हिमाचल की राजनीतिक/प्रशासनिक हलचल

🔵शपथ के बाद प्रशासनिक फेरबदल🔵

✍️शिमला
मनोनीत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि मंत्रिमंडल के गठन के बाद जल्द प्रशासनिक फेरबदल होगा।  पीटरहाफ में आयोजित अपनी पहली प्रेसवार्ता में उन्होंने एक सवाल पर कहा कि 27 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह के बाद जैसे ही पदभार ग्रहण किया जाएगा। उसके एक-दो रोज में प्रशासनिक फेरबदल किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी इसी की भनक पाकर पिछले दो रोज से जय राम ठाकुर से मिलते आ रहे हैं। जहां मुख्य सचिव के लिए लॉबिंग हो रही है, वहीं अन्य मलाईदार ओहदों के लिए भी तैयारी चल रही है। वैसे प्रदेश में यह रिवायत रही है कि सत्ता में आने वाली नई सरकार प्रशासनिक फेरबदल करती ही है, मगर इस बार न केवल सत्ता परिवर्तन हुआ है, बल्कि सत्ता में मुख्यमंत्री के तौर पर नया चेहरा  आया है। हालांकि चेहरा तो राजनीतिक तौर पर पुराना है, जिसे विभिन्न महकमों का अनुभव भी कम नहीं है। मगर यह पद उनके लिए नया है। शायद इसी वजह से अफसरशाही सहमी हुई सी भी दिख रही है।  जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल पर्वतीय राज्य है। यहां के विकास में कोई कमी न रहे, इसके लिए हर संभव प्रयत्न होगा।

मंत्रिमंडल में अनुभव व नयापन दोनों
जय राम ठाकुर ने एक सवाल पर कहा कि मंत्रिमंडल में कौन विधायक होंगे, इस बारे में केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व मंथन कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि मंत्रिमंडल में अनुभव व नयापन दोनों का समावेश होगा।

गुनहगार हरगिज नहीं बचेंगे
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग चुका है। सीबीआई को कोटखाई मामले में खुले मन से सहयोग दिया जाएगा। असल गुनहगारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जा सकता। उन्हें कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दिलवाने का प्रयास रहेगा।

🔴राजधानी में सिक्योरिटी टाइट🔴

✍️शिमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शिमला आने को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो चुकी हैं। यहां केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी डेरा डाल दिया है। बुधवार को शिमला में जय राम सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचेंगे। वीवीआईपी का शिमला में जमावड़ा सुरक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। लिहाजा यहां चाक चौबंध व्यवस्था के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। एसपीजी ने शिमला में डेरा डाल दिया है और रिज की पूरी सुरक्षा उनके जिम्मे सौंप दी गई है। सोमवार को खुद भावी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रिज का जायजा लिया, जहां उनके साथ जिलाधीश व अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी थे। रिज पर जयराम सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होना है, जिसके लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने यहां डेरा डाल दिया है। एसपीजी के अधिकारी भी शिमला पहुंच गए हैं, वहीं अन्य एजेंसियां भी यहां सतर्क हैं। पुलिस ने भी तैयारियां कर ली हैं। मंगलवार को पुलिस महानिदेशक इनकी तैयारियों का जायजा लेंगे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा होगा। सोमवार से ही प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, वहीं शिमला के आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं। बाहर से आने वाले वाहनों की चैकिंग का काम भी मुख्य मार्गों पर किया जा रहा है। बुधवार से पहले यहां पूरी तैयारियां कर दी जाएंगी। मंगलवार को रिज पर जहां स्टेज आदि की व्यवस्था पूरी हो जाएगी, वहीं टका बैंच से मोदी प्रदेश की जनता को संबोधित कर सकते हैं। कुछ महीने पहले भी मोदी यहां आए थे, जिन्होंने टका बैंच से लोगों को संबोधित किया था। मोदी के साथ यहां भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी पहुंच रहे हैं। यहां जय राम ठाकुर के साथ उनके मंत्रिमंडल को भी शपथ दिलाई जाएगी।

