बिहार : हाय रे यह मजबूरी, स्कूल में है शौचालय और घर में नदारद

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मोकामा(पटना).आरती कुमारी छात्रा हैं आदर्श मध्य विघालय, मरांची में.वह महेश ठाकुर की सुपुत्री हैं.उसकी पिताश्री महेश ठाकुर नाई हैं.हजामत बनाकर जीविकोर्जन करते हैं.इनके परिवार में कुल 5 बच्चे हैं. 4 लड़कियां और 1 लड़का. आरती कुमारी कहती हैं सातवीं कक्षा की छात्रा हूं. मेरे स्कूल के बच्चे पुरानी किताब से पढ़ते हैं. अप्रैल माह में  नयी किताब मिलनी चाहिये जो नहीं मिली है. 75 प्रतिशत उपस्थिति के बावजूद भी 6  छठी कक्षा की छात्रवृति 1600 रू.नहीं मिली. अभी 7वीं क्लास की छात्रा है. उसे 25 सौ रू.मिलेगा. जिन बच्चों के घरों में शौचालय नहीं है. तो बच्चे स्कूल में ही जाकर  शौचक्रिया करते हैं.आरती के पास भी शौचालय नहीं है.
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