पदम् पुरस्कारों में पारदर्शिता आयी है : प्रधानमंत्री

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नयी दिल्ली 28 जनवरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पदम् पुरस्कारों को प्रदान करने में पूरी तरह से पारदर्शिता आ गयी है और इनसे आम आदमी को सम्मानित किया जा रहा है। श्री मोदी ने आकाशवाणी पर अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 40 वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में महान लोग मौजूद हैं और चुपचाप समाज को बदलने का कार्य कर रहे हैं। सरकार ऐसे लोगों को सम्मानित कर रही है और उनको पदम् पुरस्कार दिए जा रहे हैं। देश में सामान्य व्यक्ति बिना किसी सिफ़ारिश के ऊँचाइयों तक पहुँच रहे हैं। उन्होेंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में पदम् पुरस्कार प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया बदल गई है। कोई भी नागरिक किसी को भी नामित कर सकता है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाने से इसमें पारदर्शिता आ गई है। इन पुरस्कारों की चयन-प्रक्रिया का पूरा बदलाव हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत सामान्य लोगों को पद्म-पुरस्कार मिल रहे हैं। ऐसे लोगों को पद्म-पुरस्कार दिए गए हैं, जो बहुत प्रसिद्ध नहीं है। पुरस्कार देने के लिए व्यक्ति की पहचान नहीं, काम का महत्व बढ़ रहा है। श्री मोदी ने इसके लिए विज्ञान संबंधी खिलौने बनाने वाले महाराष्ट्र के अरविंद गुप्ता, महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली कर्नाटक की सितावा जोद्दती, आदिवासी पेंटिंग बनाने वाले मध्य प्रदेश के भज्जू श्याम, जड़ी बूटियों से दवा बनाने वाली केरल की आदिवासी महिला लक्ष्मीकुट्टी और गरीबों के लिए अस्पताल बनाने वाली पश्चिम बंगाल की 75 वर्षीय सुभासिनी मिस्त्री का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज के लिए काम करने वाले लोगों के अनुभवों का लाभ लेने के लिए उन्हें स्कूलों और काॅलेजों में बुलाना चाहिए।
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