अनाडेल से मालरोड पहुंचेगा प्रधानमंत्री मोदी का काफिला
माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला पिछली बार की तरह अनाडेल से मालरोड होता हुआ रिज तक पहुंचेगा, जहां कार्यक्रम होना है, क्योंकि भाजपा की सरकार बन रही है। लिहाजा पूरे प्रदेश से यहां कार्यकर्ता पहुंचेंगे। यहां हजारों की संख्या में लोग नई भाजपा सरकार के स्वागत के लिए पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत की लगभग तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। एक ओर जहां शिमला पहले ही सैलानियों से भरा पड़ा है, वहीं लोगों को स्पेशल गेस्ट के आने का इंतजार है।

एसपीजी के अंडर है एरिया
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी एसपीजी के कमांडो रिज पर पहुंचे, जिन्होंने यहां की व्यवस्थाएं देखीं। अभी से यह एरिया एसपीजी ने अपने अधीन ले लिया है और अपने मुताबिक यहां की सुरक्षा को चाक चौबंध बनाएंगे। इससे बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लग गया है, जो कि बुधवार तक रहेगा। यहां परिंदा भी पर न मार सके, ऐसी व्यवस्था की जा रही है।

सैलानियों की पहले ही भरमार
शपथ ग्रहण समारोह के चलते यहां आने वाले सैलानियों को कुछ परेशानियां हो सकती हैं, क्योंकि रिज पर ही यह समारोह होगा और यहीं बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। दो दिन तक उनको दिक्कत पेश आ सकती है।  बहरहाल, समारोह से सैलानियों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

🔴मंदिर जा रही महिला का मुंह काला कर गए तीन सिरफिरे🔴

✍️देहरागोपीपुर
देहरा उपमंडल के अंतर्गत इनसानियत की सभी हदें पार कर एक महिला को शर्मशार कर देने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सुबह दस बजे घर से मंदिर माथा टेकने जा रही एक महिला का तीन लोगों ने जबरन मुंह काला कर बेहोशी की हालत में छोड़ दिया। देहरा उपमंडल के त्रिपल क्षेत्र की रहने वाली एक महिला हनुमान मंदिर दरकाता की तरफ माथा टेकने जा रही थी कि कुछ लोग एक वाहन में आए और बिना किसी वजह से महिला के मुंह पर कालिख पोथने लगे। महिला ऐसी अजीब हरकत होती देख खौफ से बेहोश हो गई, जिसे बाद में लोगों के सहयोग और पुलिस की अगवाई में टांडा मेडिकल कालेज ले जाया गया, जहां समाचार लिखे जाने तक फिलहाल मेडिकल करवाया जा रहा था। रानीताल पुलिस चौकी में मामला विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देहरा के डीएसपी एलएम शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि मामले में इन तीन या इससे अधिक लोगों की भागीदारी रही होगी। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार  किया जाएगा। फिलहाल धारा 341, 323, 355, 34 के अधीन मामला दर्ज कर लिया है।

