बिहार में शेष दिव्यांगाें को शीघ्र मिल जाएगा प्रमाण पत्र

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पटना 10 दिसम्बर, बिहार सरकार ने आज कहा कि राज्य में 23 लाख 50 हजार दिव्यांग हैं जिनमें से अबतक 14 लाख को दिव्यांगता प्रमाण पत्र दे दिया गया है और शेष को शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जायेगा। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां भारत विकास विकलांग न्यास की ओर से आयोजित 18वां स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 23 लाख 50 हजार दिव्यांग हैं जिनमें से 14 लाख को दिव्यांगता प्रमाण पत्र दे दिया गया है। शेष को शीघ्र ही प्रखंड स्तर पर शिविर आयोजित कर प्रमाण पत्र दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को स्मार्ट कार्ड भी दिया जायेगा जिसमें उससे संबंधित सभी जानकारियां होंगी। श्री मोदी ने कहा कि बिहार के सात लाख दिव्यांगों को प्रत्येक महीने 400 रुपये पेंशन दी जा रही है। दिव्यांगों के लिए अलग से निःशक्तता निदेशालय का गठन करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निदेशालय के माध्यम से दिव्यांगों की समस्याओं का समाधान त्वरित ढंग से किया जायेगा ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए शीघ्र ही निःशक्तता आयुक्त की नियुक्ति के साथ ही राज्य सलाहकार बोर्ड का गठन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित विकलांग अस्पताल को पुनर्जीवित कर दिव्यांगों के लिए विशिष्ट अस्पताल बनाया जायेगा। सरकार इसके लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करायेगी। श्री मोदी ने कहा कि दिव्यांगों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने के साथ ही शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सभी सरकारी स्कूलों में दिव्यांगों के लिए रेम्प का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सुगम्य भारत अभियान के तहत 28 सरकारी भवनों में 26 करोड़ रुपये की लागत से दिव्यांगों की सुविधा के लिए लिफ्ट और एक्सेलेटर लगाये जायेंगे। इस मौके पर केन्द्र सरकार की विभिन्न सेवाओं में कार्यरत दिव्यांग अधिकारी आशीष कुमार वर्मा, सादिक अहमद, अखिलेश शर्मा, अभिषेक सिंह, संदीप कुण्डु, मनीषा जाट, अबु हुजैफा आदि को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन अधिकारियों ने अपने संघर्ष के बल पर मुकाम हासिल किया है । 
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