किम ने दिया आणविक ताकत मजबूत करने पर बल

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प्योंगप्यांग, 13 दिसम्बर, उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन अपने देश की आणविक ताकत यानी न्यूक्लियर पावर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। यह बात उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया में बुधवार को आई। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के मुताबिक किम ने विश्वास जताया है कि राष्ट्रीय रक्षा उद्योग के वैज्ञानिक और युद्ध सामग्री निर्माण में जुटे कामगार गुणवत्ता व परिमाण में देश की आणविक ताकत बढ़ाएंगे। किम ने कहा, "शक्तिशाली जूशे-आधारित रक्षा उद्योग की बुनियाद पर उत्तर कोरिया के रणनीतिक मोर्चे को ऊंचे स्तर पर रखा गया है।" 'जूशे' का तात्पर्य आत्मनिर्भरता से है। यह एक विचारधारा है जिसका मकसद राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य व अंतर्राष्ट्रीय मामलों में पूर्ण स्वतंत्रता हासिल करना है। समाचार एजेंजी 'सिन्हुआ' के मुताबिक मंगलवार को समापन हुए युद्ध-सामग्री उद्योग के आठवें दो दिवसीय सम्मेलन में दिये भाषण में किम ने इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने नवनिर्मित इंटरकान्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, ह्वासांग-15 में योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया। प्योंगप्यांग के मुताबिक, 29 नवंबर को इस्तेमाल में लाई गई यह मिसाल अमेरिका तक को निशाना बनाने की क्षमता रखती है। मीडिया रपटों के मुताबिक किम का यह भाषण अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा उत्तर कोरिया के साथ बिना पूर्व शर्तो के आणविक निरस्त्रीकरण पर बातचीत के लिए खुला आमंत्रण देने के बीच आया है।
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