🔴अवैध होटलों की ऑनलाइन बुकिंग🔴

✍️मकलोडगंज
पर्यटन नगरी धर्मशाला में बंद पड़े अवैध होटलों में ऑनलाइन बुकिंग करने का मामला सामने आया है। इसमें विभिन्न ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से यह बुकिंग प्रकिया की जा रही है। ऐसे में देश-विदेश से नया साल मनाने के लिए धर्मशाला पहुंचने वाले पर्यटक ठगी का शिकार हो सकते हैं। बिजली-पानी कटने के बाद इन अवैध होटलों में रहने की व्यवस्था नहीं है और बंद ही पड़े हुए हैं। ऐसे में पर्यटक ऑनलाइन बुकिंग कर धर्मशाला पहुंचते हैं, तो पर्यटक बिना बिजली-पानी होटल में कैसे रहेंगे। इसके साथ ही नए साल का जश्न मनाने को धर्मशाला इतना पर्यटक पहुंचता है कि पिछले सालों में इन 150 होटलों के होते भी कमरों की कमी पड़ती थी और पर्यटकों को धर्मशाला के आसपास के होटलों में रुकना पड़ता था, लेकिन ऐसे में पर्यटक बाहरी प्रदशों व देशों से धर्मशाला पहुंचेगा, तो वह असुविधा के कारण कमरों के लिए इधर-उधर भटकेगा। धर्मशाला में नए साल का जश्न मनाने पहुंचने वाले पर्यटकों को असुविधा होती है, तो इससे धर्मशाला ही नहीं, प्रदेश के पर्यटन स्थलों की छवि धूमिल होगी। अवैध होटलों से बिजली पानी कटने के बाद ट्रैवल ऐजसियों ने पूरा मकलोडगंज व भागसूनाग का होटल ही ब्लाक कर दिया था, लेकिन इसके बाद टै्रवल एजेंसियों ने पाया कि और होटल बंद नहीं हो रहे तो उन्होंने वैध होटलों को अनब्लाक कर दिया, जिसमें ब्लाक व अनब्लाक करने की शक्तियां होटल सहित एजेंसियों के पास रहती हैं, तो होटलियरों ने होटल का नाम खराब होने के डर से स्वयं ही होटल अनब्लाक कर दिए हैं।

🔴शपथ ग्रहण की तैयारियांः PM दौरे के चलते SPG ने रिज मैदान की सुरक्षा ली हाथों में🔴

✍️ शिमला
सीएम डेजीगनेट जयराम ठाकुर के सीएम पद और उनकी कैबिनेट के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी के आने के मद्देनजर ऐतिहासिक रिज मैदान पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। रिज मैदान और पीएम मोदी के रूट पर एसपीजी की नजर गड़ गई है। एसपीजी की टीम के सदस्यों ने कल रिज मैदान और मंच के आस-पास के क्षेत्र और अनाडेल स्थित मैदान का भी जायजा लिया है। पीएम के सभी संभावित रूट पर इनकी नजर है और रिज मैदान और मंच को अपने कब्जे में ले लिया है। पीएम मोदी 27 दिसंबर को यहां आएंगे और उनके आने से यहां पर पुलिस भी पूरी तरह से सतर्क है। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए शिमला का ट्रैफिक प्लान बनाया जा रहा है। मोदी अनाडेल मैदान से सड़क मार्ग से रिज मैदान पहुंचेंगे।  इसे देखते हुए पूरे मार्ग पर बेरिकेटिंग की जाएगी। मोदी का आने वाले पूरे मार्ग पर पार्टी के कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे और प्रबंध करीब-करीब वैसे ही होंगे, जैसे उनके पिछले दौरे के दौरान किए गए थे। अब राज्य में सत्तासीन हुई बीजेपी की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को आने-जाने में दिक्कत न हो, इसका भी पूरा प्रबंध किया जा रहा है। इसे देखते हुए यातायात का प्लान उसी के मुताबिक बनाया जाएगा। बताते है कि ऊपरी शिमला से आने वाले वाहन वाया भट्टाकुफर आईएसबीटी जाएंगे और वहीं, निचले इलाकों से आने वाले वाहन बालुगंज से आगे नहीं आने दिए जाएंगे। सोलन की ओर से आने वाले वाहनों को 103 सुरंग के पास आगे आने नहीं दिया जाएगा। शहर के भीतर लोकल बसें यथावत चलेंगी। बाहर से आने वाले भारी व बड़े वाहनों को एंट्री प्वाइंट पर रोकने से शहर के भीतर यातायात में दिक्कत नहीं आएगी। उधर,शाम को डीजीपी सोमेश गोयल ने पीटरहाफ पहुंचकर बीजेपी नेताओं के साथ पीएम मोदी और अन्य वीवीआईपी के आने के मद्देनजर चर्चा की। गोयल ने सुरेश भारद्वाज और डॉ. राजीव बिंदल समेत अन्य नेताओं से इस संबंध में चर्चा की और अपने अधिकारियों को वहीं से जरूरी आदेश भी दिए। बीजेपी सरकार के नए सीएम की शपथ एसपीजी के घेरे में होगी। रिज पर बने मंच पर शपथ होगी और मंच के दाहिनी तरफ समारह में आने वाले सभी वीवीआईपी और विधायक बैठेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर रिज मैदान और अन्य गतिविधि वाले स्थानों को 6 सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा में एसपीजी के साथ-साथ हिमाचल पुलिस के एक हजार से अधिक जवान मुस्तैदी से सेवाएं देंगे।

