झारखण्ड : झारखंड का एक जिला कोडरमा सुर्खियों में

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कोडरमा. झारखंड प्रदेश में है 24 जिले. इसमें से एक जिला कोडरमा सुर्खियों में आ गया है. मगर है बेहद दुखदायक. यहां दिखा खुले में शौच का भयानक दुष्परिणाम, खुले में शौच के लिए गयी बच्ची को आवारा कुत्तों ने नोंच-नोंचकर खा गया. स्वच्छ भारत अभियान के तहत पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त करने का अभियान चल रहा है. झारखंड में भी सभी जिलों को जल्द से जल्द खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने की जिला प्रशासन में होड़ मची हुई है. लेकिन, खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके कोडरमा जिले की एक घटना ने पूरे प्रशासन की कलई खोलकर रख दी है. इस जिले में अब भी लोग खुले में शौच तो जाते ही हैं, इसका भयावह दुष्परिणाम भी सामने आ गया है. आज खुले में शौच करने के लिए घर से बाहर गयी बच्ची को लावारिस कुत्तों ने नोंच-नोंच कर खाया और अंतत: बच्ची की मौत हो गयी.  बिहार झारखंड की सीमा पर बसे कोडरमा जिले के मरच्चो की यह बच्ची शौच करने के लिए ही तो घर से बाहर गयी थी. 12 साल की बच्ची को इसी दौरान मरकच्चो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे लावारिस कुत्तों ने घेरकर उस पर हमला कर दिया. उसे खूब नोंचा-खसोटा. इस जीवित बच्ची के शरीर का मांस नोंच-नोंच कर कुत्तों ने खाया. कुत्तों की यातना बच्ची सह नहीं सकी और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया. घटना कोडरमा जिला के मरकच्चो थाना क्षेत्र के दक्षिणी पंचायत स्थित भगवतीडीह गांव की है. वह शौच करने के लिए घर से निकली थी. उसी दौरान बच्ची को लावारिस कुत्तों के झुंड ने नोंच-नोंचकर मार डाला. कुत्तों ने बच्ची के अंग-भंग कर दिये. 

जानकारी के अनुसार, उमेश सिंह की बेटी मधु कुमारी (12) सुबह 8 बजे घर से शौच के लिए निकली थी. वह पास में ही स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र के पास खेत में शौच के लिए गयी. इसी दौरान लावारिस कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया. कुत्तों ने उसके शरीर को कई जगह से नोंच डाला. बच्ची ने अपनी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुत्तों के झुंड के आगे वह बेबस थी. बाद में कुछ बच्चे उधर गये, इसकी तो जानकारी परिजनों को दी. बताया जाता है कि जिस जगह पर यह घटना हुई है, वहां पशुओं के शव फेंके जाते हैं. ऐसे में यहां अक्सर लावारिस कुत्तों का जमावड़ा रहता है. घटना की सूचना मिलते ही मरकच्चो थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. इस संबंध में थाना में केस दर्ज कर लिया गया है. उधर, घटना के बाद बच्ची की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. पिता उमेश सिंह दिल्ली में मजदूरी करते हैं. जैसे ही गांव में लोगों को घटना की सूचना मिली, मृतका के घर के पास काफी संख्या में लोग जमा हो गये. इस घटना के बाद पूरी प्रशासनिक व्यवस्था व सरकारी योजना पर सवाल उठ रहे हैं. घटना उस वक्त हुई है, जब पूरे कोडरमा जिला को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है. हाल ही में जिले को ओडीएफ घोषित करते हुए सेलिब्रेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. बावजूद इसके जिले की अधिकतर आबादी अभी भी खुले में शौच जाती है. कई गांवों में लोगों के घर शौचालय नहीं बने हैं.
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