बिहार : आधारभूत संरचनाआंे के अभाव के कारण होता है पीएमसीएच में हंगामा.

स्वाथ्य सेवाओं के प्रति बिहार सरकार संवेदनहीन.

वैशाली में जहरीली शराब से हुई मौत निंदनीय, सरकार जवाब दे शराब की बिक्री कैसे हो रही है?

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पटना 16 नवम्बर 2017, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने पीएमसीएच में एक मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे को भाजपा द्वारा विपक्ष की साजिश बताने के बयान की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि दरअसल पीएमसीएच व अन्य अस्पतालों में इस प्रकार की अप्रिय स्थिति बारबार उत्पन्न हो रही है, इसके पीछे मुख्य वजह स्वास्थ्य सेवाओं व आधारभूत संरचनाओं के प्रति सरकार की घोर लापरवाही है. पीएमसीएच में डाॅक्टरों व अन्य साधनों की बेहद कमी है. जूनियर डाॅक्टरों पर बेहद दबाव होता है. जिसकी वजह से आए दिन मरीजों व जूनियर डाॅक्टरों के बीच अप्रिय स्थिति उत्पन्न होते रहती है. ऐसी स्थिति से तभी निपटा जा सकता है जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आधारभूत संरचनाओं सहित सभी प्रकार की जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति करे.

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेता बिहार की जनता के प्रति घोर संवेदनहीन हैं. कुछ दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चैबे ने बिहार की जनता के बारे में निंदनीय वक्तव्य दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मामूली बीमारी में भी यहां के लोग एम्स चले जाते हैं. उन्होंने एम्स के डाॅक्टरों से यहां तक कहा कि बिहारियों को बिना इलाज कराये वे वापस भेज दें. इससे जाहिर होता है कि स्वास्थ्य आदि मसलों कलेकर भाजपा नेता घोर संवेदनहीन है. माले राज्य सचिव ने वैशाली में जहरीली शराब से हुई तीन लोगों की मौत पर गहरा रोष जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बावजूद पूरे बिहार में लगातार जहरीली शराब से लगातार मौत हो रही है, लेकिन बिहार सरकार शराबबंदी पर अपनी पीठ थपथपा रही है. आखिर शराबबंदी के बावजूद शराब कैसे बिक रही है, इसका जबाव नीतीश सरकार को देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में शराब का अवैध कारोबार चल रहा है और सरकार बैठकर तमाशा देख रही है. यहां तक कि शराब माफियाओं को संरक्षण दे रही है.
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