महाबोधि मंदिर दहलाने की साजिश की जांच के लिए पहुंची एनआईए की टीम

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गया 20 जनवरी, बिहार के प्रमुख बौद्ध पर्यटक स्थल बोधगया में विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर के पीछे एक कम शक्ति के विस्फोट और उसके बाद दो बमों की बरामदगी के बाद आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) की टीम इस मामले में आतंकी साजिशों की पड़ताल के लिए बोधगया पहुंच गयी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कल देर शाम मंदिर परिसर की सफाई के क्रम में महाबोधि मंदिर के गेट संख्या-4 के पास से एक लावारिस थैला मिला। जब वहां तैनात बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) के हवलदार उपेंद्र प्रसाद राय ने संदिग्ध थैले को देखा तो स्कैनर से उसकी जांच कराई। जांच में उस थैले में विस्फोटक होने की पुष्टि हो गई। इसके बाद परिसर में गहनता से जांच की गयी तब श्रीलंका के मठ के पास से एक अन्य विस्फोटक बरामद हुआ । केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटकों को अपने कब्जे में लेते हुए उसे वहां से तत्काल हटा दिया। जांच के क्रम में ही पता चला कि महाबोधि मंदिर परिसर के पीछे चाय की दुकान में कम शक्ति का विस्फोट हुआ था जिसे पहले पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। दो विस्फोटक बरामद होने के बाद चाय दुकान में हुए विस्फोट की जांच की गयी तब पता चला कि वह भी कम शक्ति का विस्फोटक था जिसमें तार लगे थे। इस बीच राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एस.के.सिंघल ने यूनीवार्ता से बातचीत में बताया कि पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एनआईए की तीन सदस्यीय जांच टीम बोधगया पहुंच गयी है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) का विस्फोटक विशेषज्ञ भी शामिल है। उन्होंने बताया कि एनआईए के दो और अधिकारी बोध गया के रास्ते में हैं। एनआईए के सदस्य नई दिल्ली और लखनऊ से पहुंचे हैं।

श्री सिंघल ने बताया कि बरामद विस्फोटकों को फल्गू नदी के बालू पर सुरक्षित रखा गया है ताकि एनआईए की टीम विस्फोटक की जांच कर सकें । उन्होंने बताया कि एनआईए टीम इस बात का भी पता लगायेगी कि इसके पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ तो नहीं है। उधर बरामद विस्फोटकों की जांच करने पहुंची एनआईए की टीम ने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक नैयर हसनैन खां, मगध प्रमंडल के आयुक्त जितेन्द्र श्रीवास्तव, पुलिस उप महानिरीक्षक विनय कुमार, गया के जिलाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। पटना प्रक्षेत्र के आईजी नैयर हसनैन खान ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बोधगया में दो जगहों से विस्फोटक बरामद हुआ है। एनआईए की टीम जब विस्फोटकों की जांच कर लेगी तब उसके बाद उसे निष्क्रिय किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि विस्फोटक को किसके द्वारा रखा गया था । इसके लिए महाबोधि मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। इस घटना के पीछे जो लोग भी हैं उन्हें पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। 

एनआइए टीम के सदस्य महाबोधि मंदिर गए। जहां उन्होंने महाबोधि मंदिर में विस्फोटक रखे गये स्थल की जांच की। इससे पूर्व कोबरा डॉग स्क्वायड की टीम भी महाबोधि मंदिर पहुंची थी और वहां छानबीन की थी। उधर इस घटना के बाद से महाबोधि मंदिर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा दलाईलामा के आवासन स्थल एवं कालचक्र मैदान, जहां दलाई लामा प्रवचन देते हैं दोनों स्थलों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। बोधगया प्रवेश करने वाले सभी मुख्य सड़क पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और आने जाने वाले सभी लोगों की गहन जांच की जा रही है।  इस बीच मौके का मगध प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक विनय कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक ने भी जायजा लिया। सुश्री मलिक ने लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु को नहीं छूने की अपील की और कहा कि यदि कोई संदिग्ध वस्तु दिखता है तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें । गौरतलब है कि विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर समेत बोधगया के कई हिस्सों में 07 जुलाई 2013 को सीरियल ब्लास्ट हुए थे। सीरियल धमाकों को इंडियन मुजाहिदीन आतंकी संगठन ने अंजाम दिया था। बम धामकों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई थी।
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