राजगीर में 11 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे राष्ट्रपति

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पटना 08 जनवरी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 11 जनवरी से राजगीर में शुरू होने वाले नालंदा विश्वविद्यालय के त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे । नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति सुनैना सिंह ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजगीर में 11 जनवरी से शुरू हो रहे अंतरराष्ट्रीय धर्म धम्म सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति श्री कोविंद करेंगे जबकि इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, श्रीलंका के विदेश मंत्री तिलक मरापना और भारत सरकार में विदेश मंत्रालय के अंतर्गत पूर्वी क्षेत्र की सचिव प्रीति शरण भी उपस्थित रहेंगी । श्रीमती सिंह ने कहा कि विश्व में बढ़ते तनाव और टकराव को समाप्त कर शांति एवं सद्भाव कैसे स्थापित किया जाये इसके लिये कई देशों के शिक्षाविद्, विद्वान, विशेषज्ञ और संत समेत सौ से भी अधिक ऐसे लोग हिस्सा लेंगे जिनकी नीति निर्धारण और सरकार चलाने में अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्राय: होने वाले सम्मेलनों से यह सम्मेलन कई मायनों में बिल्कुल अलग है क्योंकि इसमें ऐसे लोग भी प्रमुखता से अपना विचार रखेंगे जो स्वयं सरकार चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । 

कुलपति ने कहा कि इंडिया फाउंडेशन, एशियन इंडिया और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय समेत कई अन्य संस्थाओं से भी सम्मेलन के आयोजन में विश्वविद्यालय को सहयोग मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन में व्यक्त किये गये विद्वानों और विशेषज्ञों के विचार विश्व में शांति और सद्भाव स्थापित करने में लाभदायक सिद्ध होंगे । श्रीमती सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार के इस विश्वविद्यालय को वैश्विक विवादों के समाधान के केन्द्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना के अनुरूप ही इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है । विश्वविद्यालय ने मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप ही इस सम्मेलन का आयोजन कर इसे विश्व में एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित करने का कदम उठाया है । इस सम्मेलन में इंडियन कॉउंसिल फॉर फिलॉसोफिकल रिसर्च के अध्यक्ष प्रोफेसर आर एस भट्ट, नेहरू मेमोरियल म्यूजिम एंड लाइब्रेरी के निदेशक शक्ति सिन्हा, चिन्मया इंटरनेशनल फाउंडेशन के स्वामी अद्वयानंदा और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डा0 मधु खन्ना समेत कई शिक्षाविद् और विद्वान अपना विचार व्यक्त करेंगे । 
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