बिहार में विकास और समाज सुधार कार्यक्रम साथ चलेंगे : नीतीश

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पटना 21 जनवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में विकास और समाज सुधार के कार्यक्रम साथ-साथ चलाने की घोषणा करते हुये आज कहा कि दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त किये बिना विकास का कोई अर्थ नहीं है। श्री कुमार कुमार ने यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान से दहेज प्रथा एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिये बनायी गयी मानव श्रृंखला की शुरुआत की। इसके बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास और समाज सुधार के कार्यक्रम एक साथ चलाएगी। उन्होंने कहा कि यदि समाज से दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियाें का उन्मूलन नहीं किया गया तो विकास का कोई भी स्तर लाभदायी साबित नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कुरीतियों के उन्मूलन के उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए पिछले तीन महीने से अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बनायी गई मानव श्रृंखला दहेज प्रथा और बाल विवाह को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए लोगों की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि पिछले साल शराबबंदी और नशामुक्ति के समर्थन में बनाई गई मानव श्रृंखला में चार करोड़ से अधिक लोग शामिल हुये थे। इस बार कुरीतियों के खिलाफ बनाई गई में मानव श्रृंखला में चार करोड़ से भी कहीं अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

श्री कुमार ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए देश में कानून होने के बावजूद बड़े पैमाने पर बाल विवाह का प्रचलन है। उसी तरह से दहेज लेना कानूनन गुनाह है, उसके लिए भी कानून बना हुआ है। पहले सम्पन्न परिवारों में दहेज की प्रथा प्रचलित थी, अब धीरे-धीरे आमलोगों के बीच भी यह प्रथा फैल गयी है। ये दोनों सामाजिक कुरीतियां हैं इसलिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 02 अक्टूबर 2017 से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों में जागृति पैदा करने के लिए निरंतर अभियान चलाया गया। इस बार भी 21 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाने को लेकर अपील की गयी और लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पिछले साल की तरह इस बार भी पूरे राज्य में सभी धर्म और मजहब को मानने वाले लोग, सभी जाति-बिरादरी के लोग, स्त्री-पुरुष, युवा, सब लोगों ने बाल विवाह और दहेज के खिलाफ जमकर अपना मत प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार सिर्फ मुख्य सड़कों पर ही मानव श्रृंखला करने का एक आह्वान किया गया था और उसी प्रकार से उसको रेगुलेट करने की कोशिश की गयी थी। मुख्य सड़कों पर मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिये लोगों को चलकर आना पड़ता है इसलिए इस बार रूट में थोड़ा परिवर्तन किया था। लोगों से अपील की गई थी कि वे अपने गांव, कस्बे और मुहल्ले जहां चाहें वहां मानव श्रृंखला बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से संतोष है कि इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों के मन में जागृति आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता है न्याय के साथ विकास की। विकास के जितने काम हैं, वे मजबूती से चल रहें हैं। हर परिवार तक सभी बुनियादी सुविधाएं भी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री कुमार ने कहा कि शराबबंदी और नशामुक्ति का निरंतर अध्ययन चलता रहता है। इस काम को न केवल सरकारी एजेंसी बल्कि स्वतंत्र एजेंसियां भी करती रही हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध सशक्त अभियान चल रहा है। इसका क्या असर पड़ा, इसका भी आकलन निरंतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा जैसी भयंकर सामाजिक कुरीति से छुटकारा मिल सकता है यदि सबलोग मन बना लें कि जो दहेज लेगा उसकी शादी में नहीं जायेंगे। लोगों को बताया जा रहा है और इस स्वनियमन का पालन करें। समाज पर इसके पड़ने वाले असर का भी अध्ययन कराया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद परिवार में शांति का माहौल है और जो लोग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब पीने में गंवा देते थे, उसे आज परिवार के भरण पोषण में लगा रहे हैं। इसका असर स्पष्ट रुप से दिखाई दे रहा है। लोग बचत की राशि रेडिमेड कपड़े, शिक्षा, स्वास्थ्य और घर की जरुरत की चीजों पर खर्च कर रहे हैं। इन सब चीजों की मांग बढ़ी है, जो इस बात को दर्शाता है कि शराब में जो पैसा बर्बाद करते थे, अब वे पैसे अच्छे कामों में खर्च हो रहे हैं। पहले महिलाओं को कई प्रकार की उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता था। इन मामलों में काफी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि एक नया तंत्र विकसित किया जा रहा है। पुलिस में एक महानिरीक्षक या अपर पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में एक तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जायेगा। एक फोन नंबर होगा और ये फोन नंबर गांव-गांव में प्रचारित होगा, जिस पर शराब का धंधा करने वालों या शराबियों के बारे में सूचना दी जा सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इस काम में तेजी से लगा हुआ है। श्री कुमार ने कहा कि कहा कि शराबबंदी के बाद बेरोजगार हुये गांव के लोगों को वैकल्पिक रोजगार दिया जायेगा। उन्होंने पूर्णिया जिले का उदाहरण देते हुये कहा कि कुछ लोग जो पहले शराब का कारोबार करते थे, उनलोगों को प्रेरित करके उनको गाय दिलाई गई। वे अब दूध का कारोबार कर रहे हैं और बहुत ही प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के वैकल्पिक रोजगार से लोगों को जोड़ना है। यह भी अभियान का हिस्सा है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू और पटना की महापौर सीता साहू तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद राजीव प्रताप रूडी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, विधायक संजीव चौरसिया, विधान पार्षद संजय मयूख, विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी, विधायक श्याम रजक के साथ ही कई अन्य नेता मानव श्रृंखला में शामिल हुये।
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