स्वास्थ्य : बहरेपन से ग्रस्त 115 बच्चों की मदद करेगा भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण

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नई दिल्ली, 14 दिसम्बर, भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने सीएसआर पहल के तहत कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के जरिए सुनाई संबंधी दोष को दूर करने में 115 बच्चों की मदद करने की योजना बनाई है। भारत में लगभग 35,000 बच्चों को प्रति वर्ष कोक्लियर इम्प्लांट की आवश्यकता होती है। एक अनुमान में यह बात सामने आई है। कॉरपोरेट इतिहास में पहली बार भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने सीएसआर पहल के तहत कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के जरिए सुनाई संबंधी दोष को दूर करने में 115 बच्चों की मदद करेगा। यह पहल भारतीय कृत्रिम अंग विनिर्माण निगम के साथ मिलकर की जा रही है। कोक्लियर इम्प्लांट इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसके दो भाग (बाहरी और आंतरिक) होते हैं। इएनटी सर्जन सर्जरी के माध्यम से इसके आंतरिक भाग को खोपड़ी (कोक्लियर) में प्रत्यारोपित कर देते हैं। सर्जरी के बाद ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट व हीयरिंग इम्पेयर्ड के विशेष एडुकेटर द्वारा पुनर्वास कार्य किया जाता है। घर पर बच्चों को बोली एवं भाषा सीखने में मदद करने में तथा कोक्लियर इम्प्लांट के बाहरी भाग (प्रोसेसर) की सुरक्षा करने में माता-पिता की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वेबसाइट पर घर में प्रशिक्षण एवं प्रक्रिया की जानकारियां उपलब्ध है। सुनने की समस्या से ग्रस्त 12 माह की उम्र वाले बच्चे और पांच साल से कम उम्र वाले बच्चे भारत सरकार की एडीआईपी योजना के मानदंड के अनुसार एडीआईपी योजना के तहत कोक्लियर इम्प्लांट के लिए सुयोग्य पात्र हो सकते हैं। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के विकलांगता ग्रस्त व्यक्ति (दिव्यांगजन) सशक्तीकरण विभाग की एडीआईपी योजना के तहत 500 कोक्लियर इम्प्लांट प्रायोजित करने का जो प्रावधान किया गया है उसकी तुलना में यह संख्या बहुत कम है। इस समारोह में मुख्य अतिथि केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के विकलांगता से ग्रस्त व्यक्ति (दिव्यांगजन) सशक्तीकरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे। यह समारोह नई दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे स्थित भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण संस्थान में 14 दिसम्बर को आयोजित किया जाएगा।
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