रिज मैदान पर हिमाचल पुलिस के जवानों के साथ-साथ खुफिया एजेंसियों के जवान भी जगह-जगह तैनात होंगे। जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर भी पैनी सुरक्षा रहेगी। कई वीवीआईपी यहां पर उतरेंगे और वहां से रिज मैदान पहुंचेंगे।  उधर, डीजीपी सोमेश गोयल ने कहा कि ऐतिहासिक रिज मैदान पर होने वाले शपथ समारोह में सुरक्षा व्यवस्था को एक हजार से अधिक पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे। उनका कहना था कि शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इसके अलावा कई और वीवीआईपी भी आएंगे और उनकी सुरक्षा का पूरा प्रबंध कर दिया है।

🔴प्रदेश में 22 जनवरी को सत्याग्रह🔴

✍️शिमला 
मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच 22 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सत्याग्रह आंदोलन करेगा। इसी के साथ दो फरवरी को पूरे प्रदेश में धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में 10 जनवरी से पूर्व जिला स्तरीय अधिवेशन आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम ने दी। इससे पहले हिमाचल प्रदेश में ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के नेतृत्व की मीटिंग सीटू राज्य महासचिव प्रेम गौतम की अध्यक्षता में सोमवार को शिमला में हुई। इस दौरान प्रेम गौतम ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार लगातार मजदूर विरोधी निर्णय ले रही है। यह सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर कार्य कर रही है। इस सरकार के नोटबंदी व जीएसटी जैसे जनविरोधी निर्णयों के कारण औद्योगिक उत्पादन घटा है व  बेरोजगारी बढ़ी है। भारतीय श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में 20 लाख मजदूरों की छंटनी हुई है। देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। वर्कर्ज के रोजगार को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके आंगनबाडि़यों को बंद करने की दिशा में मोदी सरकार आगे बढ़ रही है। स्कूलों में मिड-डे मील के किचन को बंद करके प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है व पैक्ड फूड के जरिए मिड-डे मील वर्कर्ज  के रोजगार को खत्म करने की मुहिम जारी है। मजदूरों की बढ़ती महंगाई के हिसाब से 21 हजार वेतन की मांग भी नहीं मानी जा रही है। इसलिए संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। मीटिंग में सीटू राज्याध्यक्ष जगत राम, सचिव विजेंद्र मेहरा, कोषाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, इंटक के सेक्रेटरी जनरल बीएस चौहान व एटक के राज्य नेता रोशन लाल डोगरा आदि मौजूद रहे।

🔵पहला शीतकालीन सत्र तपोवन में🔵

✍️शिमला
प्रदेश की नई भाजपा सरकार का पहला विधानसभा सत्र तपोवन में होगा। इसके संक्षिप्त रखने की तैयारी चल रही है।  प्रशासनिक व राजनीतिक ढांचे को स्थायी रूप देने के साथ-साथ फरवरी में बजट सत्र की भी तैयारी करनी है। लिहाजा इस सत्र को तीन या चार रोज का रखने की कवायद होगी।  यही नहीं हिमाचल में परंपरा रही है कि सत्ता में रही सरकारें शीतकालीन प्रवास के लिए धर्मशाला के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों का दौरा करती है, जहां लोगों को प्रशासन व सरकार जनता के द्वार ही उपलब्ध हो सके।  अब क्योंकि जयराम सरकार के लिए इन तीनों बड़े कार्यक्रमों के लिए मात्र दो या अढ़ाई माह का समय शेष होगा। लिहाजा ये संक्षिप्त भी हो सकते हैं, जबकि बजट सत्र की अवधि ज्यादा बढ़ सकती है। नई सरकार, नए मुख्यमंत्री और विजेता नए विधायक तपोवन विधानसभा में किस तरह से सत्तापक्ष को पेश करेंगे, यह सब देखने काबिल रहेगा।  हिमाचल में यह परिपाटी रही है कि  नई सरकार के खिलाफ न तो लोग, न ही विपक्ष और तो और मीडिया भी कुछ अरसे तक नर्म रुख अख्तियार किए रहता है कि तमाम व्यवस्थाओं को बनाने के लिए कुछ तो समय मिले। लिहाजा दिक्कत भी कोई बड़ी आड़े नहीं आ सकती। बावजूद इसके यदि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लक्ष्य बनाकर यदि विपक्ष ने घेरेबंदी कड़ी रखी तो अग्नि परीक्षा तो होगी ही।

