शाह को हटायें, बेटे की कंपनी की हो जांच : कांग्रेस

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नयी दिल्ली 09 अक्टूबर, कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी पर असाधारण मुनाफा कमाने के आरोपों की उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीशों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए आज कहा कि जांच का काम पूरा होने तक श्री शाह को पद से हटाया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने यहां पार्टी की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा कि श्री शाह के पद पर बने रहने तक मामले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच संभव नहीं है इसलिए यह काम पूरा होने तक भाजपा अध्यक्ष इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाये। उन्होंने कहा कि भाजपा की परंपरा रही है कि उसके अध्यक्ष या उनके संबंधियों तथा नजदीकियों पर इस तरह के जब भी आरोप लगे हैं, उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है। श्री शर्मा ने इस संबंध में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का उदाहरण दिया है और कहा कि इन नेताओं ने आरोपों के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष पद छोड दिया था। प्रवक्ता ने कहा कि इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए श्री शाह को पद छोड देना चाहिए और यदि वह नहीं छोडते हैं तो प्रधानमंत्री को उन्हें हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री शाह के अध्यक्ष रहते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती । उन्होंने कहा कि जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के दो पदासीन न्यायाधीशों का आयोग बनाया जाये और आयोग शीघ्र रिपोर्ट दे जिस पर जांच के बाद उचित कार्रवाई हो। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि भाजपा अध्यक्ष के बेटे की कंपनी टेंपल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड ने दो साल में अपना करोबार किस बिजनेस मॉडल के आधार पर 16 हजार करोड़ रूपये बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इस कंपनी ने दो साल के दौरान 80 लाख 35 हजार करोड़ रुपए का कारोबार किया और 51 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा कमायी है।उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि दो साल में 16 हजार करोड़ गुना लाभ कमाने वाली कंपनी को नोटबंदी की घोषणा होने से पहले ही अचानक बंद कर दिया जाता है। इस दौरान विदेशी पैसा भी इस कंपनी में आया है लेकिन किसी सरकारी एजेंसी की इस पर निगाह नहीं गयी जबकि अन्य लोगों के मामले में यही एजेंसियां अत्यधिक सक्रिय हो जाती है। श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष के बेटे की कंपनी को मध्य प्रदेश के रतलाम में अक्षय ऊर्जा के उत्पादन के लिए बिजली मंत्रालय के उपक्रम इरडा की तरफ से 10.35 करोड रुपए का ऋण दिया गया है। जो कंपनी इस कारोबार में पहले नहीं थी उसे कैसे केंद्र सरकार की कंपनी ऋण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह की अन्य कंपनियों को भी ऋण दिया गया है और उनके नाम सार्वजनिक होने चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि श्री जय शाह की कंपनी को कालूपुर कमर्शियल कोऑरेटिव बैंक द्वारा 25 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया और यह ऋण श्री अमित शाह के साथ सेहराबुद्दीन मामले में आरोपी रहे यशपाल चुडासामा की 6.20 करोड़ रुपए की संपत्ति वाली कंपनी के आधार पर दया गया है। उन्होंने कहा कि यह रिवर्ज बैंक के नियमों का उल्लंघन है।

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