महत्वाकांक्षाओं से भरपूर हैं भारत और आसियान : जेटली

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नयी दिल्ली 23 जनवरी, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारत और आसियान को महत्वाकांक्षाओं से भरपूर दुनिया बताते हुये आज कहा कि इन दोनों के बीच व्यापार बढ़ने से न:न सिर्फ ये समृद्ध होंगे बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ये एक दूसरे के मददगार होंगे। श्री जेटली ने भारतीय उद्योग परिसंघ(सीआईआई) द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय आसियान भारत बिजनेस एंड इंवेस्टमेंट सम्मेलन एवं एक्सपो के समापन सत्र को संबोधित करते हुये कहा कि आज भारत और आसियान की कहानी एक जैसी है। जब पूरी दुनिया मंदी के चपेट में थी तो भारत वैश्विक विकास में मदद कर रहा था और उसी के साथ आसियान की वृद्धि दर भी 4.5 से 5 फीसदी रही थी।  उन्होंने कहा कि जब वैश्विक स्तर पर औद्योगिक क्रांति का लाभ उठाया जा रहा था तब भारत और आसियान उस क्रांति से वंचित थे लेकिन पिछले दो तीन दशक में यह स्थिति बदली है और अब दोनों वैश्विक विकास को गति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आसियान के साथ न:न सिर्फ भौगोलिक तौर पर जुड़े हुये हैं बल्कि बौद्ध धर्म के बल पर धार्मिक रूप से भी जुड़े हुये हैं। अब कारोबारी और व्यापार पर दोनों के बीच आर्थिक संबंध को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी है। भारत और आसियान अभी भी कई मोर्चे में जुझ रहे हैं। श्री जेटली ने कहा कि मंदी के दौरान भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला अर्थव्यवस्था रहा, और जिस गति से आर्थिक विकास जारी है अगले दो तीन दशक में भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा। कहीं भी निवेशक दो तीन दशक के आर्थिक परिदृश्य को देखकर निवेश करते हैं। भारत में अभी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की जरूरत है। इसके साथ घरेलू विनिर्माण को गति दिये जाने के साथ ही सेवा क्षेत्र में भी बहुत संभावनाएं हैं।
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