ऊपर समझने वाले लोग अब खुद कानून के शिकंजे में आ गए हैं। एक के बाद एक सामने आ रही बड़ी-बड़ी बेनामी संपत्तियां जब्त हो रही हैं। कोई नहीं बता रहा कि ये संपत्ति कहां से आईं। उन्होंने कहा कि वर्षों से झंडा ढोते, दौड़ लगाते लोग भौंचक हैं और अपने को ठगा गया महसूस कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि कानून की कार्रवाई से छद्म आवरण हट गया है। बेहिसाब बेनामी संपत्ति ने सबको बेनकाब कर दिया है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने रेलवे के दो होटलों की देखरेख का जिम्मा वर्ष 2006 में एक निजी कंपनी और सौंपे जाने और इस सौदे में हुये कथित भ्रष्टाचार के आरोप में गुरुवार को तत्कालीन रेलमंत्री एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से करीब सात घंटे पूछताछ की। वहीं, इसी मामले में श्री यादव के पुत्र एवं बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से भी शुक्रवार को करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई है।

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