बिहार : बाजाप्ता बैनर टांग दिया, यहां पर नि:शुल्क एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध

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मोकामा(पटना). गर्भवर्ती महिला का नाम है चंचल देवी.इसके पति का नाम है पवन मांझी. प्रसव पीड़ा से परेशान हैं वह.सुरक्षित प्रसव कराने के उद्देश्य से परेशान परिवार के लोग दाई खोजने निकल गये.हां चंचल अंधकार में ही घर में बैठी हैं.वह किसी तारणहार की इंतजार में बैठी रही. इस बीच मुसहरी टोला, मरांची उत्तरी ग्राम पंचायत में आशा कार्यकर्ता आ गयी. इससे पहले जीवा के कार्यकर्ता पहुंच गये थे. स्वच्छता की जानकारी दे रहे थे. इस क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता है. वह कभी रूबी तो कभी अनीता देवी नाम बताती रही.पीएचसी से पता चला कि आशा कार्यकर्ता का नाम है अनीता देवी. आशा कार्यकर्ता  अनीता का कहना है कि गर्भवर्ती चंचल पैदल चलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,मरांची, जा सकती हैं. एम्बुलेंस  वाले 100 रू.लेते हैं. पीएचसी  में दवा उपलब्ध नहीं रहने के कारण बाजार से दवा खरीदनी पड़ती है. कुल मिलाकर 300रू.खर्च होता है.  इस बीच मुसहरी टोला से चंचल देवी पीएचसी पैदल चली गयी. यहां पर कुछ घंटे के बाद चंचल देवी को सामान्य प्रसव से पुत्री रत्न प्राप्त हुई.उसका प्रथम प्रसव हैं.पीएचसी से छुट्टी मिलने के बाद भी चंचल को 102 एम्बुलेंस की सेवा नहीं मिली. इस तरह चंचल पीएचसी पैदल गयी और पैदल ही घर  आयी. 
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