विशेष : बंगाल बना आतंक के प्यादों का पनाहगार

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कोलकाता। महानगर कोलकाता मे मात्र 36 घंटे के मध्य ही कुल चार आतंकियों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर जहां सवाल खड़े कर दिये है वहीं इन गिफ्तारियों के मद्देनजर एक बार फिर कहा जा रहा है कि यह राज्य आतंकियों का पनाहगार बन चुका है। उक्त गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हों गये है और राज्य के कई जिलों के साथ ही पोर्ट अंचल सहित मटियाबुर्ज, गार्डेनरीच, तपसिया, तिलजला, हावड़ा के कई क्षेत्र अब खुफिया एजेंसियों की रडार पर है। वैसे तमाम जगहों पर छापेमारी का क्रम भी खबरे के लिखे जाने तक जारी था। इस राज्य में अलकायदा ही नहीं बरन  आतंकी समूह जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएबी) भी सक्रिय हो है। बता दें कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में राज्य की सरकार को चेतावनी काफी पहले ही दे दी है। उक्त आतंकी संगठन अपना फोकस पश्चिम बंगाल की तरफ कर रहे हैं और बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की को अंजाम दे तो हैरत नहीं होगी। आतंकी राज्य में चोरी-छुपे घुस आए हैं और नदिया, मुर्शीदाबाद, बीरभूम और उत्तरी 24 परगना जैसे जिलों में अधिक सक्रिय हैं। गिरफ्तार किये गये आतंकी शहादत  हुसैन उर्फ बाबू ने एसटीएफ को को बताया है कि राज्य में अलकायदा के 20 से 25 आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं। आतंकियों के उक्त राज उजागर होने के बाद पुलिस व एसटीएफ ही नहीं बरन खुफिया एजेंसियों व राज्य के गृह मंत्रालय के अधिकारियों की चिंता बढ गई है। मिली जानकारी को सही माने तो भारत व बांग्लादेश में आतंकी गतिविधियां चलानेवाले कई संगठन पश्चिम बंगाल को ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। बांग्लादेश से सटे पश्चिम बंगाल की सीमा आतंकियों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। कहा जा रहा है कि यह विभिन्न आतंकी संगठन बंगाल को अपना एक सुरक्षित कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल कर रहें हैं। आतंकी संगठन और पाक एजेंसी आइएसएई राज्य सहित बांग्लादेश में बेरोजगारी की स्थिति का लाभ उठाते हुए अपने एजेंटों के माध्यम नीरिह युकों को बरगला रही है।इनकी नजर युवाओं या फिर अच्छे स्कूलों में बढ़नेवाले छात्रों पर अधिक होती है। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को आसानी से अपनी ग्रुप में शामिल करते हैं। वैसे इस बात का प्रमाण भी इससे मिलता है कि गिरफ्तार किये आतंकी  शमशाद मित्रा और रियाजुल इस्लाम उर्फ रियाज महानगर के कई नामी स्कूलों की रेकी करने के साथ इनमें घुसपैठ की फिराक में था ताकी यहां पड़ने वाले एक वर्ग के छात्रों को बरगला कर अपने काम पर लगा सके। कोलकाता स्टेशन से गिरफ्तार किये आतंकी  शमशाद मित्रा और रियाजुल इस्लाम उर्फ रियाज अलकायदा के एक विंग अंसार बांग्ला टीम (एबीटी) के सदस्य हैं। अगर इस संगठन या विंग की बात करे तो  इधर भले ही लोगों को अंसार बांग्ला टीम (एबीटी), जिसे अंसार बांग्ला भी कहा जाता है का नाम कुछ नया लगे लेकिन यह आतंकी चरमपंथी संगठन नया नही है। बांग्लादेश व सूत्रों व दस्तावेजो से मिली जानकारी को माने तो यह बांग्लादेश में एक इस्लामिक चरमपंथी संगठन है। अलकायदा आतंकी संगठन की एक शाखा जिसके द्वारा कथित इस्लाम विरोधियों पर नजर रखने के साथ ही कार्रवाई को भी अंजाम देता है। यही वजह रही होगी कि इस संगठन द्वारा  2013 से 2015 तक बांग्लादेश में कथित नास्तिक ब्लॉगर्सो की हत्या बैंक डकैती तक को अंजाम दिया जाता रहा है। मिली जानकारी पर भरोसा करें तो बांग्लादेश में ही 25 मई 2015 को संगठन को गैरकानूनी घोषित किया गया था। पड़ोसी देश में इस संगठन के कई आतंकी कहे या सदस्य गिरफ्तार किये जाते रहें हैं। उक्त देश के ही एक आतंकवाद अनुसंधान एवं विश्लेषण के मुताबिक, एबीटी बांग्लादेश में अलकायदा द्वारा प्रेरित व पोषित इस्लामी चरमपंथी समूह है। स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में अल कायदा से जुड़ा जो एक आतंकी गिरफ्तार किया गया था वह आतंकी नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। रज़ा उल अहमद नाम का ये आतंकी भारत में जाली नोटों का रैकेट चला रहा था। इसकी शिनाख्त  बांग्लादेश स्थित अंसार बांग्ला के सदस्य के तौर पर की कई थी। उत्तर प्रदेश एटीएस ने कथित बांग्लादेशी आतंकी को गिरफ्तार किया है। अगस्त माह में इसी साल यूपी एटीएस द्वारा मुजफ्फरनगर से अब्दुल्लाह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि अब्दुल्लाह बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी समूह अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुड़ा हुआ है। एटीएस के आईजी ने असीम अरुण ने कहा है कि अब्दुल्लाह को मुजफ्फरनगर जिले के चरथावाल इलाके से गिरफ्तार किया गया है। अब्दुल्लाह के पास से आधार कार्ड और पासपोर्ट भी मिला था। कहा जा रहा कि बिते दिनों बांग्लादेश में हिंदु परिवार के जिन घरों में आगजनी व हमला किया गया था इसमे भी इस संगठन का हाथ माना जा रहा है। बहरहाल बंगाल की स्थिती अब सुरक्षा के तहत कई मामलों पर सहज नहीं है अगर ऐसा ही रहा तो स्थिती और बदत्र होगी।  



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--जगदीश यादव--
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