बिहार : कांग्रेस विधान पार्षद के मानव श्रृंखला में शामिल होने पर विवाद

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पटना 22 जनवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर नशा, दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ कल बनाई गई मानव श्रृंखला में कांग्रेस के विधान पार्षद रामचंद्र भारती के शामिल होने पर पार्टी में विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के विधान पार्षद रामचंद्र भारती कल गांधी मैदान के निकट बनाई गई मानव श्रृंखला में जनता दल यनाईटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के साथ शामिल हुये थे। कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री श्री कुमार के आह्वान पर मानव श्रृंखला बनाये जाने का विरोध करते हुये कहा था कि सरकारी खर्चे पर सिर्फ अपनी छवि चमकाने का यह प्रयास भर है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि पार्टी का मानना है कि करोड़ों रुपये के सरकारी खर्च के जरिये सामाजिक कुरीतियों का अंत नहीं हो सकता। कांग्रेस शुरू से ही बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ रही है और जब पार्टी शासन में थी तब उसने इसके खिलाफ कई कदम भी उठाये थे और कानून भी बनाया था। उन्होंने कहा कि कल मानव श्रृंखला का आयोजन ‘इवेंट मैनेजमेंट’ था जो सिर्फ मुख्यमंत्री श्री कुमार की छवि को चमकाने के लिए किया गया था। 

श्री मिश्रा ने कहा कि श्री भारती जाने-अनजाने मानव श्रृंखला में भाग लिया लेकिन उन्हें इसमें शामिल होने से पहले पार्टी से अनुमति लेनी चाहिए थी। उनका मानना है कि श्री भारती को इससे परहेज करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वैसे श्री भारती विधान परिषद् में राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य हैं, जिनके नाम की अनुशंसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके मंत्रिमंडल ने की थी, हो सकता है कि इसके कारण ही श्री भारती इस आयोजन में शामिल हुये होंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में बढ़ती अलोकप्रियता और मुख्यमंत्री श्री कुमार की घटती विश्वसनीयता जब सामने दिख रही है तो कांग्रेस नेताओं का भाजपा और जदयू के आयोजन में जाना ठीक नहीं है। वैसे भाजपा-जदयू के इस आयोजन में कांग्रेस के किसी भी सदस्य ने हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन जरूरी है और जो भी सदस्य पार्टी से जुड़ें हैं उन्हें अनुशासन का पालन करना चाहिए। इस बीच श्री भारती ने मानव श्रृंखला में शामिल होने पर उपजे विवाद को गैर जरूरी बताया और कहा कि दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ आयोजन में शामिल होने को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भी मुख्यमंत्री श्री कुमार स्वयं यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यह गैर राजनीतिक आयोजन है और इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। 

श्री भारती ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह इतिहास पुरुष हैं। दहेज एवं बाल विवाह के खिलाफ जो अभियान चलाया है, वह सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि अपने दिल की आवाज सुनकर वह मानव श्रृंखला में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि 19वीं शताब्दी में राजाराम मोहन राय ने सती प्रथा समाप्त कराई थी और अब मुख्यमंत्री श्री कुमार दहेज एवं बाल विवाह जैसी कुरीतियां को जड़ से उखाड़ फेंकने में जुटे हैं।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने श्री भारती का समर्थन करते हुये कहा कि उनका मानना है कि लोगों को मतभेद भुलाकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ इस आयोजन का समर्थन करना चाहिए। इसलिए इस मानव श्रृंखला में शामिल होकर श्री भारती ने सही किया है। उल्लेखनीय है कि महागठबंधन में शामिल अन्य महत्वपूर्ण घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी मानव श्रृंखला का विरोध किया था। राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने विरोध करते हुये कहा था कि बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पहले से ही कठोर कानून बने हुये हैं। मुख्यमंत्री श्री कुमार इस मुद्दे को केवल लोगों का ध्यान बंटाने और सरकारी खर्चे पर अपनी छवि चमकाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया था कि क्या शराबबंदी बिहार में पूर्ण रूप से लागू हो चुकी है। पहले से चलाये गये अभियान तो विफल रहा लेकिन नये अभियान चलाने में श्री कुमार हिचक नहीं रहे हैं।
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