तीन तलाक पर राज्यसभा में आज भी बना रहा गतिरोध


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नयी दिल्ली 04 जनवरी, तीन तलाक विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने के मुद्दे पर आज भी राज्यसभा में गतिरोध बना रहा है और विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। भाेजनावकाश के बाद ‘ देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर’ अल्पकालिक चर्चा संपन्न होने के बाद कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल और तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदू शेखर राय ने तीन तलाक विधयेक को प्रवर समिति को भेजे जाने के प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया शुरू करने और इस पर मतदान कराने की मांग की। सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सदन में गतिरोध बन गया है और इसका समाधान यह है कि विपक्ष के सुझाव को सरकार मान ले तथा तीन तलाक के मामले में जेल जाने वाले व्यक्ति की पत्नी और उसके बच्चों के गुजारे के लिए सरकार व्यवस्था करे तो विपक्ष मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2017 का समर्थन करने के लिए तैयार है। विपक्ष की सामान्य सी मांग है कि इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजा जाना चाहिए। उन्होेंने कहा कि विपक्ष इस विधेयक के समर्थन में हैं और तीन तलाक प्रथा के पूरी तरह से खिलाफ है लेकिन मुस्लिम महिलाओं के हितों का संरक्षण होना चाहिए। इस पर सदन के नेता अरुण जेटली ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को सदन में रखे जाने में नियमों और प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। इसलिए ये प्रस्ताव वैध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में समिति में शामिल होने वाले सदस्यों के नाम घोषित किए गए और इनमें सत्ता पक्ष का एक भी सदस्य नहीं है। इस तरह से समिति का गठन करने की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हाेंने कहा कि जो लोग विधेयक में अडंगा डालते हो उन्हें समिति में शामिल नहीं किया जा सकता। श्री जेटली ने उप सभापति पी जे कुरियन से इस मामले में व्यवस्था देने का अनुरोध किया तो श्री कुरियन ने विपक्ष के इस प्रस्ताव को वैध बताया और कहा कि यह अब सदन की संपत्ति है और सत्ता पक्ष और विपक्ष को इस पर फैसला लेना है तथा इसमे सभापति की कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने श्री कुरियन से अनुरोध किया कि अब वे कार्यसूची के अनुरूप कार्यवाही चलाए। इसका विपक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया और कहा कि पहले अधूरे कार्य को पूरा किया जाना चाहिए। विपक्ष के सभी सदस्य अपने स्थानाें पर खड़े हो गए और जोर जोर से बोलने लगे। सदन में जारी हंगामे को शांत करने का प्रयास करते हुए श्री कुरियन ने कहा कि अगर सत्ता पक्ष अौर विपक्ष के बीच कामकाज को लेकर सहमति नहीं हो तो उन्हें कार्यसूची के अनुरूप चलना पड़ेगा। उन्होंने वस्तु एवं सेवाकर (राज्यों को क्षतिपूर्ति) संशोधन विधेयक 2017 पर चर्चा शुरू करने लिए कांग्रेस के टी सुब्बारामी रेड्डी का नाम पुकारा तो कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी , समाजवादी पार्टी के सदस्य नारे लगाते हुए सभापति के आसन के समक्ष बढ़ने लगे। स्थिति को देखते हुए श्री कुरियन की सदन की कार्यवाही कल तक लिए स्थगित कर दी। विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कल इस विधेयक को हंगामे के बीच सदन में पेश किया था और विपक्ष ने इसे प्रवर समिति के पास भेजे जाने की मांग की थी तथा इस संबंध में श्री शर्मा और श्री रॉय ने सदन में प्रस्ताव भी पेश किया था। इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए मत विभाजन की मांग की थी। लेकिन श्री जेटली ने इन प्रस्तावों को यह कहते हुये खारिज कर दिया था कि इसमें नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। लेकिन विपक्ष उसे प्रवर समिति को भेजने पर अड़ा रहा और भारी हंगामा किया जिसके कारण कल भी सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी थी।

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