सिक्किम मूल के लोगों ने की एसटी दर्जे की मांग

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नयी दिल्ली 12 दिसंबर, सिक्किम मूल के जोगी, खस और छेत्री समेत 11 जातीय समुदायों ने केंद्र सरकार से उन्हें अनुसचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग की है। सिक्किम मूल के इन समुदायों के प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री डा. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन से उन्हें सौंपा। इसमें प्रतिनिधिमंडल में राय, मांगर, गुरुंग,थामी, भुजेल, जोगी, गिरि, नेवार, खस, भावन एवं छेत्री और देवान तथा याखा समुदाय के सदस्य शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि संबंधित समुदायों को एसटी वर्ग में शामिल करना चाहिए। ज्ञापन में विधानसभा, नौकरी आरक्षण और आयकर में छूट की मांग की गयी है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने इतिहास, भूगाेल और अन्य मामलों में एक प्रस्तुति भी दी।  डा. सिंह ने कहा कि वह संबंधित समुदायों को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। उन्होेंने कहा कि इस संबंध में आदिवासी मंत्रालय के साथ बात की जाएगी। यह मुलाकात डा. सिंह के कार्यालय में की गयी। बाद में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री के साथ एक समूह फोटो भी खिंचवाया। मुलाकात के दाैरान डा. सिंह ने सिक्किम में विशेष रुप से चलाई जा रही योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होेंने लोगों को स्थानीय विकास कार्यक्रमों में सक्रिय रुप से भाग लेने का आग्रह किया।  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तीन वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र की अज्ञात क्षमताओं को उभारने के लिए प्रयासों की पहल की गई है और अब देश के शेष भाग को पूर्वोत्तर क्षेत्र से बहुत कुछ सीखना है। उन्हाेंने कहा कि असम, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के पूर्वोत्तर क्षेत्र में तीन मेगा फूड पार्क हैं। सिक्किम राज्य को भारत का प्रथम जैविक राज्य घोषित किया गया है।
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