नीतीश पर लालू का पलटवार, कहा-एकमात्र मुख्यमंत्री जिसपर हत्या का आरोप

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पटना 29 नवम्बर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘ट्वीट वार’ पर पलटवार किया और कहा कि बिहार में इकलौता ऐसा मुख्यमंत्री है जिसपर जघन्य हत्या का संगीन आरोप है। श्री यादव ने आज अपने एक के बाद एक ट्वीट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिये बिना उनपर जमकर निशाना साधते हुए लिखा, “बिहार में देश का इकलौता ऐसा स्वघोषित देशभक्त मुख्यमंत्री है जिसपर जघन्य हत्या का आरोप है। क्या देश के किसी और मुख्यमंत्री पर निर्मम हत्या का मामला दर्ज है और इसे छुपाने का साहस है। श्री यादव यहीं नहीं रुके और अपने दूसरे ट्वीट के जरिए तीखा प्रहार करते हुए कहा, “क्या आप ‘पेट के दांत’ ठीक करने वाले किसी डेंटिस्ट को जानते है। बिहार में जनादेश का एक हत्यारा है जिसके पेट में दांत है। उसने सभी नेताओं और पार्टियों को ही नहीं बल्कि करोड़ों गरीबों को भी अपने विषदंत से काटा है।” राजद सुप्रीमो ने सवालिया लहजे में कहा कि देश के किस देशभक्त मुख्यमंत्री पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के एक होनहार शोधार्थी की थीसिस चोरी करने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया था। बच्चों की थीसिस चुराने वाले थीसिस चोर अपने आप को देशभक्त कहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार के ‘थीसिस चोर’ देशभक्त मुख्यमंत्री बतायें कि उन्होंने 20 हज़ार रुपये का जुर्माना चेक में दिया, आरटीजीएस किया या नकद में अदा किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह ट्वीट करते हुए लिखा, “ जान की चिंता, माल-मॉल की चिंता, क्या सबसे बड़ी देशभक्ति है।” हालांकि अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका ट्वीट राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को जवाब के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, मंगलवार को भी मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल(राजद) सुप्रीमों, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की सुरक्षा में कटौती करने के केंद्र के फैसले को लेकर जारी बयानबाजी के बीच सोशल मीडिया के जरिए विरोध पर तंज किया था। उन्होंने ट्वीट के जरिए विरोधियों पर हमला करते सवाल किया कि राज्य सरकार द्वारा जेड प्लस श्रेणी और विशेष सुरक्षा ग्रुप (एसएसजी) की मिली हुई सुरक्षा के बावजूद केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआपीएफ) के सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों की उपलब्धता के जरिए लोगों पर रौब झाड़ने की मानसिकता क्या साहसी व्यक्तित्व का परिचायक है।
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