जननायक कर्पूरी ठाकुर को मिले भारत रत्न : नीतीश

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पटना 24 जनवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से विभूषित करने की अपील करते हुये आज कहा कि इसके लिए राज्य सरकार एक बार फिर प्रस्ताव भेजेगी। श्री कुमार ने यहां जननायक की 94वीं जयंती पर जनता दल यूनाईटेड (जदयू) अति पिछड़ा प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। समारोह को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से विभूषित किया जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है और इसे एक बार फिर भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश स्तर पर कर्पूरी जयंती समारोह आयोजित की जाती थी लेकिन इस वर्ष से राज्य के सभी जिलों में जननायक की जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह जो भी काम करते हैं, उसके प्रेरणास्रोत जननायक रहे हैं। अब बहुत लोग उनकी जयंती मनाने लगे हैं, यह अच्छी बात है, इसमें किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री ठाकुर जब इस दुनिया से विदा हुए तभी से ही हम लोग इस कार्यक्रम को करते आ रहे हैं और यह केवल औपचारिकता मात्र नहीं है बल्कि उनके काम और उनके व्यक्तित्व को लोग समझे, जानें, इसका प्रयास किया जाता है। अगली बार से इस कार्यक्रम का आयोजन बापू सभागार में होगा। श्री कुमार ने कहा कि वर्ष 1977 में जननायक कर्पूरी ठाकुर मुख्यमंत्री थे और उस समय मुंगेरीलाल आयोग बनाकर उन्होंने आरक्षण लागू किया था, जिसके कारण उन्हें कार्यकाल भी पूरा करने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह देश के प्रधानमंत्री थे, उस समय मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गयी थीं। उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा केंद्र सरकार बिहार में श्री ठाकुर ने जिस तरह से आरक्षण लागू किया था, उसे पूरे देश में लागू करेगी। उन्होंने कहा कि आरक्षण प्रेरक की भूमिका निभाता है, जिसके चलते अति पिछड़ों में शिक्षा के प्रति प्रेरणा आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में चाहे कानून का राज कायम करने की बात हो या बुनियादी ढांचे का विकास, पुल-पुलिया निर्माण की बात हो या सड़क निर्माण, उनकी सरकार ने हर क्षेत्र में विकास का काम किया है। इसके अलावा समाज कल्याण का काम भी किया गया है। उन्होंने कहा कि कौन तबका है जिसके लिए विकास नहीं किया गया। अंतिम पायदान पर खड़े हर एक व्यक्ति के लिए हमने काम किया है और यह सब वोट के चक्कर में नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1977 और 1980 में वह चुनाव हार गये थे, उसके बाद से चुनाव जीतते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी भी वोट के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए। श्री कुमार ने कहा कि बिहार के किसी सुदूरवर्ती इलाके से राजधानी पटना पहुंचने के लिए पहले छह घंटे का लक्ष्य रखा गया था, उसे प्राप्त कर लेने के बाद सरकार ने पांच घंटे का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि पहले लोग बिजली आने का सपना देखते थे, बिजली के तार पर कपड़े सुखाते थे और सोचते थे कि शायद कभी बिजली नहीं आएगी लेकिन आज स्थिति यह है कि बिहार के सभी गांव तक बिजली पहुंच चुकी है। जो कुछ टोले बचे हैं, इस साल के अप्रैल तक वहां बिजली पहुंचा दी जाएगी। साथ ही इस साल के अंत तक हर इच्छुक परिवार को बिजली मुहैया कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री कृषि रोड मैप का जिक्र करते हुए कहा कि पांच साल के अंदर कृषि रोड मैप से संबंधित जो विभाग हैं, वह 154000 करोड़ रुपये खर्च कर कृषि के क्षेत्र में निर्धारित किए गए लक्ष्य को हासिल करेगा। सात निश्चय योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर घर शौचालय निर्माण, हर घर नल का जल, हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण जैसी कई बुनियादी सुविधाएं लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार कटिबद्ध है और इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया। साथ ही लड़कियों के लिए साइकिल और पोशाक योजना भी चलाई जा रही है ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर हो सकें। उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक आठ लाख स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा चुका है और सरकार का लक्ष्य दस लाख स्वयं सहायता समूह के गठन का है। श्री कुमार ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ इस वर्ष 21 जनवरी को बनी मानव श्रृंखला बड़ी संख्या में पहुंचकर लोगों ने अपनी भागीदारी देकर अपनी भावना का प्रगटीकरण किया है, इसके लिए वह सभी को बधाई देते हैं। मानव श्रृंखला के बाद भी यह अभियान सशक्त रूप से निरंतर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून को और भी प्रखर बनाया जा रहा है लेकिन शराबबंदी, बाल विवाह और दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर हर व्यक्ति अपने आस-पड़ोस के लोगों को प्रेरित करें और इसकी शुरुआत खुद से करें। सरकारी तंत्र के माध्यम से इस काम को किया जा रहा है लेकिन जनसहभागिता से ही इसमें पूरी कामयाबी मिलेगी। उन्होंने जननायक की जयंती में मौजूद लोगों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि निरंतर इस काम में लगे रहें ताकि राज्य से इन सामाजिक कुरीतियों का खात्मा हो सके।

समारोह को जनता दल यूनाईटेड (जदयू) प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार और विधायक श्याम रजक ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधान पार्षद संजय सिंह उर्फ गांधी जी, विधान पार्षद रणवीर नंदन और विधान पार्षद चंद्रेश्वर प्रसाद चन्द्रवंशी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री कुमार ने बिहार विधानमंडल परिसर में आयोजित राजकीय समारोह और जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के कार्यक्रम में शामिल होकर जननायक की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जननायक की जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में कार्यक्रम आयोजित किये गये। जननायक के पैतृक गांव समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम में भी जयंती मनाई गई। इस अवसर पर भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, जदयू सांसद रामनाथ ठाकुर, जिलाधिकारी प्रणव कुमार, जदयू विधायक राम बालक सिंह, अशोक कुमार मुन्ना, पूर्व सांसद अश्वमेघ देवी समेत विभिन्न राजनीतिक दलो के नेताओं ने कर्पूरी ग्राम स्थित स्मृति भवन मे श्री ठाकुर के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्वांजली दी। इस दौरान कर्पूरी स्मृति भवन परिसर में सर्व धर्म प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
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