महाकवि विद्यापति की रचनाएं मिथिलाचंल ही नहीं देश में लोकप्रिय : केशरी

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समस्तीपुर 04 अक्टूबर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने आज कहा कि महाकवि विद्यापति की रचनाएं मिथिलांचल में ही नहीं बल्कि देश और विदेश में भी लोकप्रिय हैं। श्री त्रिपाठी आज यहां आयोजित विद्यापति पर्व समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह से महाकवि विधापति ने अपनी तपस्या से गंगा को पास बुला लिया था वह समाज के लिए प्रेरणा श्रोत हैं। वह केवल मिथिलांचल में ही नहीं बल्कि देश और विदेश में भी लोकप्रिय हैं। उन्होने गंगा को स्वच्छ बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि साहित्य और राजनीति मे कोई मौलिक विरोधाभास नही है, दोनों का उद्देश्य आदर्श मनुष्य एवं आदर्श राष्ट्र का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान का केन्द्र रहा है, जहां महाकवि विधापति और आरसी प्रसाद जैसे साहित्यकार और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से बेहतर समाज बनाने का संदेश दिया। समारोह को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, पूर्व मंत्री डॉ. मदन मोहन झा, चर्चित साहित्यकार बुद्धिनाथ मिश्र, बैधनाथ चौधरी बैजू, जिला परिषद् की अध्यक्षा प्रेम लता, समस्तीपुर जिला विधापति परिषद् के मुख्य संरक्षक वेदानंद झा और अध्यक्ष पंडित रामानंद झा समेत अन्य लोगों ने महाकवि विधापति और विधापति पर्व समारोह पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर राज्यपाल श्री त्रिपाठी ने साहित्य अकादमी के बाल साहित्य पुरस्कार के लिए चयनित प्रोफेसर अमलेंदु शेखर पाठक, साहित्यकार प्रो. प्रफुल्ल सिंह मौन, डाॅ. बासुकी नाथ झा, डाॅ. ईश्वर करुण और संत रामाश्रय ईश्वर को उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए पाग, चादर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह मे समस्तीपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार, पुलिस अधीक्षक दीपक रंजन और सहायक समाहर्ता अंशुल कुमार भी उपस्थित थे। 

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