वाराणसी : मोदी-योगी के सपनों जैसा होगा काशी

निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी के विकास का जो सपना देखा है उस पर जनता ने अपनी मुहर लगा दी है। केन्द्र व राज्य में अपनी सरकार होने के कारण नगर निगम के कामों में बदलाव दिखेगा। वैसे भी इस चुनाव में विकास का मुद्दा प्रभावी था। लोगों ने भाजपा पर विश्वास जताया है। लंबे समय बाद केन्द्र व प्रदेश के बाद शहर की सरकार भी अपनी होगी। विकास का जो सपना सीएम व पीएम ने देखा है वह पूरा होगा 
kashi-meyar-mridula
महापौर पद पर निर्वाचित मृदुला जायसवाल काशीवासियों का दिल एवं विश्वास जीतने में सफल रही। वह बनारस नगर निगम में भाजपा की पांचवीं मेयर होंगी। करीब 86 हजार मतों से मिली जीत ने साबित कर दिया है कि काशी में केसरिया क्रेज बरकरार है। उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को पूरी होने की आशा किस कदर है, इसका अंदाजा इसी से बात से लगाया जा सकता है कि काशीवासियों ने उन्हें भारी अपना प्रथम नागरिक के रूप में चुना। मिनी सदन में पार्षदों की संख्या बढ़ना भी भाजपा के लिए सुखद संदेश है। पिछली बार भाजपा के पास 22 पार्षद थे। इस बार यह संख्या 37 हो गयी है। खास यह है कि पीएम संसदीय क्षेत्र के नाते नवनिर्वाचित मेयरों में मृदुला जायसवाल की पहचान सबसे विशिष्ठ होगी। लेकिन साथ ही उनके सामने शहरी समस्याओं से निपटने की चुनौती भी होगी क्योंकि अगला एक साल चुनावी होगा। उनको बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान देना होगा। यह अलग बात है कि केन्द्र व राज्य में अपनी पार्टी की सरकार होने से नयी मेयर को काम करने में दिक्कत नहीं होगी और फंड भी मिलेगा। नवनिर्वाचित दुसरी महिला मेयर मृदुला जायसवाल का कहना है कि जनता ने मौका दिया है, इसलिए वह हमेशा सिर-आंखों पर रहेगी। सीनियर रिर्पोटर सुरेश गांधी से शहर की समस्याओं के बाबत पूछे गए सवालों का बड़ी बेबाकी से जवाब देते हुए श्रीमती मृदुला ने कहा कि इस बार बनारस मेयर महिला आरक्षित होने से उन्हें चुनाव लड़ने का मौका मिला। पूरा शहर मेरे परिवार जैसा है। एक महिला जिस तरह से अपने घर को पूरी तरह से संभालकर रखती है और सबकी जरूरत के हिसाब से काम करती है, उसी तरह मैं शहर में काम करूंगी। उन्होंने जीत का श्रेय काशी की जनता, पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। कहा, केंद्र में मोदी सरकार और प्रदेश में योगी सरकार ने जनता के हित में जो फैसले लिये हैं, उनसे आम लोगों का पार्टी पर विश्वास बढ़ा है। मैं इस विश्वास को बनाये रखूंगी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाना उनका लक्ष्य होगा। इसकी शुरुआत वॉर्ड में मोहल्ला क्लीनिक खुलवाकर होगी। इसके साथ रोजाना एक गली में जाकर लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक करेंगी। 
आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं?

सदन में महिला पार्षदों की भूमिका बढ़े। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को बेहतर रैंक हासिल हो। प्रॉजेक्ट समय से पूरे हों। मोदी के सपनों या यूं कहे उनकी योजनाओं को वास्तविकता के धरातल पर लाना प्राथमिकता होंगी। काशी की प्राचीनता से छेड़छाड़ नहीं होगा। शहर का विकास युद्धस्तर पर कराया जायेगा। हम बेहतर काम करेंगे। को-ऑर्डिनेशन के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी। मोदी एवं योगी के मुताबिक तमाम योजनाएं हैं, जिन्हें लागू किया जाना है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्ट्रीट लाइटों में एलईडी, गड्ढामुक्त सड़क समेत कई योजनाओं का प्रभावी असर दिखाई देगा। सफाई, ट्रैफिक व सड़क खास ध्यान देंगी। पहला अभियान इन्हीं पर चलाना है।

