राबड़ी से ईडी ने करीब सात घंटे की पूछताछ

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पटना 02 दिसम्बर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने काले धन को सफेद करने के मामले में करीब सात घंटे तक पूछताछ की । श्रीमती राबड़ी देवी पूर्वाह्न करीब 1145 बजे अपनी बेटी और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती, दामाद शैलेश और राजद विधायक भोला यादव के साथ प्रवर्तन निदेशालय के पटना स्थित कार्यालय पहुंची जहां उनसे दिल्ली से आयी ईडी की टीम ने लगभग सात घंटे तक पूछताछ की । श्रीमती राबड़ी देवी से ईडी की टीम ने रेलवे टेंडर घोटाला और फर्जी कंपनियां बनाकर घोटाले की राशि को सफेद करने के मामले में पूछताछ की । सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम ने श्रीमती राबड़ी देवी से पूछताछ के लिए करीब 55 से 60 सवाल की सूची बनायी थी । इन सवालों में से कई का श्रीमती राबड़ी देवी ने कोई जवाब नहीं दिया । सूत्र बताते हैं कि पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गयी है। पूछताछ के लिए जाने से पहले श्रीमती राबड़ी देवी ने ईडी कार्यालय के बाहर इंतजार कर रहे मीडिया कर्मियों से कहा था वह लौटकर आने पर उनसे बातचीत करेंगी , लेकिन लंबी पूछताछ के बाद जब वह बाहर आयीं तब मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब दिये बिना घर चली गयीं । श्रीमती राबड़ी देवी काफी थकी नजर आ रही थीं ।

गौरतलब है कि ईडी ने श्रीमती राबड़ी देवी को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित कार्यालय आने के लिए सात बार नोटिस भेजा था लेकिन श्रीमती राबड़ी देवी ने दिल्ली जाने से साफ इंकार कर दिया और साफ-साफ कह दिया कि जिसे भी पूछताछ करनी है वह पटना आये। इसके बाद ईडी ने उन्हें आठवीं बार नोटिस भेजकर आज पटना स्थित कार्यालय आने को कहा। ईडी की टीम रेलवे टेंडर घोटाला और आय से अधिक संपत्ति मामले में श्री लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव से पूछताछ कर चुकी है। भारतीय रेलवे खान-पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के दो होटलों की नीलामी में घोटाले को लेकर केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 07 जुलाई 2017 को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस सिलसिले में उनके 12 ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी। इसी मामले में मनी लॉड्रिंग (काले धन को वैध बनाना) की जांच ईडी कर रहा है।

प्राथमिकी में आरोप है कि जब श्री लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल टेंडर में हेरफेर कर को विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दे दिया गया। इसके एवज में 25 फरवरी 2005 को कोचर ने पटना के बेली रोड स्थित 3 एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड (डीएमसीएल) को 1.47 करोड़ रुपए में बेच दी, जबकि बाजार में उसकी कीमत 1.93 करोड़ रुपए थी। इसे खेती की जमीन बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेचा गया और स्टैंप ड्यूटी में गड़बड़ी की गई। बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी प्रॉपर्टी श्री लालू प्रसाद यादव के परिवार की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि सर्कल रेट के तहत इसकी कीमत करीब 32 करोड़ थी और मार्केट रेट 94 करोड़ रुपए था। प्राथमिकी में सुजाता होटल के दोनों निदेशक और चाणक्य होटल के मालिकों विजय कोचर और विनय कोचर और भारतीय रेलवे केटरिंग एण्ड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) के पूर्व प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल समेत कई लोगों के नाम हैं।
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