हिमाचल प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर संशय बरकरार

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शिमला 21 दिसम्बर, हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की जबरदस्त जीत के बावजूद राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर अभी तक संशय बरकरार है। इस बीच राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज राज्य की 12वीं विधानसभा भंग कर दी और इसके साथ नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कल अपने पद से इस्तीफा दे दिया था लेकिन राज्यपाल ने उन्हें नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने को कहा है। उधर पार्टी विधायक दल के नेता के चयन तथा विधायकों की इस संबंध में राय जानने के लिये पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, नरेंद्र तोमर तथा पार्टी के प्रदेश मामलों के प्रभारी मंगल पांडे आज यहां पहुंचे तथा उन्होंने सरकारी गेस्ट हाउस पीटरहॉफ में बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं को संबोधित किया तथा पार्टी की जबरदस्त जीत सुनिश्चित करने के लिये उनका तथा राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य में कांग्रेस को पटखनी देने के लिये योजना एवं रणनीति बनाने के लिये पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत समूचे नेतृत्व का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने से राज्य प्रगति की नई उंचाईयां छुएगा और उसे माफिया राज से मुक्ति मिलेगी। श्रीमती सीतारमण ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य में मजबूत सरकार का गठन करने के लिये एक राय कायम करने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांग्रेस मुक्त भारत का सपना साकार करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार धूमल और प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती के चुनाव हार जाने पर उन्हें दुख है। उन्होंने संकेत दिया कि हाईकमान अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करेगा। केंद्रीय पर्यवेक्षक की मौजूदगी में गुरुवार रात पार्टी की कोर कमेटी की बैठक भी होने वाली है जिसमें राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम विचार होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल सर्वश्री जयराम ठाकुर, सुरेश भारद्वाज और डाॅ राजीव बिंदल भी मौजूद थे। इस बीच कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों की भी विधायक दल के नेता के चयन के लिए शुक्रवार को यहां पार्टी के प्रदेश मामलों के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे और केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में बैठक होगी। इसमें निर्वतमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे तथा इनका पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने की पूरी संभावनाएं हैं।
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