कई पुरोधा हैं सत्तापक्ष में
सत्तापक्ष में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 5वीं बार विधायक बने हैं। उन्हें विभिन्न महकमों का भी अनुभव है। इसी तरह  डा. राजीव बिंदल तीन बार, सुरेश भारद्वाज की यह चौथी पारी है, महेंद्र सिंह सात बार, अनिल शर्मा तीसरी बार, नरेंद्र बरागटा की यह तीसरी पारी है, जबकि कई अन्य विधायक भी दो या तीन बार चुनाव जीतकर ही तपोवन पहुंचेंगे। दिक्कत भी कोई बड़ी नहीं है, बावजूद इसके  विपक्ष को घेरने, अफसरों को चलाने का जौहर तो दिखाना ही होगा।

🔵नए सीएम के द्वार अफसरों की कतार🔵

✍️ शिमला
प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे जय राम ठाकुर के पास अफसरशाही की कदमताल शुरू हो गई है। बिरला ही कोई अधिकारी ऐसा होगा, जो जय राम के द्वार न पहुंचा हो। अधिकारियों का नए सीएम से मिलने का सिलसिला जोरों पर हैं। रविवार शाम से ही अधिकारियों  का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था, जो कि सोमवार को भी जारी रहा।  कोई अधिकारी नई सरकार में मलाईदार  ओहदा चाहता है तो कोई अपनी कुर्सी को बचाने के लिए दौड़ लगा रहा है। नई सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही अफसरशाही के फेरबदल का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। सबसे अधिक दौड़ मुख्य सचिव के पद के लिए है और इसके लिए लॉबिंग भी बड़ी चल रही है। देखना यह है कि नई सरकार अपनी पसंद का सीएस लगाएगी या नहीं। अफसरशाही में फेरबदल मुख्य सचिव की कुर्सी पर ही निर्भर करेगा। उस कुर्सी पर कौन बैठता है, ये जल्द साफ हो जाएगा। वैसे आला अधिकारी जो इस कुर्सी पर नजरें गड़ाए हुए हैं ,वो भी जय राम ठाकुर के पास पहुंच गए हैं और अपनी-अपनी दावेदारी सभी जताने लग गए हैं। मंगलवार से राज्य सचिवालय की सूरत भी बदल जाएगी। यहां भाजपा समर्थित कर्मचारियों की पौ बाहर होगी और अब उनका ही वर्चस्व भी नजर आएगी। प्रशासनिक मशीनरी में फेरबदल सचिवालय से लेकर विभागों तक में होना तय है। सचिवालय में हालांकि उस कॉडर के अधिकारियों के तबादले नहीं होते लेकिन उनकी विभागीय शाखाओं में फेरबदल जरूर हो सकता है। यही नहीं , सचिवालय में आईएएस के साथ एचएएस अधिकारी भी काफी संख्या में लगे हैं और यहां लगे एचएएस खुद चाहते हैं कि सचिवालय से बाहर कर उनको अच्छा औहदा दिया जाए। क्योंकि पांच साल तक ये लोग यहां एक कमरे तक सीमित रहते हैं और अब उनको फील्ड में जाने का मौका मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हरेक सरकार में इनके औहदे जरूर बदलते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों ने अब कदमताल शुरू कर दी है और जिसकी चलेगी, उसे उसकी पसंद का औहदा मिल जाएगा। वैसे अभी तक अहम औहदों पर रहने वालों को जरूर अपनी चिंता सता रही है।  जय राम से मिलने वालों में कई बड़े अधिकारी शामिल हैं।

