झारखण्ड : वेलकम सुमन वेलडन सुमन

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मरांची. वह 16  साल में दरगाहपुर, बचवाड़ा, बेगूसराय से दुल्हन बनकर आयी थीं ससुराल विजयगढ़,मरांची. बाल विवाही सुमन देवी की शादी सुमन देवी राजीव राय के संग 2001 में हुई थी.सुमन ससुराल आते ही  विजयगढ़,मरांची ऊतरी में शौचालय खोजने लगी.ईट भट्टे में कार्यरत ससुर रामचंद्र राय के समक्ष साहसिक प्रस्ताव ठोंक डाली.पहले घर में शौचालय बनाये तब जाकर रहुंगी. पति राजीव राय को साफ-साफ फिल्मी गीत के लहजे में कह दी कि अगर आप शौचालय नहीं बना देते हैं तो  मैयके चली जाऊंगी तू देखते रहियो.. इतना कहने के बाद सुमन देवी नेे ससुराल से मोहभंग कर मैयके चली गयी. ग्लोबल इंटरफेथ वॉश अलायंस के कार्यकर्ता को आपबीती सुमन देवी सुनायी. अभी की चार बच्चिया हैं. लड़का नहीं होने के बावजूद बंध्याकरण करा ली हैं. केवल 4 कक्षा तक पढ़ी सुमन देवी ने अव्वल शौचालय निर्माण करवाने के घर में बगावत कर और लगातार 4 बच्ची को जन्म देने के बाद भी बंध्याकरण करा ली. अंतत: सुमन देवी की जीत हुई. ससुर रामचंद्र राय और सास शीला देवी ने शौचालय निर्माण कर सुमन की मनोरथ पूर्ण कर दिये. शौचालय के लिए रूठी सुमन देवी 6 माह के बाद ससुराल लौटीं.वह कहती हैं कि मैयके में शौचालय था.ससुराल में शौचालय नहीं होने से परेशान हो उठी.सुबह-शाम में खुले मैदान में शौचक्रिया करना पड़ता.मेरे प्रयास से देवरानी गुड़िया देवी को फायदा हुआ. गुड़िया के पति रजनीश राय हैं. दोनों के 1लड़का और 3 लड़की हैं.
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