नीतीश ने बिहार का विकास नहीं सत्यानाश किया : तेजस्वी

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पटना 11 दिसंबर, बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने राज्य में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कल से शुरू हो रही यात्रा पर कहा कि उन्होंने प्रदेश का विकास नहीं बल्कि सत्यानाश कर दिया है। श्री यादव ने आज माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर अपने ट्वीट में कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री श्री कुमार विकास यात्रा पर निकल रहे हैं। उन्होंने राज्य का विकास नहीं बल्कि विनाश और सत्यानाश किया है।” उन्होंने कहा कि वह उनकी पोल खोलेंगे। इसके बाद लोगों को समझ में आयेगा कि उन्होंने कैसे राज्यवासियों को विकास के नाम पर केवल झांसा दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि श्री कुमार कल से पश्चिम चंपारण के कटैया में समीक्षा यात्रा के क्रम में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि जहां मुख्यमंत्री वर्ष 2009 मे उप-स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास किया था, दुबारा उसका शिलान्यास उनके एक मंत्री ने किया अब कल फिर श्री कुमार आठ साल मे तीसरी बार उसका शिलान्यास करेंगे। वहां आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

श्री यादव ने कहा कि श्री कुमार ने वर्ष 2009 में ही चंपारण के फुलवरिया विद्यालय की चहारदिवारी का भी शिलान्यास किया था। इन आठ वर्षों में वहां भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका और अब वह दुबारा वहां जा रहे हैं। ऐसे में उस विद्यालय की पांचवीं कक्षा के बच्चों को मज़दूर बनाकर आनन-फ़ानन में गुणवताहीन कार्य शुरू किया गया है। यही राज्यवासियों के लिए श्री कुमार का झांसा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि श्री कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के इशारे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की छवि धूमिल करने के लिए राज्य के हर विनाश की शुरुआत चंपारण से ही करते है। उन्होंने आरोप लगाया और कहा कि जनादेश की डकैती करने वाले श्री कुमार अब बापू का अनुयायी बनने की कोशिश कर लोगों को झांसा देना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री कुमार के अस्वस्थ रहने के कारण जिलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए 07 दिसंबर से प्रस्तावित उनकी यात्रा स्थगित कर दी गयी थी। अब यह यात्रा 12 दिसंबर से शुरू होने वाली है। श्री कुमार मुख्यमंत्री बनने के पूर्व से ही राज्य की यात्रा पर निकलते रहे हैं। वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव के पहले उन्होंने परिवर्तन यात्रा के नाम से अपनी यात्रा शुरू की थी। उन्होंने अपनी सभी यात्राओं की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण से ही की है।
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