लालू यादव को चारा घाटाले में कल सुनाई जायेगी सजा

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रांची 05 जनवरी, बहुचर्चित अरबों रुपये के चारा घोटाले के नियमित मामले 64ए/96 में दोषी करार दिये गये राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत 11 अभियुक्तों की सजा के बिंदुओं पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में आज सुनवाई पूरी हो गई और इन्हें कल सजा सुनाई जाएगी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले 64ए/96 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्री यादव, पूर्व सांसद आर. के. राणा, पूर्व विकास आयुक्त फूलचंद सिंह, पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी महेश प्रसाद, पूर्व ट्रेजरी अधिकारी सुबीर भट्टाचार्य, आपूर्तिकर्ता राजराम जोशी, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, सुनील कुमार सिन्हा, सुशील कुमार सिन्हा, सुनील गांधी और संजय कुमार अग्रवाल की सजा के बिंदुओं पर सुनवाई पूरी हो गई। राजद अध्यक्ष के अधिवक्ता चितरंजन प्रसाद ने बताया कि इस मामले में दोषी करार दिये गये सभी 16 अभियुक्तों को कल ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई जाएगी। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर श्री यादव के साथ मौजूद उनके अधिवक्ता ने अदालत से प्रार्थना करते हुये कहा कि उनके मुवक्किल वृद्ध हैं, हाल ही में उनकी ओपेन हर्ट सर्जरी हुई है और वह कई अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। ऐसे में उनकी उम्र और हालत को ध्यान में रखते हुये उन्हें कम से कम सजा देने पर विचार किया जाये।

विशेष अदालत में कल ‘के’ अल्फाबेट तक के नाम के अभियुक्तों की सजा के बिंदुओं पर ही सुनवाई हुई थी। इसलिए इस मामले में अन्य अभियुक्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी बेक जुलियस, ट्रांसपोर्टर गोपीनाथ दास एवं ज्योति कुमार झा, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा और अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद की सजा के बिंदुओं पर सुनवाई की गई थी। उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले का यह मामला देवघर कोषागार से 89 लाख रुपये से अधिक की अवैध निकासी का है। सीबीआई ने इस मामले में 15 मई 1996 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी तथा 28 मई 2004 को आरोप पत्र दायर किया था। इस मामले में 26 सितंबर 2005 को आरोप गठन किया गया था। इस मामले में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने पशु चारा और दवा के नाम पर अवैध निकासी की थी। इसके लिए फर्जी आवंटन आदेश का इस्तेमाल किया था। जांच से बचने के लिए टुकड़ों-टुकड़ों में 10 हजार रुपये से कम का बिल ट्रेजरी में पेश किया था। इस मामले में पिछले वर्ष 23 दिसंबर को अदालत ने राजद अध्यक्ष श्री यादव, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व विधायक आर. के. राणा, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी फूलचंद सिंह, बेक जुलियस एवं महेश प्रसाद के अलावा अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, सुबीर भट्टाचार्य,सप्लायर और ट्रांसपोर्टर त्रिपुरारी मोहन, सुशील सिंह, सुनील सिंह, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय अग्रवाल, ज्योति कुमार झा और सुनील गांधी को भारतीय दंड विधान की धारा 420, 467, 468, 477 ए और 120 बी के तहत दोषी करार दिया था। वहीं, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र, पूर्व पशुपालन मंत्री विद्यासागर निषाद, लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, प्रशासनिक अधिकारी ए. सी. चौधरी के अलावा सप्लायर और ट्रांसपोर्टर सरस्वती चंद्रा तथा साधना सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
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