माओवादी कोबद गांधी रिहा

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विशाखापट्टनम 13 दिसंबर, हत्या और तोड़फोड़ के कई मामलों में सुनवाई का सामना कर रहे शीर्ष माओवादी नेता कोबद गांधी को आज विशाखापट्टनम बंदरगाह की सिटी सेंट्रल जेल से आज जमानत पर रिहा कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 66 वर्षीय विचारक को विशाखापत्तनम सहित विभिन्न शहरों में उसके खिलाफ लंबित कई मामलों में जमानत दे दी गयी। सूत्रों ने बताया कि जेल से रिहा होते ही वह अपने मुंबई निवास के लिए रवाना हो गया।  कोबद गांधी को आंध्रप्रदेश पुलिस ने वर्ष 2009 में नयी दिल्ली से गिरफ्तार किया था। वह 4 अप्रैल से विशाखापट्टनम जेल में था। इससे पहले वह तीन महीने के लिए पूर्व कांग्रेस विधायक चित्तेम नरसिंह रेड्डी की अगस्त 2005 में हुई हत्या के सिलसिले में हैदराबाद की चेरलापल्ली सेंट्रल जेल में बंद था। इससे पूर्व वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में भी सात वर्ष की सजा भुगत चुका हैं।  भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति के पूर्व सदस्य पर आंध्रप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष डी. श्रीपद राव की करीमनगर जिले के मंथानी में 1999 में हत्या का भी आरोप हैं।  कोबद गांधी वर्ष 2008 में विशाखापट्टनम के गुनुरकयी गांव में माओवाद निरोधक कमांडो यूनिट ग्रेहाउंड हुए हमले की साजिश में भी नामजद हैं। उसके खिलाफ विस्फोटक पदार्थ कानून एवं गैर कानूनी गतिविधियों (नियंत्रण) अधिनियम के अंतर्गत भी केस दर्ज है।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोबद गांधी वर्ष 1960 में माओवादी आंदोलन से जुड़ा था। अस्सी के दशक में वह महाराष्ट्र में नवगठित भाकपा (माओवादी) के प्रमुख संगठनकर्ताओं में से एक था। वह वर्ष 2004 में भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो की शुरुआत से केंद्रीय समिति का हिस्सा रहा। वह प्रोस्टेट कैंसर और अन्य बीमारियों से ग्रस्त हैं।
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