मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्पणी पर विपक्ष का हंगामा : संसद रही बाधित

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नयी दिल्ली, 19 दिसंबर, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के हंगामे के कारण आज संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही बाधित रही। हंगामे और शोरशराबे के कारण लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों को एक-एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। दोनों ही सदनों में प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस के सदस्यों ने दोनों ही सदनों में आसन के समक्ष आकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मनमोहन के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए माफी मांगने को कहा। हंगामे के बीच ही लोकसभा में सरकार की ओर आम बजट से जुड़ी अनुदान की पूरक मांगों तथा चार विधेयकों को पेश किया गया। दोनों ही सदनों में गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश के चुनाव नतीजों के रूझान का असर देखने को मिला। भाजपा सदस्य विशेषकर गुजरात से आये पार्टी के सदस्य एक दूसरे को बधाई देते दिखे।लोकसभा में कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्ष दलों के सदस्य सदन की कार्यवाही शुरू होने के समय से ही प्रधानमंत्री मोदी की कथित टिप्पणी का मुद्दा उठा रहे रहे थे । लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विपक्षी सदस्यों के कार्यस्थगन के नोटिस को अस्वीकार करते हुए कहा कि इस विषय को अन्य अवसरों पर उठाया जा सकता है। वाम दलों के सदस्य भी कुछ बोलते हुए दिखे लेकिन हंगामे के कारण उनकी बातें सुनी नहीं जा सकीं । प्रश्नकाल शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ने ओखी तूफान में मारे गए लोगों के साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, नाइजीरिया, मिस्र एवं अन्य देशों में आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी । उन्होंने मेक्सिको एवं ईरान में भूंकप में मारे गये लोगों के प्रति भी सदन की ओर से शोक व्यक्त किया ।

इसके बाद प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्षी दल मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर अपनी बात रखने की मांग करने लगे । उधर भाजपा सदस्य गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश चुनाव में भाजपा के जीत की ओर बढ़ने के रूझान को लेकर नारेबाजी करने लगे । शोर शराबा बढ़ता देख अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी । दोपहर बारह बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी सदन में वही नजारा देखने को मिला। अध्यक्ष ने सदस्यों को अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया । लेकिन अपनी मांग नहीं माने जाने को लेकर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी सदस्य आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे । हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आम बजट से जुड़ी अनुदान की अनुपूरक मांगें पेश कीं। इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम, श्रम मंत्री संतोष कुमार ने उपदान संदाय (संशोधन) विधेयक, स्वास्थ्य मंत्री ने जे पी नड्डा ने दंत चिकित्सा (संशोधन) विधेयक तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हर्षवर्द्धन ने भारतीय वन (संशोधन) विधेयक पेश किया। शोर शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने 12 बजकर 20 मिनट पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिये स्थगित कर दी ।
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