मोदी ने की चार सभाएं, कांग्रेस-राहुल पर किये तीखे हमले, की -सफाये की अपील

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गांधीनगर, 29 नवंबर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने गृहराज्य गुजरात में एक बार फिर ताबड़तोड चार चुनावी सभाएं की और कांग्रेस तथा इसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखे हमले किये। श्री मोदी ने अपने सभी भाषण इस बार भी गुजराती में ही दिये तथा कांग्रेस पर घोर गुजरात विरोधी होने के आरोप दोहराये। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विदेश दौरों के कारण दुनिया भर से बने बेहतर संबंधों की बदौलत ही श्रीलंका ने पांच भारतीय मछुआरों की फांसी की सजा माफ कर दी। खाड़ी देशों में मौत की सजा प्राप्त भारतीयों की सजा उम्रकैद में बदली जा सकी। सांप्रदायिकता के आरोपियों को लताड़ लगाते हुए ईसाई समुदाय की 100 नर्सों को इराक से तथा एक पादरी को अफगानिस्तान में आतंकियों के चंगुल से छुड़ा कर वापस लाया जा सका। पाटीदारों की बहुलता वाले मोरबी में पहली सभा करते हुए उन्होंने किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग की खासी आबादी वाले प्राची में उन्होंने ओबीसी आयोग को लेकर कांग्रेस पर प्रहार किया। उन्होंने सेना में वन रैंक वन पेंशन योजना का मुद्दा भी उठाया। पालिताणा की तीसरी सभा (तीनो सौराष्ट्र क्षेत्र) तथा दक्षिण गुजरात की नवसारी में चौथी सभा में भी उन्होंने लोगों से कांग्रेस पर गुजरात की धरती पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए चुनाव में इसके सफाये की अपील की। उन्होंने विकास को चुनाव का मुख्य मुद्दा बताया। नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया और चुनाव में प्रमख मुद्दा बने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बता कर उनकी सरकार पर हमला करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर मोरबी में एक नये अंदाज में जवाबी वार करते हुए कहा कि इस कर प्रणाली को लेकर कई नये अर्थशास्त्री (श्री गांधी) ग्रांड स्टुपिड थॉट (भारी बेवकूफी वाला विचार) व्यक्त कर रहे हैं। श्री मोदी गांधी-नेहरू परिवार पर अपने तीखे हमलों का क्रम जारी रखते हुए सौराष्ट्र क्षेत्र में 38 साल पहले एक ही रात में सैकड़ों लोगों की जान लेने वाली मच्छू बांध दुर्घटना का जिक्र किया और इसके बाद चलाये जा रहे राहत कार्य के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दुर्गंध से बचने के लिए ‘मुंह पर रूमाल ’ रखी तस्वीर की लोगों को याद दिलायी।

श्री मोदी ने कहा, ‘मै हैरान हूं कि कई नये अर्थशास्त्री और बुद्धिमान लाेग जिन्होंने जिंदगी भर जनता की तिजाेरी पर डाका मारा हो, उन्हें डाकुओं के सिवाय कुछ याद नहीं आता। इसलिए आज एक नया ग्रांड स्टुपिड थॉट यानी जीएसटी की बात हो रही है।’ उन्होनें कहा कि ये गरीब की बात करते हैं और चाहते हैं कि नमक, जूते, सस्ते कपड़े और सामान्य लोगों की जरूरत की चीजों पर 18 प्रतिशत कर लगा दिया जाये और शराब, कैंसरकारक सिगरेट, महंगी गाड़ियों जैसी चीजों को सस्ता कर दिया जाये। इस ग्रांड स्टुपिड थॉट से बड़ी गरीब विरोधी बात क्या हो सकती है। श्री मोदी ने गुजरात के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज पानी को घर घर पहुंचाने के कारण भाजपा को एक सौ साल तक चुनाव में नहीं हराने की अपील की और साथ ही लोगों से चुनौती भरे लहजे में यह भी कहा कि अगर सौराष्ट्र कच्छ क्षेत्र में भाजपा इसके पहले के विकास में रत्ती भर भी कम पड़े तो इसे ‘लात मार कर’ बाहर कर दे। उन्होंने मच्छू बांध टूटने की त्रासदी की बात भी उठायी और इसको लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहत कार्य के दौरान राहुल गांधी की दादी इंदिराबेन (श्रीमती गांधी) जब आयी थी तो वह मुंह पर रूमाल डाले दुर्गंध और गंदगी से बचती फिर रही थीं। जबकि जनसंघ और आरएसएस के कार्यकर्ता कीचड़ और गंदगी में घुस कर सेवाभाव से काम कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस के शासन के दौरान गुजरात में एक हैंडपंप का आश्वासन देकर तीन चुनाव जीतने पर व्यंग्य किया और नर्मदा योजना तथा सौनी योजना आदि के भाजपा के विकास मॉडल की सराहना की।

श्री मोदी ने प्राची में कहा कि वह कांग्रेस के अड़ंगे के बावजूद ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिला कर रहेंगे। उन्होंने मछुआरों और किसानों के लिए सरकारी योजनाओं की भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने श्री गांधी के सोमनाथ दौरे पर भी व्यंग्य किया और कहा कि उनके परनाना जवाहर लाल नेहरू ने ही इसके जीर्णोद्धार का विरोध किया था। श्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी गुजरात में आकर नर्मदा योजना के बारे में झूठ बोलने का आरोप दोहराया। उन्होंने पालिताणा में भी कांग्रेस पर हमला जारी रखा और कहा कि इसने हमेशा गुजरात विरोधी काम किया है। गुजरात में चारो तरफ भाजपा की आंधी चल रही है जिससे कांग्रेस का सफाया हो जायेगा। उन्होंने लोगों से इस बार कांग्रेस को सबक सिखाने की भी अपील की। नवसारी में अपनी सभा में उन्होंने दावा किया कि 2002 से लेकर अब तक किसी चुनाव में जैसी लहर नहीं थी वैसी अब भाजपा के पक्ष में लहर है। उन्होंने डोकलाम विवाद के दौरान राहुल गांधी की चीनी राजदूत से मुलाकात, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़े करने, हाफिज सईद की रिहाई पर कांग्रेस के बर्ताव आदि के मुद्दे भी जोर शोर से उठाये।
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