काशी को क्योटो कैसे बनायेंगी? 
‘काशी को काशी के पहचान एवं काशीवासियों की भावनाओं के मुताबिक विकास होगा। काशी की अपनी विरासत है, संस्कृति है जिसका संरक्षण हरहाल इमें किया जायेगा। आधारभूत एवं मूलभूत समस्याओं को ध्यान में रखते हुए काशी का विकास किया जायेगा। सड़कें क्यों खस्ताहाल हैं, जाम से आखिर कब छुटकारा मिलेगा, सीवर का मलजल सड़कों व गलियों में क्यों पसरा रहता है, स्ट्रीट लाइटें क्यों दिन में जलती और रात में टिमटिमा भी नहीं पातीं, नियमित सफाई क्यों नहीं हो पाती है, घाटों का जीर्णोद्धार क्यों नहीं हो पा रहा है, नगर निगम के दफ्तरों में बगैर लेन-देन के आम लोगों का काम क्यों नहीं होता, जैसे समस्याओं पर वह विशेष ध्यान देंगी। स्वच्छ काशी- सुंदर काशी, स्वच्छ प्रशासन आदि वादों को पूरा करेंगी।  74वां संशोधन लागू नहीं किया जा सका है। मेयर और कमजोर हो चुके हैं? मेयर सशक्त हों, इसके लिए क्या करेंगी?  हमारी पार्टी शुरू से ही नगर निगमों की स्वायत्तता की पक्षधर रही है। हम पार्टी के मंच पर इस मुद्दे को उठाएंगे, सरकार के सामने भी रखेंगे। संशोधन जल्द से जल्द लागू करवाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से 54वां संविधान संशोधन लागू किए जाने की मांग करेंगी। अब हर जगह अपनी सरकार है। जनता के हित में जो भी उचित होगा उस पर पार्टी और सरकार काम करेगी। शपथ ग्रहण और सदन की तारीख पार्टी पदाधिकारियों से बातकर तय की जाएगी।  नगर निगम पर 25 वर्षों से भाजपा का कब्जा है, लेकिन लोगों का आरोप है कि प्रदर्शन खास नहीं रहा है।  भाजपा ने अच्छा काम नहीं किया होता तो जनता सिर-माथे पर क्यों बैठाती। पहले की सरकारों में मेयर नहीं मंत्री फैसले थोपते थे। अब सब जगह भाजपा की सत्ता है, इसलिए विकास तेजी से होगा। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए उन्होंने चुनौती के रुप में लिया है। अब वार्डवार समस्या निवारण शिविर लगाकर कार्य किए जाएंगे। अब तक हमारे पास नगर निगम तो रहता था लेकिन प्रदेश या केंद्र में सरकार नहीं होती थी। इस बार नीचे से उपर तक अपनी सरकार है तो बिना किसी विघ्न बाधा के विकास कार्य पूरे किए जा सकेंगे। इसके लिए निचले स्तर तक प्रतिनिधि जुटेंगे। 

पीएम के सफाई मिशन में नगर निगम फेल है। टॉप 10 में कैसे पहुंचेंगे? 
सफाई में हीला-हवाली नहीं चलेगी। बदलाव खुद ही दिख जाएगा। यह सही है कि अब तक शहर में सीवर प्रबंधन पर कोई कार्य नहीं किया, इसी वजह से सीवर सड़क पर बह रहा है। इस समस्या से जनता को निजात दिलवाना उनकी प्राथमिकता होगी। उधर कूड़ा निस्तारण को और बेहतर ढंग से धरातल पर उतारने की पुरजोर कोशिश होगी। इस संबंध में शपथ लेने के बाद बहुत जल्द ही अधिकारियों की बैठक बुलाकर चर्चा की जाएगी। शहर को टॉप-10 में लाने के अभियान में पार्षदों की अहम भूमिका होगी। हर इलाके में साफ-सफाई करवाने के लिए पार्षदों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।

पिछले 10 साल में सदन में ज्यादातर फैसले आम सहमति से होते थे। क्या इस परंपरा को कायम रखेंगी? 
पूर्व मेयर का सहयोग हमेशा मिलता रहेगा। हमारा तो नारा ही सबका साथ सबका विकास है। कोशिश रहेगी कि आम सहमति से ही सब फैसले हों। जनता को मूल सुविधाएं मिल सकें और प्राचीनता को बनाए रखते हुए विकास हो, इसपर ही जोर होगा। हम चाहते हैं कि सभी को साफ पानी मिले, साफ सड़कों पर लोग चलें और साफ हवा मिले, पूरा प्रयास होगा। उनका लक्ष्य महिलाओं की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने पर होगा। इसके अलावा छूटे क्षेत्रों में अधूरे विकास कार्य भी पूरे करवाने की पूरी कोशिश होगी। 
जीवन परिचय 
नाम: मृदुला जायसवाल। 
जन्मतिथि: 16.11.1978 
पति: राधाकृष्ण जायसवाल 
शैक्षिक योग्यता: एमएससी (रसायन शास्त्र) 
राजनीतिक पृष्ठभूमि: पूर्व सांसद स्व.शंकर प्रसाद जायसवाल की पुत्रवधू, विहिप की दुर्गावाहिनी की सदस्य व जिला उद्योग व्यापार मंडल की उपाध्यक्ष 
निवास: अंबालिकापुरी कॉलोनी, घंटी मिल काशी विद्यापीठ 

