ईडी की लालू परिवार की संपत्ति जब्ती बदले की कार्रवाई : तेजस्वी

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पटना 08 दिसंबर, बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के उनके और परिवार के अन्य सदस्यों की संपत्ति जब्ती को बदले की कार्रवाई बताया और सवालिया लहजे में कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह की कंपनी का मुनाफा 16 हजार गुना बढ़ने पर भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। श्री यादव ने यहां प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि वह और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों के मामले की जांच में पूर्ण सहयोग देने के बावजूद ईडी ने लारा प्रोजेक्ट से जुड़ी संपत्ति जब्त कर ली। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा संपत्ति की जब्ती बदले की कार्रवाई है। केंद्र सरकार को जनता के बीच जाकर बताना चाहिए कि श्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह की कंपनी टेंपल इंटरप्राइजेज का मुनाफा 16 हजार गुना बढ़ने पर भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “श्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री जय शाह की कंपनी टेंपल इंटरप्राइजेज का मुनाफा 16 हजार गुना बढ़ गया। लेकिन, मीडिया में इसका खुलासा होने के बावजूद इस कंपनी और श्री अमित शाह के पुत्र के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।” उन्होंने कहा कि यह सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के इशारे पर सभी केंद्रीय जांच एजेंसियां उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित कर रही हैं। श्री यादव ने कहा कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के दिल्ली स्थित कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर पूछताछ के दौरान सभी प्रश्नों का जवाब दिया। मामले की जांच के दौरान उनकी मां श्रीमती राबड़ी देवी एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने ईडी को पूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि केंद्रीय जांच एजेंसी को सहयोग देने के बावजूद भी उसने संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ईडी ने राजधानी पटना के दानापुर में जिस तीन एकड़ जमीन को जब्त किया है उसे आयकर विभाग पहले ही जब्त कर चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा के इशारे पर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) देश में सांप्रदायिक ताकतों को हमेशा विरोध करती रहेगी। उल्लेखनीय है कि ईडी राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री के कार्यकाल के दौरान भारतीय रेलवे खान-पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी)के दो होटलों के टेंडर में हुई अनियमितता से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि झारखंड के रांची और ओडिशा के पुरी में रेलवे के दो होटलों को 15 वर्ष की लीज पर निजी कंपनी को दे दिया गया, जिसके एवज में राजद सांसद प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी डिलाइट मार्केटिंग के जरिये लालू परिवार को दानापुर में कीमती जमीन मिली। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस वर्ष 05 जुलाई को राजद अध्यक्ष एवं उनके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। वहीं, 07 जुलाई को आयकर विभाग ने श्री लालू प्रसाद यादव के कई ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी ने राजद अध्यक्ष एवं उनके परिवार की कंपनी लारा प्रोजेक्ट की उस तीन एकड़ जमीन को जब्त कर लिया है जिस पर शॉपिंग मॉल बन रहा था। सरकारी दर के अनुसार जब्त संपत्ति की कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है।
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