भारत विश्वगुरु की ओर अग्रसर : श्रम मंत्री राज पालिवार

  • उत्कर्ष 2018 के तहत एसकेएमयू, दुमका में आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव में श्रम मंत्री राज पालिवार ने कहा

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) अखिल भारतीय स्तर पर विश्विद्यालय का नाम हो, इसके लिये वर्तमान कुलपति एसकेएमयू, दुमका डा0 मनोरंजन प्रसाद सिन्हा ने एक कुलपति के रुप में इस विश्वविद्याल के लिये अथक परिश्रम किया है। इस विवि में पहली दफा युवा महोत्वस का आयोजन यह दर्शाता है कि वर्तमान कुलपति विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने के लिये कितना कुछ कर रहे। दिग्घी स्थित एसकेएमयू परिसर में उत्कर्ष 2018 के तहत 08 से 10 जनवरी तक चलने वाले युवा महोत्सव में उपरोक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि श्रम मंत्री, झारखण्ड राज पालिवार ने कही। श्रम मंत्री ने कहा कि झारखण्ड के युवा-युवतियों में वह क्षमता है कि वे राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इस विश्वविद्यालय का नाम रौशन कर सकें। श्री पालिवार ने कहा कि स्टूडेंन्स के लिये यह महोत्सव एक प्लेटफाॅर्म है। इस विश्वविद्यालय ने रोजगार मेला का आयोजन किया। रोजगार मेला का कंसेप्ट श्रम मंत्री के रुप में मेरी थी किन्तु विश्वविद्यालय स्तर पर वर्तमान कुलपति ने इसे हकीकत में बदला है। श्री पालिवार ने कहा अध्यात्म व व्यापार के लिये विश्वगुरु की भूमिका निभा चुका है भारत। विदेशी आक्रमणकारियों ने कितने आक्रमण किये। इस देश में फिर भी हमारी सम्यता, संस्कृति बची रही। हम उसे बचाए रखे। आजाद भारत के बाद देश की बागडोर ऐसे हाथों में चली गइ्र्र थी जो पाश्चात्य सभ्यता-संस्कृति की ओर प्रवृत्त थी। श्रम मंत्री ने कहा 12 जनवरी को स्वामी विवेकानन्द जयंती है। उन्होंने कहा नौजवान मुख्य धारा से भटकने गए। अफजल गुरु जैसे को अपना आदर्श बनाने लगे। उन्होंने कहा हमारी संस्कृति-सभ्यता की जड़ें काफी गहरी हैं। नरेन्द्र मोदी के रुप में देश को एक ऐसा  पीएम मिला है जिसने पूरे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ायी है। भारत फिर से विश्वगुरु की ओर अग्रसर है। यह देश दुनिया के 33 प्रतिशत नौजवानों का देश है। इस देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। अपनी बौद्धिकता से स्वामी विवेकानन्द स्वामी ने शिकागों में पूरे विश्व के लोगों को अपनी सभ्यता-संस्कृति का दार्शनिक पक्ष प्रस्तुत करते हुए उन्हें भारत की ओर आकर्षित किया था। श्रम मंत्री ने कहा हमें अपने संस्कार, सभ्यता-संस्कृति से कोई समझौता नहीं करना है। अपने संबोधन से पूर्व श्रम मंत्री ने उत्कर्ष 2018 का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर कुलपति डा0 मनोरंजन प्र0 सिन्हा, प्रति कुलपति डा0 सत्यनारायण मुण्डा, डीएसडब्ल्यू डा0 गौरव गांगुली व रजिस्ट्रार डी एन सिंह मौजूद थे। कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा कि जिस तरह परिवार व समाज अपनी सभ्यता व  संस्कृति को अक्षुण्ण बचाए रखने के लिये जिम्मेवार है उसी तरह विश्वविद्यालय भी जिम्मेवार है। उन्होंने कहा हमें एक रामकृष्ण परमहंस व एक स्वामी विवेकानन्द की तलाश है।  कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा हम विज्ञान व कला के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ना चाहते हैं। एक साथ चार सौ बच्चों को विश्वविद्यालय परिसर में युवा महोत्सव में देख कर काफी गर्व का अनुभव होता है। उन्होंने कहा आने वाले वर्षो में यह विश्वविद्यालय इतिहास रचेगा।  इस अवसर पर विश्वद्यिालय के प्रशासनिक पदाधिकारियों सहित संताल परगना के विभिन्न जिलों में अवस्थित महाविद्यालयों के सभी प्राचार्य, डिन्स, शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी, छात्र व बड़ी संख्या में अन्य आमंत्रित लोग मौजूद थे। इस अवसर पर ए एस काॅलेज, देवघर के छात्र-छात्राओं ने कव्वाली से मन मोह लिया। देवघर काॅलेज, देवघर व मधुपुर काॅलेज, मधुपुर के छात्र-छात्राओं ने नागपुरी गीत व विहू नृत्य की प्रस्तुती कर पूरे कार्यक्रम में समा बांध दिया। 
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