74वें संशोधन से पूरी व्यवस्था होंगी एक छतरी तले 
बेतरतीब होते शहरी विकास की असल दिक्कत यही है कि निर्माण और उनकी व्यवस्था के लिए अलग-अलग विभाग हैं। नई बस्तियों की प्लानिंग विकास, शहरी इलाकों की पूरी प्लानिंग और रखरखाव, भू-उपयोग की निगरानी, उन्हें बदलने का अधिकार और इमारतों का निर्माण, शहरी इलाकों में आर्थिक और सामाजिक विकास की नीति बनाना, सड़क और पुल का निर्माण और उनकी प्लानिंग, घरेलू, औद्योगिक और व्यापारिक इस्तेमाल के लिए जल आपूर्ति, जन स्वास्थ्य, स्वच्छता और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, अग्निशमन, शहरी वन क्षेत्रों का रख-रखाव, झुग्गी झोपड़ी का विकास, शहरी गरीबों के लिए योजनाएं, पार्क, गार्डन और खेल के मैदान समेत अन्य शहरी सुविधाओं पर पूरा कंट्रोल, सांस्कृतिक, शैक्षिक क्षेत्रों का विकास, श्मशान और कब्रिस्तान का विकास, कांजी हाउस बनवाना, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों का लेखाजोखा रखना आदि प्रमुख हैं। 

शहर को संवारने के लिए योजनाएं चलेंगी
सफाई को लेकर शहर का मिजाज बदला है, लेकिन अभी इस पर मुहिम का रंग चढ़ाने की जरूरत है। आध्यत्मिक शहर में सफाई व्यवस्था को इसलिए भी विशेष ध्यान देने की जरुरत है क्योंकि लाखों पर्यटक यहां घूमने के लिए आते हैं। खासकर धार्मिक और हेरिटेज स्थल हों तो निश्चित रुप से कोई बात बने। वैसे नई नगर सरकार के लिए कूड़ा प्रबंधन पर खास तौर पर ध्यान देने की जरुरत होगी। वैसे मुख्य मार्ग और घाटों में सफाई की स्थिति में पहले की अपेक्षा बदलाव आया है लेकिन अभी धार्मिक स्थलों पर और प्रयास करने की जरुरत है। 

पीएम व सीएम ने दी बधाई 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महापौर बनने पर मृदुला जायसवाल को फोन करके बधाई दी। योगी ने फोन पर बधाई देते हुए शहर के विकास में राज्य सरकार से हर संभव सहयोग का वादा किया। कहा कि शहर के विकास का खाका नगर निगम खींचे। सरकार से जो मदद की जरूरत होगी, वह पूरी की जाएगी। 

शीघ्र होगा नई टीम का शपथ ग्रहण
नगर निगम की नई टीम भव्य समारोह में शपथ लेगी। निगम प्रशासन का अनुमान है कि अगले हफ्ते ही शपथ ग्रहण हो सकता है। वैसे इसके पहले निगम अफसरों को शासनादेश का इंतजार है। हालांकि तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शपथ ग्रहण के दौरान ही सदन की पहली बैठक की तारीख मुकर्रर हो जाएगी। निगम के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें मंडलायुक्त नवनिर्वाचित महापौर को शपथ दिलाएंगे। बाद में महापौर सभी वार्डो के नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी करेंगी। संभावना जताई जा रही है कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के साथ केंद्र के भी कुछ मंत्री शामिल हो सकते हैं। बशर्ते, प्रदेश के सभी नगर निगमों के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख एक ही दिन न हो। 

उप समितियों का गठन 
नगर निगम चुनाव के बाद एक बार फिर लंबे समय से ठिठका विकास का पहिया घूमना शुरू होगा। सदन में नव निर्वाचित टीम पहुंचेगी। निर्वाचित सदस्यों एवं महापौर के शपथ ग्रहण के बाद सदन शुरु हो जाएगी। नगर निगम की नई टीम पहुंचने के साथ ही अब पार्षदों के साथ दस नामित पार्षदों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि इसके पूर्व 12 सदस्यों की एक कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इस कार्यकारिणी के गठन के लिए इन्हीं पार्षदों की अहम भूमिका होगी। सदन को चलाने के लिए उप समितियों के गठन की भी एक अनिवार्य प्रक्रिया अपनानी होगी। इस प्रक्रिया में जलकल, सफाई, स्वास्थ्य समेत अनेक समितियों का गठन किया जाएगा। सदन के नियमों के अनुसार कोई भी प्रस्ताव सदन में तब चर्चा के लिए लाया जाता है, जब कार्यकारिणी उस प्रस्ताव पर पूर्व ही चर्चा कर चुकी हो। कार्यकारिणी की मुहर लगने के बाद उक्त प्रस्ताव को सदन में लाया जाता है। जब कि नगर निगम के सदन का मुख्य काम नीतियों को बनाने और उसको क्रियान्वयन की होती है। नीतिगत निर्णय लेने का काम सदन का होता है। बजट की स्वीकृति भी सदन का ही कार्य होता है। 






(सुरेश गांधी)
Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...