आदिवासी समाज को राष्ट्र की मूलधारा में लाना होगा: श्याम जाजू

  • सुखी परिवार फाउंडेशन द्वारा आदिवासी क्षेत्र के लिए एम्बुलेंस लोकार्पण समारोह

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नई दिल्ली, 11 दिसम्बर 2017, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू ने कहा कि भारत को शक्तिशाली एवं समृद्ध बनाने के लिए आदिवासी जनजीवन की उपेक्षा नहीं होने दी जाएगी। हमारा प्रयास रहेगा कि भारत की इस मूल आदि संस्कृति एवं जाति को राष्ट्र की मूलधारा में लाकर उनका समग्र विकास किया जाए। एक संतुलित समाज रचना के लिए आज आदिवासी जनजीवन को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। श्री श्याम जाजू आज 10, पंडित पंत मार्ग पर सुखी परिवार फाउंडेशन द्वारा आयोजित एम्बुलेंस लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। यह एम्बुलेंस गुजरात के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से प्रदत्त की गई है। यह समारोह आचार्य श्रीमद् विजय चिदानंदजी एवं सुखी परिवार अभियान के प्रणेता गणि राजेन्द्र विजयजी के सान्निध्य में आयोजित हुआ। श्री जाजू ने आगे कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी समुदाय के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं जिनमें वनबंधु योजना प्रमुख है। गुजरात का आदिवासी समुदाय संकीर्णता की बजाय विकास को प्राथमिकता देता रहा है। श्री जाजू ने कहा कि मुझे इस समारोह में आकर बहुत प्रसन्नता है। जब मैं इस समारोह के लिए अपने निवास से रवाना हो रहा था तो कुछ लोगों ने कहा कि आप राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, राष्ट्रीय व्यक्तित्व हैं। ऐसे साधारण समारोह में नहीं जाना चाहिए। मैंने कहा मेरे लिए कोई भी कार्यक्रम भव्यता की दृष्टि से नहीं बल्कि उद्देश्य और उपयोगिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। यहां देश के बहुसंख्य आदिवासी समुदाय के हित के लिए मुझे बुलाया गया, इसलिए मेरे लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है। जैन समाज और सुखी परिवार फाउंडेशन निरंतर सेवा और परोपकार के कार्य करता रहता है। मैं उन्हें बधाई देता हूं। गणि राजेन्द्र विजयजी की पुस्तक ‘आदिवासी सभ्यता और संस्कृति’ का लोकार्पण करते हुए श्री जाजू ने कहा आचार्यजी एवं गणि राजेन्द्र विजयजी जैसे संत इस राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक हैं, मैं उनकी आगामी आदिवासी अहिंसा यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

इस समारोह में गणि राजेन्द्र विजय ने कहा कि हम लोग सुखी परिवार अभियान के अंतर्गत अनेक आदिवासी उत्थान की गतिविधियां संचालित कर रहे हैं जिनमें आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य आवासीय माॅडल विद्यालय, बालिकाओं के लिए ब्रह्मसुंदरी कन्या छात्रावास, गौशाला आदि हैं। उन्होंने आजादी के सात दशक बाद भी आदिवासी समुदाय की उपेक्षा पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि आदिवासी केवल वोट की मशीन नहीं हो सकते, उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है। लगातार हो रही उनकी उपेक्षा असहनीय है। देश के ग्यारह करोड़ आदिवासी लोगों की हितों के लिए हम आदिवासी अहिंसा अधिकार यात्रा निकालेंगे ताकि विभिन्न राज्यों एवं केन्द्र सरकार की आदिवासी नीति और नीयत साफ हो। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए आदिवासी संस्कृति एवं जीवनशैली को अक्षुण्ण रखना जरूरी है। सुखी परिवार फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक श्री ललित गर्ग ने कहा कि आज आदिवासी समाज को जागरूक होने की जरूरत है। अक्सर उनका राजनीतिक शोषण होता रहा है। आज सबसे बड़ी अपेक्षा यह है कि आदिवासी अपना मूल्यांकन करना सीखे और खोई प्रतिष्ठा को पुनः अर्जित करे। यह कार्य राजनीति के आधार पर संभव नहीं है। इसके लिए संतपुरुषों एवं संस्कृतिकर्मियों को जागरूक होना होगा और एक सशक्त मंच बनाकर आदिवासी संस्कृति को जीवंत करना होगा। इस अवसर पर जनप्रिय नेता श्री संजय सर्राफ, राजस्थान के लोकनेता श्री गोपाल पहाड़िया, सेंट आर.वी. स्कूल के श्री अनुराग जैन, ज्योतिषविद् श्री राकेश जैन, श्री राहुल वत्स, श्री राजू ओसवाल, श्री रोहित मल्लिक, श्री प्रणव कुमार आदि ने श्री श्याम जाजू का पुष्प गुच्छ, शाॅल के द्वारा स्वागत किया।
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