🔴छुट्टी के लिए मारामारी🔴

✍️हमीरपुर 
एचआरटीसी में ड्राइवरों व कंडक्टरों के कैजुअल लीव के लिए धड़ाधड़ आवेदन आ रहे हैं। अधिकारी भी एक साथ आवेदन आने से खासे परेशान हैं। निगम के कर्मचारी वर्ष की शेष बची छुट्टियों व कैजुएल लीव को पूरा करने में प्रयास में हैं। इससे निगम के लोकल रूट भी प्रभावित हो रहे हैं। यात्रियों को प्राइवेट बसों में ही सफर तय करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि हमीरपुर डिपो में 95 के करीब ड्राइवर व कंडक्टर कैजुअल लीव व साप्ताहिक अवकाश काट रहे हैं। इनमें रेगुलर व कांट्रैक्ट कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि डिपो में अभी भी रोजाना कैजुअल लीव के लिए कंडक्टरों व ड्राइवरों के आवेदन आ रहे हैं, जिन्हें निगम चाहकर भी अवकाश नहीं दे पा रहा है, क्योंकि आधे से अधिक कर्मचारी पहले से ही अवकाश पर चल रहे हैं। यही नहीं, डिपो में कर्मचारी बीमारी का हवाला भी दे रहे हैं, लेकिन उन्हें फिर भी अवकाश नहीं मिल रहा है। सूत्रों की मानें तो हमीरपुर डिपो में पहले से ही 50 से 55 कंडक्टरों की कमी चल रही है। इसके चलते निगम को लांग व लोकल रूट बहाल करना मुश्किल हो रहा है। इससे यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ राह है। हालांकि फिर भी निगम हरसंभव प्रयास कर रहा है कि जिला में कोई भी लोकल या लांग रूट कर्मचारियों की कमी के चलते बाधित न हो।

380 ड्राइवर-कंडक्टर
हमीरपुर डिपो में वर्तमान में 180 कंडक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें रेगुलर 115, कांट्रैक्ट पर 45 व कौशल विकास भत्ते के तहत 35 प्रशिक्षु निगम की बसों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावाडिपो में चालकों की संख्या 200 के करीब है। फिलहाल डिपो में 25 से 30 चालक भी कम चल रहे हैं।

95 कर्मचारी छुट्टी पर
एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप राणा का कहना है कि डिपो में 95 के करीब ड्राइवर व कंडक्टर कैजुअल लीव व साप्ताहिक अवकाश पर चल रहे हैं। हालांकि डिपो में अवकाश के लिए आवेदन आने का सिलसिला लगातार जारी है। जो भी कर्मचारी बीमार हैंख् उन्हें तुरंत प्रभाव से अवकाश दिए जा रहे हैं।

🔵BJP विधायक दल की बैठक के बाद दिल्ली गए धूमल शिमला लौटे🔵

✍️शिमला
यहां विधायक दल की बैठक के बाद पर्यवेक्षकों के साथ दिल्ली गए पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल आज लौट आए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में बीजेपी के कुछ बड़े नेताओं से मुलाकात कर धूमल शिमला लौटे हैं। बता दें कि हिमाचल में सीएम की कुर्सी से दूर हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार धूमल को पार्टी हाईकमान ने दिल्ली बुलाया था। धूमल शिमला में हुई विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी पर्यवेक्षकों के साथ ही दिल्ली रवाना हो गए थे। दिल्ली में पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल किन-किन नेताओ से मिले हैं और क्या बात हुई है यह तो पता नहीं चल पाया है। लेकिन, ऐसा माना जा रहा था कि सरकार गठन को लेकर हाईकमान ने धूमल से चर्चा की है। साथ ही उनके आगे के राजनीतिक भविष्य पर भी चर्चा हुई है। बता दें कि 27 दिसंबर को सीएम डेजीगनेट जयराम ठाकुर व उनकी कैबिनेट के सहयोगी शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही धूमल शिमला लौट आए हैं।
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